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मंत्रिमंडल में अपनी उपेक्षा से कोली समाज नाराज
Updated Tue, 02 Jan 2018 10:40 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
प्रदेश मंत्रिमंडल में कोली समुदाय को प्रतिनिधित्व न दिए जाने से कोली समाज में रोष व्याप्त है। अखिल भारतीय कोली समाज के सिरमौर जिलाध्यक्ष भगत राम पुंडीर ने इसे कोली समुदाय के साथ नाइंसाफी करार दिया है।
भगत राम पुंडीर ने कहा कि प्रदेश के चुनावों में आरक्षित सीटों पर सर्वाधिक कोली समुदाय से संबंधित भाजपा विधायकों ने जीत दर्ज की है। बावजूद इसके उनमें से किसी को भी मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है। इससे कोली समुदाय में असंतोष है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की 56 अनुसूचित जातियों में सर्वाधिक 29 प्रतिशत जनसंख्या कोली समुदाय की है। प्रदेश की वर्तमान विधानसभा में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित 17 सीटों में से 13 सीटों पर भाजपा विधायकों ने जीत दर्ज की है जिनमें से सबसे अधिक 5 विधायक कोली समुदाय से संबंधित हैं, जबकि शेष 8 विधायक पांच अन्य विभिन्न अनुसूचित जातियों में से हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में सरकार द्वारा अपने मंत्रिमंडल में कोली समुदाय को प्रतिनिधित्व न दिया जाना उचित नहीं है।
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उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा खुद को इस समुदाय का हितैषी करार देती रही है। सरकार का यह रवैया सही नहीं है जिससे कोली समुदाय में सरकार के प्रति असंतोष उत्पन्न है। जिलाध्यक्ष ने कोली समाज की ओर से मुख्यमंत्री से कोली समुदाय को जनसंख्या के आधार पर सरकार में उपयुक्त प्रतिनिधित्व प्रदान करने की मांग की है।
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नाहन (सिरमौर)।
प्रदेश मंत्रिमंडल में कोली समुदाय को प्रतिनिधित्व न दिए जाने से कोली समाज में रोष व्याप्त है। अखिल भारतीय कोली समाज के सिरमौर जिलाध्यक्ष भगत राम पुंडीर ने इसे कोली समुदाय के साथ नाइंसाफी करार दिया है।
भगत राम पुंडीर ने कहा कि प्रदेश के चुनावों में आरक्षित सीटों पर सर्वाधिक कोली समुदाय से संबंधित भाजपा विधायकों ने जीत दर्ज की है। बावजूद इसके उनमें से किसी को भी मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है। इससे कोली समुदाय में असंतोष है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश की 56 अनुसूचित जातियों में सर्वाधिक 29 प्रतिशत जनसंख्या कोली समुदाय की है। प्रदेश की वर्तमान विधानसभा में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित 17 सीटों में से 13 सीटों पर भाजपा विधायकों ने जीत दर्ज की है जिनमें से सबसे अधिक 5 विधायक कोली समुदाय से संबंधित हैं, जबकि शेष 8 विधायक पांच अन्य विभिन्न अनुसूचित जातियों में से हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में सरकार द्वारा अपने मंत्रिमंडल में कोली समुदाय को प्रतिनिधित्व न दिया जाना उचित नहीं है।
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उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा खुद को इस समुदाय का हितैषी करार देती रही है। सरकार का यह रवैया सही नहीं है जिससे कोली समुदाय में सरकार के प्रति असंतोष उत्पन्न है। जिलाध्यक्ष ने कोली समाज की ओर से मुख्यमंत्री से कोली समुदाय को जनसंख्या के आधार पर सरकार में उपयुक्त प्रतिनिधित्व प्रदान करने की मांग की है।