{"_id":"5b896f0d42c792466408d7af","slug":"111535733517-sirmour-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी कोटापाब बनी सफेद हाथी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी कोटापाब बनी सफेद हाथी
Updated Fri, 31 Aug 2018 10:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटापाब आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में स्टाफ, न दवाइयां
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की भी मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)। शिलाई विकास खंड की पिछड़ी पंचायत कोटापाब के लोगों ने प्रदेश सरकार से पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग की है। पंचायत प्रधान पूनम चौहान, उपप्रधान तोताराम शर्मा, वार्ड सदस्य रीना देवी, चमेली देवी, लीला देवी, दयाराम, राजो देवी, पूर्व प्रधान बलबीर सिंह, तुलसीराम, इंद्र सिंह और हुकम सिंह ने बताया कि पंचायत के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए हालांकि सरकार ने यहां 25 साल पहले आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी खोली है, लेकिन इस डिस्पेंसरी में स्टाफ है और न दवाइयां। आपातकालीन स्थिति में यहां एंबुलेंस पहुंचते-पहुंचते तीन घंटे लग जाते हैं। इससे लोगों को मामूली बीमारियों के इलाज के लिए शिलाई 57 किलोमीटर दूर या पांवटा साहिब के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत के लोग पिछले कई वर्षों से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन सरकार और संबंधित विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी केवल नाम तक सीमित है। इस पिछड़ी पंचायत की जनता को घर-द्वार पर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करवाने के लिए सरकार ने टेली मेडिसन केंद्र भी खोला है, जिसकी तीन माह की अवधि समाप्त होने से यह सुविधा भी बंद हो गई है। इससे लोगों की दिक्कत बढ़ गई है। पंचायत प्रधान पूनम चौहान ने बताया कि कोटापाब पंचायत में पीएचसी खोलने के बारे में पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रेषित की है।
विज्ञापन
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की भी मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)। शिलाई विकास खंड की पिछड़ी पंचायत कोटापाब के लोगों ने प्रदेश सरकार से पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग की है। पंचायत प्रधान पूनम चौहान, उपप्रधान तोताराम शर्मा, वार्ड सदस्य रीना देवी, चमेली देवी, लीला देवी, दयाराम, राजो देवी, पूर्व प्रधान बलबीर सिंह, तुलसीराम, इंद्र सिंह और हुकम सिंह ने बताया कि पंचायत के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए हालांकि सरकार ने यहां 25 साल पहले आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी खोली है, लेकिन इस डिस्पेंसरी में स्टाफ है और न दवाइयां। आपातकालीन स्थिति में यहां एंबुलेंस पहुंचते-पहुंचते तीन घंटे लग जाते हैं। इससे लोगों को मामूली बीमारियों के इलाज के लिए शिलाई 57 किलोमीटर दूर या पांवटा साहिब के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत के लोग पिछले कई वर्षों से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन सरकार और संबंधित विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी केवल नाम तक सीमित है। इस पिछड़ी पंचायत की जनता को घर-द्वार पर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करवाने के लिए सरकार ने टेली मेडिसन केंद्र भी खोला है, जिसकी तीन माह की अवधि समाप्त होने से यह सुविधा भी बंद हो गई है। इससे लोगों की दिक्कत बढ़ गई है। पंचायत प्रधान पूनम चौहान ने बताया कि कोटापाब पंचायत में पीएचसी खोलने के बारे में पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रेषित की है।