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नाहन में बेअसर हुआ धरतीपुत्र का नारा
Updated Tue, 19 Dec 2017 12:01 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
नाहन विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के दिग्गज नेता डॉ. राजीव बिंदल ने अपना जादू बरकरार रखा। उनकी चालों के आगे कांग्रेस की एक नहीं चल पाई। चुनावों में कांग्रेस द्वारा जोर शोर से उठाया गया धरती पुत्र का नारा भी कुछ करिश्मा नहीं कर पाया।
कांग्रेस प्रत्याशी अजय सोलंकी आखिरी दौर के मतों की गिनती तक जीत की संभावनाओं को जिंदा रखे रहे लेकिन अंत में जीत भाजपा के ही हाथ लगी। सनद् रहे कि इस बार कांग्रेस ने नए प्रत्याशी अजय सोलंकी को मैदान में उतारा था। उनके उम्मीदवार घोषित होने के साथ ही कांग्रेस समर्थकों ने क्षेत्र में धरतीपुत्र का नारा जोर-शोर से बुलंद कर दिया। इसे कांग्रेस का एक बड़ा दांव माना जा रहा था।
लोगों में इस नारे के प्रति झुकाव भी खूब दिखा लेकिन राजनीति के माहिर खिलाड़ी डॉ. बिंदल इस खतरे को समय रहते ही भांप गए जिसके चलते भाजपा प्रत्याशी डॉ. राजीव बिंदल ने हिमाचल निर्माता के पौत्र एवं पूर्व विधायक कुश परमार के पुत्र चेतन परमार को भाजपा शामिल करवा दिया।
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यही नहीं धरतीपुत्र का नारा बुलंद होते देख अपने कट्टर विरोधी रहे नाहन के पूर्व विधायक सदानंद चौहान के परिजनों को भी वह भाजपा में शामिल करवाने में सफल रहे। उनके द्वारा सियासत की शतरंज में फीट गई इन गोटियों का असर यह रहा कि वह कड़े मुकाबले में चार हजार से अधिक मतों से इस चुनाव को जितने में सफल रहे।
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नाहन (सिरमौर)।
नाहन विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के दिग्गज नेता डॉ. राजीव बिंदल ने अपना जादू बरकरार रखा। उनकी चालों के आगे कांग्रेस की एक नहीं चल पाई। चुनावों में कांग्रेस द्वारा जोर शोर से उठाया गया धरती पुत्र का नारा भी कुछ करिश्मा नहीं कर पाया।
कांग्रेस प्रत्याशी अजय सोलंकी आखिरी दौर के मतों की गिनती तक जीत की संभावनाओं को जिंदा रखे रहे लेकिन अंत में जीत भाजपा के ही हाथ लगी। सनद् रहे कि इस बार कांग्रेस ने नए प्रत्याशी अजय सोलंकी को मैदान में उतारा था। उनके उम्मीदवार घोषित होने के साथ ही कांग्रेस समर्थकों ने क्षेत्र में धरतीपुत्र का नारा जोर-शोर से बुलंद कर दिया। इसे कांग्रेस का एक बड़ा दांव माना जा रहा था।
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लोगों में इस नारे के प्रति झुकाव भी खूब दिखा लेकिन राजनीति के माहिर खिलाड़ी डॉ. बिंदल इस खतरे को समय रहते ही भांप गए जिसके चलते भाजपा प्रत्याशी डॉ. राजीव बिंदल ने हिमाचल निर्माता के पौत्र एवं पूर्व विधायक कुश परमार के पुत्र चेतन परमार को भाजपा शामिल करवा दिया।
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यही नहीं धरतीपुत्र का नारा बुलंद होते देख अपने कट्टर विरोधी रहे नाहन के पूर्व विधायक सदानंद चौहान के परिजनों को भी वह भाजपा में शामिल करवाने में सफल रहे। उनके द्वारा सियासत की शतरंज में फीट गई इन गोटियों का असर यह रहा कि वह कड़े मुकाबले में चार हजार से अधिक मतों से इस चुनाव को जितने में सफल रहे।