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फिर बिगड़े मौसम के मिजाज, लोगों की बढ़ीं दुश्वारियां
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अमर उजाला ब्यूरो
नौहराधार (सिरमौर)।
जनपद सिरमौर के ऊंचाई वाले इलाकों में एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ गया है। पहले ही इलाके के ग्रामीणों का जीवन अभी तक पटरी पर नहीं लौटा है। वहीं फिर से मौसम के बिगड़े तेवरों ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। वीरवार को चूड़धार में ताजा बर्फबारी हुई तो वहीं नौहराधार और हरिपुरधार में जमकर बारिश हुई। बर्फीली हवाओं और बारिश से तापमान में भारी गिरावट आई है। नौहराधार और हरिपुरधार का अधिकतम तापमान तीन डिग्री और न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। इससे ठंड में काफी इजाफा हो गया है। मौसम के करवट बदलने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अभी तक सिरमौर जिले की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार में 12 से 14 फीट बर्फ जमा हो गई है। वहीं निचली मध्यम पहाड़ियां भी बर्फ से लकदक हैं। हरिपुरधार क्षेत्र के दियुडी खडाह, सेल गताधार आदि नौहराधार शिक्षा खंड के अधिकतर पाठशालाएं ऐसी हैं, जहां पर पिछली बर्फ भी नहीं पिघली है। ऐसे में बच्चों के स्कूल जाने में दिक्कतें पेश आ रही है। स्कूली बच्चों की मुश्किलें दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। आजकल ठंड के प्रकोप से 10 फीसदी बच्चे स्कूल पहुंच रहे हैं। चूड़धार मंदिर में पुजारी कमलानंद जी महाराज ने बताया कि यहां पर सोमवार से लगातार बर्फबारी हो रही है। पिछली बर्फ भी अभी 12 से 14 फीट जमा है। इसके ऊपर तीन फीट से ज्यादा बर्फबारी हो चुकी है। कमलानंद जी महाराज ने लोगों से आग्रह किया है वह यहां आने से परहेज करें। श्रद्घालु ऐसे समय में किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं। अपने घरों में सुरक्षित रहें।
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नौहराधार (सिरमौर)।
जनपद सिरमौर के ऊंचाई वाले इलाकों में एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ गया है। पहले ही इलाके के ग्रामीणों का जीवन अभी तक पटरी पर नहीं लौटा है। वहीं फिर से मौसम के बिगड़े तेवरों ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। वीरवार को चूड़धार में ताजा बर्फबारी हुई तो वहीं नौहराधार और हरिपुरधार में जमकर बारिश हुई। बर्फीली हवाओं और बारिश से तापमान में भारी गिरावट आई है। नौहराधार और हरिपुरधार का अधिकतम तापमान तीन डिग्री और न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। इससे ठंड में काफी इजाफा हो गया है। मौसम के करवट बदलने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अभी तक सिरमौर जिले की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार में 12 से 14 फीट बर्फ जमा हो गई है। वहीं निचली मध्यम पहाड़ियां भी बर्फ से लकदक हैं। हरिपुरधार क्षेत्र के दियुडी खडाह, सेल गताधार आदि नौहराधार शिक्षा खंड के अधिकतर पाठशालाएं ऐसी हैं, जहां पर पिछली बर्फ भी नहीं पिघली है। ऐसे में बच्चों के स्कूल जाने में दिक्कतें पेश आ रही है। स्कूली बच्चों की मुश्किलें दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। आजकल ठंड के प्रकोप से 10 फीसदी बच्चे स्कूल पहुंच रहे हैं। चूड़धार मंदिर में पुजारी कमलानंद जी महाराज ने बताया कि यहां पर सोमवार से लगातार बर्फबारी हो रही है। पिछली बर्फ भी अभी 12 से 14 फीट जमा है। इसके ऊपर तीन फीट से ज्यादा बर्फबारी हो चुकी है। कमलानंद जी महाराज ने लोगों से आग्रह किया है वह यहां आने से परहेज करें। श्रद्घालु ऐसे समय में किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं। अपने घरों में सुरक्षित रहें।