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मिड-डे-मील नहीं, बंट रहा नमकीन और बिस्कुट
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मिड-डे-मील की जगह बंट रहा नमकीन और बिस्कुट
शरली स्कूल में भोजन पकाने के लिए नहीं पानी
छह दिन से नौनिहाल झेल रहे भारी परेशानी
राजपाल शर्मा
सतौन (सिरमौर)। रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून...। रहीम का यह दोहा वर्तमान परिपेक्ष्य में खरा उतर रहा है। वजह कोई भी हो लेकिन, नसीहत सभी के लिए समान है। सिरमौर के एक स्कूल में बिना पानी के मिड-डे-मील पकाना तो दूर, पीने को भी पानी नहीं है। यह सिलसिला पिछले छह दिन से जारी है। बिना पानी के जब मिड-डे-मील पकाना नामुमिकन हो गया तो नौनिहालों को अब नमकीन और बिस्कुट बंट रहा है। जी हां! गिरिपार के मस्तभोज इलाके में चल रहे शरली स्कूल में नौनिहाल भोजन की जगह नमकीन और बिस्कुट से पेट भर रहे हैं। मस्तभोज क्षेत्र की प्राथमिक पाठशाला और माध्यमिक पाठशाला शरली में पानी की सप्लाई पांच-छह दिन से ठप है। रावमापा शरली में गांव से पानी मांगकर मिड-डे-मील का खाना बनाना पड़ रहा है। जबकि, प्राथमिक पाठशाला शरली में स्कूल के बच्चों को मिड-डे-मील की जगह नमकीन बिस्कुट से काम चलाया जा रहा है। जहां नेता इन दिनों चुनाव में व्यस्त हैं, वहीं जनता इस गर्मी में बिना पानी के बेहाल है। अधिकारियों को शिकायत की गई है बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हो रही। स्कूल के अलावा शरली गांव में भी पानी की समस्या बनी हुई है। ग्रामीण ओमप्रकाश, खत्रीराम, ग्यारूराम, बहादुर सिंह, तेलुराम, विद्या देवी, अतरो देवी, रक्षा देवी और कांता देवी ने बताया कि गर्मी का मौसम शुरू होते ही पानी की समस्या विकराल हो जाती है। उठाऊ पेयजल स्कीम महीने में दो तीन बार खराब हो चुकी है। गांव के लिए बनी प्रवाह पेयजल योजना से शरली गांव में 15 सालों से पानी नहीं आ रहा है। केवल गुद्दी गांव तक ही पानी की सप्लाई पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूली बच्चों को भी पानी नहीं मिल रहा है। जो बोतलें घर से भरकर ले जाते हैं, वे स्कूल पहुंचते-पहुंचते खत्म हो जाती हैं। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यार्थियों के साथ मिलकर विभाग के खिलाफ धरना दिया जाएगा। ग्रामीणों ने विभाग के मुख्य अभियंता शिमला को भी इसकी शिकायत की है। उधर, सहायक अभियंता बुद्धि सिंह ने बताया कि समस्या को जल्द दूर किया जाएगा।
स्कूल में पानी की समस्या पांच-छह दिन से है। पहले गांव से पानी लाकर मिड-डे-मील बनाया जा रहा था। गांव में भी पानी की समस्या है। ऐसे में नौनिहालों को नमकीन और बिस्कुट दिए जा रहे हैं। प्राथमिक स्कूल में कुल 71 बच्चे अध्ययनरत हैं।
- खजान सिंह, प्रभारी, प्राथमिक पाठशाला शरली
पानी की समस्या कई दिन से हो रही है। बच्चों को पानी घरों से लाना पड़ रहा है। मिड-डे-मील कार्यकर्ता गांव से पानी मांग कर ला रहे हैं। समस्या के बारे में विभाग को सूचित किया है। वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कुल 155 बच्चे हैं। इनमें से मिडल के 65 बच्चों के लिए मिड-डे-मील पकता है।
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- बलवंत सिंह, प्रधानाचार्य, रावमापा शरली
