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आरएंडपी नियम में संशोधन पर भड़के कंप्यूटर संचालक
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आरएंडपी नियम में संशोधन पर बिफरे कंप्यूटर संचालक
उपायुक्त के माध्यम से भेजा राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
संशोधन वापस न लेने पर दी आंदोलन की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर के कंप्यूटर शिक्षण संस्थानों के संचालकों ने सरकारी नौकरी के लिए आरएंडपी नियम में किए गए संशोधन को बदलने की मांग की है। उनका कहना है कि भारत और प्रदेश सरकार एक ओर जहां युवाओं के कौशल की बात कर रही है वहीं, दूसरी ओर उन्हें बेरोजगारी की ओर धकेल रही है। ऐसा न होने की सूरत में कंप्यूटर संचालकों ने प्रदेश भर में आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
अपनी इस मांग को लेकर जिला सिरमौर के कंप्यूटर संचालकों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को कौशल विकास उद्यमिता संघ सिरमौर के कार्यवाहक अध्यक्ष प्रकाश चंद बंसल की अगुवाई में उपायुक्त सिरमौर ललित जैन से मिला। इस दौरान उन्होंने महामहिम राज्यपाल के नाम उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा। इसके माध्यम से प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल को अवगत करवाया कि सरकार ने सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों में होने वाली क्लर्क की भर्ती के लिए आरएंडपी नियम में संशोधन किए हैं। इसके चलते इस नौकरी के लिए प्राइवेट संस्थानों से डिप्लोमा करने वाले युवाओं को अमान्य करार दिया है। इससे प्रदेश के लाखों युवाओं और कंप्यूटर सेंटर के संचालकों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट संस्थानों के डिप्लोमा को अमान्य करार देना उचित नहीं है। क्योंकि प्रदेश में दसवीं और जमा दो के बाद कोई भी ऐसी यूनिवर्सिटी और बोर्ड नहीं है, जो डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन का कोर्स करवाती है। प्रदेश के तहत पांच हजार निजी शिक्षण संस्थान हैं जो प्रदेश और भारत सरकार के विभिन निगमों/ परिषदों एवं संस्थाओं से संबद्ध हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने पत्र के माध्यम से महामहिम राज्यपाल से युवाओं एवं उद्यमियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आरएंडपी नियम में फिर से संशोधन करवाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो प्रदेश भर में आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
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उपायुक्त के माध्यम से भेजा राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
संशोधन वापस न लेने पर दी आंदोलन की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर के कंप्यूटर शिक्षण संस्थानों के संचालकों ने सरकारी नौकरी के लिए आरएंडपी नियम में किए गए संशोधन को बदलने की मांग की है। उनका कहना है कि भारत और प्रदेश सरकार एक ओर जहां युवाओं के कौशल की बात कर रही है वहीं, दूसरी ओर उन्हें बेरोजगारी की ओर धकेल रही है। ऐसा न होने की सूरत में कंप्यूटर संचालकों ने प्रदेश भर में आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
अपनी इस मांग को लेकर जिला सिरमौर के कंप्यूटर संचालकों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को कौशल विकास उद्यमिता संघ सिरमौर के कार्यवाहक अध्यक्ष प्रकाश चंद बंसल की अगुवाई में उपायुक्त सिरमौर ललित जैन से मिला। इस दौरान उन्होंने महामहिम राज्यपाल के नाम उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा। इसके माध्यम से प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल को अवगत करवाया कि सरकार ने सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों में होने वाली क्लर्क की भर्ती के लिए आरएंडपी नियम में संशोधन किए हैं। इसके चलते इस नौकरी के लिए प्राइवेट संस्थानों से डिप्लोमा करने वाले युवाओं को अमान्य करार दिया है। इससे प्रदेश के लाखों युवाओं और कंप्यूटर सेंटर के संचालकों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट संस्थानों के डिप्लोमा को अमान्य करार देना उचित नहीं है। क्योंकि प्रदेश में दसवीं और जमा दो के बाद कोई भी ऐसी यूनिवर्सिटी और बोर्ड नहीं है, जो डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन का कोर्स करवाती है। प्रदेश के तहत पांच हजार निजी शिक्षण संस्थान हैं जो प्रदेश और भारत सरकार के विभिन निगमों/ परिषदों एवं संस्थाओं से संबद्ध हैं।
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प्रतिनिधिमंडल ने पत्र के माध्यम से महामहिम राज्यपाल से युवाओं एवं उद्यमियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आरएंडपी नियम में फिर से संशोधन करवाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो प्रदेश भर में आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
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