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भूमि विवाद न सुलझने पर निकाला जाएगा शांति मार्च
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। जिला मुख्यालय नाहन में सेना और लोगों के बीच दशकों से चल रहे भूमि विवाद का हल न निकलने पर ग्रामीण एवं शहरी विकास संघर्ष समिति नाहन ने गहरा रोष प्रकट किया है। समिति का कहना है कि सरकार इस दिशा में गंभीरतापूर्वक कोई हल नहीं निकाल पाई है जबकि इसके स्थायी समाधान के लिए उच्च स्तरीय सैनिक एवं प्रदेश सरकार की संयुक्त समिति भी गठित की गई थी। संस्था के प्रधान खेम बहादुर एवं सचिव एसबी गुरूंग ने बताया कि वर्तमान सरकार को क्षेत्र के लोगों ने इस मुद्दे पर भारी समर्थन दिया था लेकिन आज उनकी उम्मीद भी धूमिल हो रही है। दशकों से चल रही समस्या जस की तस है। इसके चलते समिति 12 फरवरी को नाहन में लोगों के साथ शांति मार्च निकालेगी जो कि शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ उपायुक्त कार्यालय तक जाएगा। यहां समिति की ओर से डीसी को मुख्यमंत्री के नाम एक मांग पत्र सौंपा जाएगा। नाहन में सेना और ग्रामीणों में कई दशकों से भूमि विवाद चल रहा है। इससे क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों के हजारों लोग प्रभावित हैं। ग्रामीणों को अपने घर में एक ईंट लगाने के लिए भी सेना कार्यालय के कई चक्कर काटने पड़े रहे हैं। यही नहीं, सेना के जवानों पर ग्रामीणों का रास्ता भी समय-समय पर बंद करने के आरोप लगते रहे हैं। क्षेत्र के विधायक ने ग्रामीणों को इस समस्या का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया था। ऐसे में अब जबकि प्रदेश और केंद्र में भाजपा सरकार है, सेना भी केंद्र सरकार के अधीन है, इस समस्या का समाधान न होने पर ग्रामीणों का सब्र जवाब देने लगा है। इसी के चलते ग्रामीण एवं शहरी विकास संघर्ष समिति नाहन ने 12 जनवरी को नाहन में शांति मार्च निकाल कर उपायुक्त के माध्यम से अपनी मांग और क्षेत्र के लोगों का दर्द मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का निर्णय लिया है।
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नाहन (सिरमौर)। जिला मुख्यालय नाहन में सेना और लोगों के बीच दशकों से चल रहे भूमि विवाद का हल न निकलने पर ग्रामीण एवं शहरी विकास संघर्ष समिति नाहन ने गहरा रोष प्रकट किया है। समिति का कहना है कि सरकार इस दिशा में गंभीरतापूर्वक कोई हल नहीं निकाल पाई है जबकि इसके स्थायी समाधान के लिए उच्च स्तरीय सैनिक एवं प्रदेश सरकार की संयुक्त समिति भी गठित की गई थी। संस्था के प्रधान खेम बहादुर एवं सचिव एसबी गुरूंग ने बताया कि वर्तमान सरकार को क्षेत्र के लोगों ने इस मुद्दे पर भारी समर्थन दिया था लेकिन आज उनकी उम्मीद भी धूमिल हो रही है। दशकों से चल रही समस्या जस की तस है। इसके चलते समिति 12 फरवरी को नाहन में लोगों के साथ शांति मार्च निकालेगी जो कि शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ उपायुक्त कार्यालय तक जाएगा। यहां समिति की ओर से डीसी को मुख्यमंत्री के नाम एक मांग पत्र सौंपा जाएगा। नाहन में सेना और ग्रामीणों में कई दशकों से भूमि विवाद चल रहा है। इससे क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों के हजारों लोग प्रभावित हैं। ग्रामीणों को अपने घर में एक ईंट लगाने के लिए भी सेना कार्यालय के कई चक्कर काटने पड़े रहे हैं। यही नहीं, सेना के जवानों पर ग्रामीणों का रास्ता भी समय-समय पर बंद करने के आरोप लगते रहे हैं। क्षेत्र के विधायक ने ग्रामीणों को इस समस्या का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया था। ऐसे में अब जबकि प्रदेश और केंद्र में भाजपा सरकार है, सेना भी केंद्र सरकार के अधीन है, इस समस्या का समाधान न होने पर ग्रामीणों का सब्र जवाब देने लगा है। इसी के चलते ग्रामीण एवं शहरी विकास संघर्ष समिति नाहन ने 12 जनवरी को नाहन में शांति मार्च निकाल कर उपायुक्त के माध्यम से अपनी मांग और क्षेत्र के लोगों का दर्द मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का निर्णय लिया है।