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पहले हजारों खर्च कर बनाई, अब तोड़ी जा रही सीढ़ियां
Updated Wed, 14 Mar 2018 11:02 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। पहले हजारों रुपये खर्च कर पक्की सीढ़ियां बनाईं फिर उन को तोड़ने का शुरू कर दिया काम। जी हां..। नाहन शहर के चकरेड़ा क्षेत्र में नगर परिषद ने हाल ही में बनाई गई सीढ़ियों पर अपनी गैंती चला दी है। जबकि इन सीढ़ियों को बनाने पर हजारों रुपये की राशि खर्च की गई थी। बुधवार को नगर परिषद के कर्मियों ने चकरेड़ा क्षेत्र की ओर जाने वाले मार्ग पर बने सीढ़ियों के स्टेप को तोड़ना शुरू कर दिया जिसे लेकर लोगों में गुस्सा उत्पन्न हो गया है।
लोगों का कहना है कि इस गली में जब सीढ़ियां नहीं थी, उस दौरान लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया था। बाइक सवार तेज गति से यहां से गुजरते थे जिस कारण बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा डर रहता था। बेकाबू होते हालातों के मद्देनजर उपायुक्त से यहां पर सीढ़ियां बनाने की मांग की गई थी। इसके बाद यहां पर यह सीढ़ियां बनाई गई थीं। क्षेत्र के परविंदर सिंह ने बताया कि सीढ़ियां बनने के बाद यहां दोपहिया वाहनों की आवाजाही रुक गई थी जिसके कारण बुजुर्ग, महिलाएं व बच्चे निडर होकर इस मार्ग से आ जा रहे थे।
उन्होंने बताया कि अब कुछ लोगों ने अपने फायदे के लिए इन सीढ़ियों को तुड़वाना शुरू कर दिया है जिससे लोगों को आवागमन में फिर से असुविधा होगी तथा यहां से बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों का आना-जाना मुश्किल हो जाएगा। बरसात के दिनों में फिसलने का भी खतरा बना रहेगा। विशेषकर बुजुर्गों को गुजरने में बहुत मुश्किल होगी। उन्होंने कहा कि इस सीढ़ियों को नहीं तोड़ा जाना चाहिए। नगर परिषद को अपने विवेक से काम लेना चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन से भी इस मामले में दखल देने की मांग की।
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उधर, कार्यकारी अधिकारी सूरत सिंह नेगी ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की मांग पर यह सीढ़ियां तोड़ी जा रही हैं। लोगों का कहना है कि सीढ़ियों के कारण इमरजेंसी में यहां कोई वाहन नहीं लाया जा सकता है जिस कारण उन्होंने सीढ़ियां तोड़ने की मांग की थी। यद्यपि ज्यादातर लोग सीढ़ियां तोड़ने के पक्ष में हैं इसलिए इन्हें तोड़ा जा रहा है। इससे जो समस्या उत्पन्न होगी उसके लिए लोग स्वयं जिम्मेवार होंगे।
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नाहन (सिरमौर)। पहले हजारों रुपये खर्च कर पक्की सीढ़ियां बनाईं फिर उन को तोड़ने का शुरू कर दिया काम। जी हां..। नाहन शहर के चकरेड़ा क्षेत्र में नगर परिषद ने हाल ही में बनाई गई सीढ़ियों पर अपनी गैंती चला दी है। जबकि इन सीढ़ियों को बनाने पर हजारों रुपये की राशि खर्च की गई थी। बुधवार को नगर परिषद के कर्मियों ने चकरेड़ा क्षेत्र की ओर जाने वाले मार्ग पर बने सीढ़ियों के स्टेप को तोड़ना शुरू कर दिया जिसे लेकर लोगों में गुस्सा उत्पन्न हो गया है।
लोगों का कहना है कि इस गली में जब सीढ़ियां नहीं थी, उस दौरान लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया था। बाइक सवार तेज गति से यहां से गुजरते थे जिस कारण बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा डर रहता था। बेकाबू होते हालातों के मद्देनजर उपायुक्त से यहां पर सीढ़ियां बनाने की मांग की गई थी। इसके बाद यहां पर यह सीढ़ियां बनाई गई थीं। क्षेत्र के परविंदर सिंह ने बताया कि सीढ़ियां बनने के बाद यहां दोपहिया वाहनों की आवाजाही रुक गई थी जिसके कारण बुजुर्ग, महिलाएं व बच्चे निडर होकर इस मार्ग से आ जा रहे थे।
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उन्होंने बताया कि अब कुछ लोगों ने अपने फायदे के लिए इन सीढ़ियों को तुड़वाना शुरू कर दिया है जिससे लोगों को आवागमन में फिर से असुविधा होगी तथा यहां से बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों का आना-जाना मुश्किल हो जाएगा। बरसात के दिनों में फिसलने का भी खतरा बना रहेगा। विशेषकर बुजुर्गों को गुजरने में बहुत मुश्किल होगी। उन्होंने कहा कि इस सीढ़ियों को नहीं तोड़ा जाना चाहिए। नगर परिषद को अपने विवेक से काम लेना चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन से भी इस मामले में दखल देने की मांग की।
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उधर, कार्यकारी अधिकारी सूरत सिंह नेगी ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की मांग पर यह सीढ़ियां तोड़ी जा रही हैं। लोगों का कहना है कि सीढ़ियों के कारण इमरजेंसी में यहां कोई वाहन नहीं लाया जा सकता है जिस कारण उन्होंने सीढ़ियां तोड़ने की मांग की थी। यद्यपि ज्यादातर लोग सीढ़ियां तोड़ने के पक्ष में हैं इसलिए इन्हें तोड़ा जा रहा है। इससे जो समस्या उत्पन्न होगी उसके लिए लोग स्वयं जिम्मेवार होंगे।