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टिकट की दौड़ में शामिल नेताओं को मनाने में जुटे प्रत्याशी
Updated Sun, 22 Oct 2017 08:40 PM IST
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bawana election
- फोटो : अमर उजाला
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पांवटा साहिब (सिरमौर)।विधानसभा चुनाव की बिसात सज गई है। पांवटा में मुकाबला रोचक होने के आसार बन गए हैं। दोनों ही दलों के प्रत्याशी पूरे 5 वर्ष जनता के बीच डटे रहे। कांग्रेस से चौधरी किरनेश जंग व भाजपा से सुखराम चौधरी को पार्टी टिकट मिला है लेकिन टिकट नहीं मिलने से खफा चल रहे नेता दोनों ही प्रत्याशियों के लिए सिर दर्द बन गए हैं। दोनों को टिकटार्थियों के भागी होने का खतरा है। लिहाजा, दोनों नेता टिकट की दौड़ में शामिल नेताओं को मनाने की जुगत में हैं।
वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में पांवटा विधानसभा क्षेत्र से टिकट कटने के बाद निर्दलीय मैदान में उतरे चौधरी किरनेश जंग ने पूर्व सीपीएस रहे भाजपा नेता सुखराम चौधरी को 790 मतों से हराया था। उन्होंने विधायक बनने के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की सरकार को समर्थन दिया। इसी के बूते वह इस बार कांग्रेस पार्टी से टिकट लेने में सफल रहे। कांग्रेस से 9 नेताओं ने दावेदारी की थी।
दिल्ली से लौटने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी ने दावेदार नेताओं व कार्यकर्ताओं को मनाने में खासा जोर लगा दिया है। कुछ नेताओं को साथ जोड़ने में सफल भी हुए हैं। वहीं पूर्व सीपीएस सुखराम चौधरी को पांवटा विस क्षेत्र से भाजपा का टिकट मिला है। शुक्रवार को भीड़ जुटा कर पूरे जोर शोर से भाजपा प्रत्याशी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है।
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भाजपा टिकट के प्रबल दावेदार रहे भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मदन मोहन शर्मा व बाहती समुदाय से उभरे नेता रोशन लाल चौधरी ने इस बार टिकट के लिए दावेदारी ठोकी थी। भाजपा प्रत्याशी के लिए दोनों दावेदार नेताओं व नाराज चल रहे वरिष्ठ नेताओं को साथ जोड़ने में चौधरी जुटे हैं। इस बारे में चर्चा की जा रही है।
बाक्स..
नाराज नेता बना रहे निर्दलीय उतारने को रणनीति
पांवटा (सिरमौर)। भाजपा व कांग्रेस के कुछ नाराज चल रहे नेता व कार्यकर्ता कोई एक निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतारने की रणनीति बना रहे हैं। दोनों ही राजनीतिक संगठनों के टिकट के दावेदार नेताओं व वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की बैठकों का दौर जारी है। हालांकि, निर्दलीय नेता पर सहमति नहीं बन पा रही। नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन सोमवार को ही स्थिति साफ हो सकेगी।
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वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में पांवटा विधानसभा क्षेत्र से टिकट कटने के बाद निर्दलीय मैदान में उतरे चौधरी किरनेश जंग ने पूर्व सीपीएस रहे भाजपा नेता सुखराम चौधरी को 790 मतों से हराया था। उन्होंने विधायक बनने के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की सरकार को समर्थन दिया। इसी के बूते वह इस बार कांग्रेस पार्टी से टिकट लेने में सफल रहे। कांग्रेस से 9 नेताओं ने दावेदारी की थी।
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दिल्ली से लौटने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी ने दावेदार नेताओं व कार्यकर्ताओं को मनाने में खासा जोर लगा दिया है। कुछ नेताओं को साथ जोड़ने में सफल भी हुए हैं। वहीं पूर्व सीपीएस सुखराम चौधरी को पांवटा विस क्षेत्र से भाजपा का टिकट मिला है। शुक्रवार को भीड़ जुटा कर पूरे जोर शोर से भाजपा प्रत्याशी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है।
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भाजपा टिकट के प्रबल दावेदार रहे भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मदन मोहन शर्मा व बाहती समुदाय से उभरे नेता रोशन लाल चौधरी ने इस बार टिकट के लिए दावेदारी ठोकी थी। भाजपा प्रत्याशी के लिए दोनों दावेदार नेताओं व नाराज चल रहे वरिष्ठ नेताओं को साथ जोड़ने में चौधरी जुटे हैं। इस बारे में चर्चा की जा रही है।
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नाराज नेता बना रहे निर्दलीय उतारने को रणनीति
पांवटा (सिरमौर)। भाजपा व कांग्रेस के कुछ नाराज चल रहे नेता व कार्यकर्ता कोई एक निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतारने की रणनीति बना रहे हैं। दोनों ही राजनीतिक संगठनों के टिकट के दावेदार नेताओं व वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की बैठकों का दौर जारी है। हालांकि, निर्दलीय नेता पर सहमति नहीं बन पा रही। नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन सोमवार को ही स्थिति साफ हो सकेगी।