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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla Masjid How much illegal construction is there in Sanjauli Masjid it will be measured this week

Shimla Masjid: संजौली मस्जिद में कितना अवैध निर्माण, इसी सप्ताह होगी पैमाइश, सात साल में हुई दो से पांच मंजिला

Mon, 09 Sep 2024 06:12 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Mon, 09 Sep 2024 06:12 PM IST
सार

हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के संजौली मस्जिद में नगर निगम आयुक्त कोर्ट ने इस क्षेत्र के कनिष्ठ अभियंता को मौके की ताजा स्टेट्स रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। 

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Shimla Masjid How much illegal construction is there in Sanjauli Masjid it will be measured this week
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

संजौली मस्जिद में कुल कितना अवैध निर्माण हुआ है, इसके लिए इसी हफ्ते मस्जिद की पैमाइश की जाएगी। नगर निगम आयुक्त कोर्ट ने इस क्षेत्र के कनिष्ठ अभियंता को मौके की ताजा स्टेट्स रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। निगम की वास्तुकार शाखा में तैनात कनिष्ठ अभियंता जितेंद्र सामटा के पास संजौली क्षेत्र की जिम्मेदारी है। अभियंता अपनी टीम के साथ मस्जिद की पैमाइश करेंगे। हालांकि, इससे पहले अभी कोर्ट के लिखित आदेशों का इंतजार किया जा रहा है। एक दो दिन के भीतर यह आदेश मिलने पर मस्जिद की पैमाइश करवाने की तैयारी है।
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मस्जिद में निर्माण को लेकर पहले भी नगर निगम रिपोर्ट तैयार कर चुका है, लेकिन सात सितंबर को कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान यह रिपोर्ट नहीं रखी गई थी। अवैध निर्माण से जुड़े सवाल के जवाब में वक्फ बोर्ड ने मौके की ताजा स्टेट्स रिपोर्ट मुहैया करवाने को कहा था। इस पर आयुक्त ने अभियंता को दोबारा स्टेट्स रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट में बताया जाएगा कि कुल कितना निर्माण हो चुका है। इसकी रिपोर्ट वक्फ बोर्ड को भी दी जानी है जिस पर बोर्ड अपना जवाब कोर्ट में देगा। मस्जिद क्षेत्र के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए इन दिनों पुलिस तैनात की गई है। ऐसे में पुलिस के पहरे में ही यह पैमाइश होने वाली है।
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अभियंता ने ही तुड़वाया था अवैध निर्माण
मस्जिद के साथ लगते परिसर में अवैध निर्माण कर शौचालय तैयार किए गए थे। कनिष्ठ अभियंता की अगुवाई वाली टीम ने ही जून में यहां तीन शौचालय तुड़वाए थे। हालांकि, उस दौरान यह मामला इतना चर्चा में नहीं था।

सात साल में दो से पांच मंजिला बनी मस्जिद
नगर निगम के अनुसार साल 2009 में मस्जिद परिसर में अवैध निर्माण को लेकर पहली बार शिकायतें मिली थी। निगम ने काम रोकने का नोटिस जारी करने के बाद साल 2010 में इस पर सुनवाई शुरू की। हालांकि, मस्जिद कमेटी के पूर्व प्रधान के अनुसार साल 2012 तक मौके पर दो मंजिला कच्ची मस्जिद खड़ी थी। इसके बाद अगले सात साल यानि साल 2019 तक यह पांच मंजिला बन गई। यह निर्माण किसने किया, इसे लेकर पूर्व प्रधान से लेकर वक्फ बोर्ड अनजान है। निगम प्रशासन के अनुसार इस निर्माण की कोई अनुमति नहीं ली गई। साल 2012 में मस्जिद का जो नक्शा पास करने के लिए दिया गया था, उसमें खामियां थी और उसे लौटा दिया गया था, लेकिन दोबारा न नक्शे का आवेदन हुआ और न ही निर्माण संबंधी अनुमति ली गई। अब तक इस मामले में 45 पेशियां हो चुकी हैं।

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