Shimla Sanjauli Masjid: सुबह ही कोर्ट के बाहर पहुंच गए थे लोग, जानें कैसे बढ़ा था विवाद, जानें पूरी डिटेल
राजधानी शिमला के संजौली में मस्जिद विवाद में नगर निगम आयुक्त के चक्कर कोर्ट के बाहर शनिवार सुबह ही लोग और मीडिया का पहुंचना शुरू हो गया था। वक्फ बोर्ड ने मालिकाना हक से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड कोर्ट में पेश किए। इस दौरान नगर निगम की ओर से वास्तुकार महबूब शेख और उनके अधिवक्ता ने इस मामले की पैरवी की।
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संजौली मस्जिद में अवैध निर्माण से जुड़ा मामला राजधानी शिमला से लेकर पूरे देश में शनिवार को चर्चा का केंद्र बना रहा। मस्जिद के अवैध निर्माण पर क्या फैसला आएगा, इसे जानने के लिए नगर निगम आयुक्त के चक्कर कोर्ट के बाहर शनिवार सुबह ही लोग और मीडिया का पहुंचना शुरू हो गया। सुबह 10:10 बजे से आयुक्त कोर्ट में अवैध निर्माण से जुड़े मामलों पर सुनवाई शुरू हुई।
एक-एक कर 12 मामलों पर सुनवाई हुई और इनमें से ज्यादातर पर अगली तारीख तक सुनवाई टली। इसके बाद 13वें नंबर पर संजौली मस्जिद में अवैध निर्माण से जुड़े मामले पर बहस शुरू हुई। वक्फ बोर्ड ने मालिकाना हक से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड कोर्ट में पेश किए। इस दौरान नगर निगम की ओर से वास्तुकार महबूब शेख और उनके अधिवक्ता ने इस मामले की पैरवी की।
अवैध निर्माण कब हुआ, कौन इसके लिए जिम्मेदार रहा, इससे जुड़े सवालों पर बहसबाजी हुई। करीब 25 मिनट तक चली सुनवाई के बाद अगली तारीख तय की गई। कोर्ट से बाहर आते ही दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं से लोगों ने मामले की जानकारी ली। अब इस मामले में स्थानीय लोगों के पार्टी बनाने के आवेदन पर भी हर किसी की नजर है। शहर के लोगों का कहना है कि इसमें स्थानीय लोगों का पक्ष सुना जाना चाहिए। लोगों ने मस्जिद के निर्माण के लिए फंडिंग को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
संजौली बाजार में पुलिस तैनात, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
संजौली में मस्जिद में अवैध निर्माण को लेकर नगर निगम आयुक्त कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान संजौली बाजार में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस के जवान संजौली चौक से लेकर ढली टनल तक बड़ी संख्या में तैनात रहे। वहीं मस्जिद की ओर जाने वाले मार्ग पर भी पुलिस कर्मचारी तैनात रहे। इसके अलावा किसी भी प्रकार के उपद्रव से निपटने के लिए क्यूआरटी की टीमें तैनात की गईं थीं। इससे पूर्व शुक्रवार को नमाज के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस कर्मचारी तैनात किए थे। पहचान पत्र की जांच के बाद ही लोगों को मस्जिद में प्रवेश की अनुमति दी गई। इसके अलावा मस्जिद में दिन और रात सुरक्षा कर्मी तैनात किए हैं।
ऐसे बढ़ा विवाद
मल्याणा में दो गुटों के बीच मारपीट के बाद मामले ने तूल पकड़ा। इस मारपीट में एक स्थानीय व्यक्ति को गंभीर चोटें आई थीं। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और इसके बाद भारी संख्या में लोग संजौली पहुंचे और मस्जिद भवन के अवैध निर्माण को लेकर कार्रवाई की मांग उठाई। यहीं मामला नहीं थमा और इसके बाद संजौली बाजार में हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर रोष रैली निकाली। इस दौरान प्रशासन और सरकार को दो दिन में अवैध निर्माण को गिराने की चेतावनी दी थी।