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कई पंचायतों में कोरम अधूरा, कैसे होगा विकास
Updated Sun, 08 Jul 2018 10:28 PM IST
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योगेंद्र अग्रवाल
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ददाहू (सिरमौर)। पंचायतों के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे लोगों को ही पंचायतों की परवाह नहीं है। पंचायतों के माध्यम से सरकार की कई योजनाओं का लाभ उठाने वाले लोग ही ग्राम सभाओं की बैठकों से नदारद हो रहे हैं। इसका सीधा प्रभाव पंचायतों के विकास पर पड़ रहा है। ऐसे लोग जो बीपीएल परिवारों की श्रेणी में होने के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सस्ता राशन और अन्य कई सुविधाएं प्राप्त कर रहे हैं, वे भी ग्राम सभा की बैठकों का हिस्सा नहीं बन रहे हैं।
लिहाजा, कोरम पूरा न होने के कारण ग्राम सभाओं को निरंतर भंग करना पड़ रहा है। इसका असर पंचायत की प्रस्तावित योजनाओं और विकास कार्यों पर भी पड़ रहा है। पंचायतों में अधिकतर कार्य ऐसे हैं जो ग्रामसभा की स्वीकृति के बिना नहीं किए जा सकते लेकिन ग्रामसभा में पारित होने वाले कार्यों के लिए कोरम का पूरा होना बेहद जरूरी है। कोरम पूरा न होने की सूरत में ग्रामसभा को स्थगित करने का प्रावधान है। ऐसे में पंचायतों के प्रस्तावित कार्य रुक रहे हैं और उन्हें पूरा कराने के लिए फिर से वही लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
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10-15 फीसदी लोग ही पहुंच रहे बैठक में
रविवार को संगड़ाह ब्लॉक की 14 और नाहन ब्लॉक की आठ पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। लेकिन इनमें से अधिकतर पंचायतों में महज 10-15 फीसदी लोगों ने ही हिस्सा लिया। इससे पंचायतों का कोरम पूरा नहीं हो पाया, जिससे प्रस्तावित योजनाओं को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। यदि इन ग्राम सभाओं में बीपीएल और खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ उठाने वाले लोग ही शामिल होते तो भी कोरम आसानी से पूरा हो सकता था।
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कार्रवाई का प्रावधान नहीं
बीडीओ नाहन अनूप शर्मा ने बताया कि ग्रामसभा की पूर्व में ही सभी को सूचना दी जाती है। सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने वाले परिवार से एक व्यक्ति का ग्रामसभा का हिस्सा बनना जरूरी है। सरकार की ओर से ऐसी लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई का कोई प्रावधान नहीं है।