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कांटों भरे %ताज’ के साथ चुनौतियां भी हजार
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कांटों भरे ‘ताज’ के साथ चुनौतियां भी हजार
विकास के साथ वोटबैंक बढ़ाने का भी रहेगा दबाव
दहलीज पर खड़े लोकसभा चुनाव में दिखेगी परफॉरमेंस
संजय भारद्वाज
नाहन (सिरमौर)। जितना बड़ा ताज उतना अधिक भार...। जितना बड़ा पद उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी। जी हां, नगर परिषद नाहन की ‘सत्ता’ पर काबिज हुई रेखा तोमर की सियासी पारी की राह कुछ इसी तरह की है। विकासपथ पर आगे बढ़ते हुए नाहन शहर की नई अध्यक्ष को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। नगर परिषद का ताज कांटों भरा तो है ही, उसमें चुनौती रूपी हीरे-मोती भी खूब जड़े हैं। शहर में विकास की गति को तेज करने के साथ ही वोटबैंक बढ़ाने का भी नव निर्वाचित अध्यक्ष पर दबाव रहेगा।
विधानसभा चुनाव के दौरान शहर में भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा था। शहर में भाजपा का वोटबैंक ज्यादा नहीं बढ़ पाया। अब लोकसभा चुनाव में वोटबैंक बढ़ाना नई अध्यक्ष के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। नगर परिषद नाहन में ढाई-ढाई वर्ष के फार्मूले के तहत अध्यक्ष पद पर चेहरा बदल गया है लेकिन, समय कम है और काम ज्यादा। ताजपोशी ऐसे वक्त में हुई है, जब लोकसभा का चुनाव दहलीज पर है। ऐसे में नगर परिषद की परफॉरमेंस आम चुनाव में भाजपा की बढ़त तय करेगी। इसके लिए शहर के विकासात्मक कार्यों की रफ्तार को तेज करना होगा। लोकसभा चुनाव से पहले चंद महीने ही कार्य करने को हैं। इसके बाद आचार संहिता लग जाएगी और विकास के कार्य नहीं हो सकेंगे। पूर्व अध्यक्ष अनीता शर्मा ने अपनी पारी खेलते हुए पद से इस्तीफा तो दे दिया, लेकिन अपनी परफॉरमेंस भी मीडिया के जरिए जनता के समक्ष रख दी थी। यानी अधूरे पड़े पुराने कार्यों को गति देने के साथ ही कुछ खास कर दिखाना होगा। नगर परिषद नाहन को करोड़ों रुपये की योजनाएं स्वीकृत हुई हैं। पार्किंग समस्या के समाधान के साथ ही हरेक वार्ड में सफाई व्यवस्था पर भी जोर देना होगा। रास्तों और सड़कों के मरम्मत के शुरू हुए कार्यों को तेज करने के साथ छूटे हुए रास्तों और सड़कों की मरम्मत का दारोमदार भी अब नई नगर परिषद के कंधों पर रहेगा।
कोरम पूरा करने में कांग्रेस आई काम
नगर परिषद नाहन के अध्यक्ष पद के लिए बुधवार को हुए चुनाव में कांग्रेस समर्थित पार्षदों का भी अहम योगदान रहा है। 13 पार्षदों वाली नगर परिषद में भाजपा समर्थित नौ और कांग्रेस समर्थित चार पार्षद जीते हैं। हालांकि, भाजपा बहुमत में है लेकिन, चुनाव में कोरम पूरा करने के लिए 10 पार्षदों का उपस्थित होना जरूरी था। इस कमी को कांग्रेस के पार्षदों ने पूरा किया। बैठक में कुल 11 पार्षद शामिल हुए। इनमें नौ भाजपा और दो कांग्रेस समर्थित थे। एसडीएम एवं चुनाव अधिकारी विवेक शर्मा ने 11 सदस्यों के उपस्थित होने की पुष्टि की है।
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विकास के साथ वोटबैंक बढ़ाने का भी रहेगा दबाव
दहलीज पर खड़े लोकसभा चुनाव में दिखेगी परफॉरमेंस
संजय भारद्वाज
नाहन (सिरमौर)। जितना बड़ा ताज उतना अधिक भार...। जितना बड़ा पद उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी। जी हां, नगर परिषद नाहन की ‘सत्ता’ पर काबिज हुई रेखा तोमर की सियासी पारी की राह कुछ इसी तरह की है। विकासपथ पर आगे बढ़ते हुए नाहन शहर की नई अध्यक्ष को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। नगर परिषद का ताज कांटों भरा तो है ही, उसमें चुनौती रूपी हीरे-मोती भी खूब जड़े हैं। शहर में विकास की गति को तेज करने के साथ ही वोटबैंक बढ़ाने का भी नव निर्वाचित अध्यक्ष पर दबाव रहेगा।
विधानसभा चुनाव के दौरान शहर में भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा था। शहर में भाजपा का वोटबैंक ज्यादा नहीं बढ़ पाया। अब लोकसभा चुनाव में वोटबैंक बढ़ाना नई अध्यक्ष के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। नगर परिषद नाहन में ढाई-ढाई वर्ष के फार्मूले के तहत अध्यक्ष पद पर चेहरा बदल गया है लेकिन, समय कम है और काम ज्यादा। ताजपोशी ऐसे वक्त में हुई है, जब लोकसभा का चुनाव दहलीज पर है। ऐसे में नगर परिषद की परफॉरमेंस आम चुनाव में भाजपा की बढ़त तय करेगी। इसके लिए शहर के विकासात्मक कार्यों की रफ्तार को तेज करना होगा। लोकसभा चुनाव से पहले चंद महीने ही कार्य करने को हैं। इसके बाद आचार संहिता लग जाएगी और विकास के कार्य नहीं हो सकेंगे। पूर्व अध्यक्ष अनीता शर्मा ने अपनी पारी खेलते हुए पद से इस्तीफा तो दे दिया, लेकिन अपनी परफॉरमेंस भी मीडिया के जरिए जनता के समक्ष रख दी थी। यानी अधूरे पड़े पुराने कार्यों को गति देने के साथ ही कुछ खास कर दिखाना होगा। नगर परिषद नाहन को करोड़ों रुपये की योजनाएं स्वीकृत हुई हैं। पार्किंग समस्या के समाधान के साथ ही हरेक वार्ड में सफाई व्यवस्था पर भी जोर देना होगा। रास्तों और सड़कों के मरम्मत के शुरू हुए कार्यों को तेज करने के साथ छूटे हुए रास्तों और सड़कों की मरम्मत का दारोमदार भी अब नई नगर परिषद के कंधों पर रहेगा।
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कोरम पूरा करने में कांग्रेस आई काम
नगर परिषद नाहन के अध्यक्ष पद के लिए बुधवार को हुए चुनाव में कांग्रेस समर्थित पार्षदों का भी अहम योगदान रहा है। 13 पार्षदों वाली नगर परिषद में भाजपा समर्थित नौ और कांग्रेस समर्थित चार पार्षद जीते हैं। हालांकि, भाजपा बहुमत में है लेकिन, चुनाव में कोरम पूरा करने के लिए 10 पार्षदों का उपस्थित होना जरूरी था। इस कमी को कांग्रेस के पार्षदों ने पूरा किया। बैठक में कुल 11 पार्षद शामिल हुए। इनमें नौ भाजपा और दो कांग्रेस समर्थित थे। एसडीएम एवं चुनाव अधिकारी विवेक शर्मा ने 11 सदस्यों के उपस्थित होने की पुष्टि की है।
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