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उद्योग मंत्री से मिले माइंस संचालक
Updated Fri, 01 Jun 2018 11:46 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सिरमौर माइंस ऑनर एसोसिएशन कमरऊ ने प्रदेश सरकार व उद्योग मंत्री से बंद पड़ी खदानों को खुलवाने की मांग रखी है जिससे गिरिपार के प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े करीब 15 हजार लोगों को रोजगार मिल सके। उद्योग मंत्री ने प्रदेश सरकार की तरफ से हर संभव प्रयास का आश्वासन दिया है।
बुधवार को माइंस ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष मीत सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह से मिला। एसोसिएशन के अध्यक्ष मीत सिंह ठाकुर, राजेंद्र प्रसाद तिवारी, चतर सिंह तोमर, तपेंद्र सिंह ठाकुर, फतेह सिंह, बहादुर सिंह, खतरी राम, सुरेंद्र सिंह व दलीप तोमर समेत खनन मालिकों ने कहा कि 20 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत 80 के दशक में चूना पत्थरों के करीब 63 खनन पट्टे स्थानीय लोगों को दिए गए थे। इससे प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रुप से करीब 15000लोगों को रोजगार मिल रहा था।
गिरिपार की सतौन चूना पत्थर मंडी कभी एशिया की सबसे बड़ी मंडी रही है, जहां से नेपाल व बंगलादेश तक चूना पत्थर निर्यात किया जाता था लेकिन खदानें बंद होने से आज हालात यह हो गए कि पड़ोसी मुलक पाकिस्तान से पांवटा चूना पत्थर आयात हो रहा है। बंद पड़ी खदानों को फिर से खोला जाए।
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उधर, उद्योग तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि मामला प्रदेश सरकार के संज्ञान में है। सरकार की तरफ से समाधान करने का आश्वासन दिया गया है।
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। सिरमौर माइंस ऑनर एसोसिएशन कमरऊ ने प्रदेश सरकार व उद्योग मंत्री से बंद पड़ी खदानों को खुलवाने की मांग रखी है जिससे गिरिपार के प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े करीब 15 हजार लोगों को रोजगार मिल सके। उद्योग मंत्री ने प्रदेश सरकार की तरफ से हर संभव प्रयास का आश्वासन दिया है।
बुधवार को माइंस ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष मीत सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह से मिला। एसोसिएशन के अध्यक्ष मीत सिंह ठाकुर, राजेंद्र प्रसाद तिवारी, चतर सिंह तोमर, तपेंद्र सिंह ठाकुर, फतेह सिंह, बहादुर सिंह, खतरी राम, सुरेंद्र सिंह व दलीप तोमर समेत खनन मालिकों ने कहा कि 20 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत 80 के दशक में चूना पत्थरों के करीब 63 खनन पट्टे स्थानीय लोगों को दिए गए थे। इससे प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रुप से करीब 15000लोगों को रोजगार मिल रहा था।
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गिरिपार की सतौन चूना पत्थर मंडी कभी एशिया की सबसे बड़ी मंडी रही है, जहां से नेपाल व बंगलादेश तक चूना पत्थर निर्यात किया जाता था लेकिन खदानें बंद होने से आज हालात यह हो गए कि पड़ोसी मुलक पाकिस्तान से पांवटा चूना पत्थर आयात हो रहा है। बंद पड़ी खदानों को फिर से खोला जाए।
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उधर, उद्योग तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि मामला प्रदेश सरकार के संज्ञान में है। सरकार की तरफ से समाधान करने का आश्वासन दिया गया है।
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