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शरली स्कूल में भोजन पकाने के लिए नहीं पानी
छह दिन से नौनिहाल झेल रहे भारी परेशानी
राजपाल शर्मा
सतौन (सिरमौर)। रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून...। रहीम का यह दोहा वर्तमान परिपेक्ष्य में खरा उतर रहा है। वजह कोई भी हो लेकिन, नसीहत सभी के लिए समान है। सिरमौर के एक स्कूल में बिना पानी के मिड-डे-मील पकाना तो दूर, पीने को भी पानी नहीं है। यह सिलसिला पिछले छह दिन से जारी है। बिना पानी के जब मिड-डे-मील पकाना नामुमिकन हो गया तो नौनिहालों को अब नमकीन और बिस्कुट बंट रहा है। जी हां! गिरिपार के मस्तभोज इलाके में चल रहे शरली स्कूल में नौनिहाल भोजन की जगह नमकीन और बिस्कुट से पेट भर रहे हैं। मस्तभोज क्षेत्र की प्राथमिक पाठशाला और माध्यमिक पाठशाला शरली में पानी की सप्लाई पांच-छह दिन से ठप है। रावमापा शरली में गांव से पानी मांगकर मिड-डे-मील का खाना बनाना पड़ रहा है। जबकि, प्राथमिक पाठशाला शरली में स्कूल के बच्चों को मिड-डे-मील की जगह नमकीन बिस्कुट से काम चलाया जा रहा है। जहां नेता इन दिनों चुनाव में व्यस्त हैं, वहीं जनता इस गर्मी में बिना पानी के बेहाल है। अधिकारियों को शिकायत की गई है बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हो रही। स्कूल के अलावा शरली गांव में भी पानी की समस्या बनी हुई है। ग्रामीण ओमप्रकाश, खत्रीराम, ग्यारूराम, बहादुर सिंह, तेलुराम, विद्या देवी, अतरो देवी, रक्षा देवी और कांता देवी ने बताया कि गर्मी का मौसम शुरू होते ही पानी की समस्या विकराल हो जाती है। उठाऊ पेयजल स्कीम महीने में दो तीन बार खराब हो चुकी है। गांव के लिए बनी प्रवाह पेयजल योजना से शरली गांव में 15 सालों से पानी नहीं आ रहा है। केवल गुद्दी गांव तक ही पानी की सप्लाई पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूली बच्चों को भी पानी नहीं मिल रहा है। जो बोतलें घर से भरकर ले जाते हैं, वे स्कूल पहुंचते-पहुंचते खत्म हो जाती हैं। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यार्थियों के साथ मिलकर विभाग के खिलाफ धरना दिया जाएगा। ग्रामीणों ने विभाग के मुख्य अभियंता शिमला को भी इसकी शिकायत की है। उधर, सहायक अभियंता बुद्धि सिंह ने बताया कि समस्या को जल्द दूर किया जाएगा।
स्कूल में पानी की समस्या पांच-छह दिन से है। पहले गांव से पानी लाकर मिड-डे-मील बनाया जा रहा था। गांव में भी पानी की समस्या है। ऐसे में नौनिहालों को नमकीन और बिस्कुट दिए जा रहे हैं। प्राथमिक स्कूल में कुल 71 बच्चे अध्ययनरत हैं।
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- खजान सिंह, प्रभारी, प्राथमिक पाठशाला शरली
पानी की समस्या कई दिन से हो रही है। बच्चों को पानी घरों से लाना पड़ रहा है। मिड-डे-मील कार्यकर्ता गांव से पानी मांग कर ला रहे हैं। समस्या के बारे में विभाग को सूचित किया है। वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कुल 155 बच्चे हैं। इनमें से मिडल के 65 बच्चों के लिए मिड-डे-मील पकता है।
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- बलवंत सिंह, प्रधानाचार्य, रावमापा शरली