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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla: 2,000 sheep and goats buried under more than three feet of snow; 12-member team launches rescue operat

शिमला: तीन फीट से ज्यादा बर्फ में दबीं दो हजार भेड़-बकरियां, 12 सदस्यीय टीम ने शुरू किया बचाव अभियान

Wed, 30 Sep 2026 08:37 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला/रोहड़ू।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला/रोहड़ू। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 30 Sep 2026 08:37 PM IST
सार

तीन फीट से अधिक बर्फ जमा होने के कारण कई मवेशी बर्फ में दब गए हैं और उनके सिर्फ सींग दिखाई दे रहे हैं। बुधवार को 12 सदस्यीय बचाव दल मौके पर पहुंच गया और रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया है।

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Shimla: 2,000 sheep and goats buried under more than three feet of snow; 12-member team launches rescue operat
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

किन्नौर के सांगला और डोडरा-क्वार के बीच रूपिन पास में भारी हिमपात के कारण करीब 1500 से 2000 भेड़-बकरियां फंस गई हैं। तीन फीट से अधिक बर्फ जमा होने के कारण कई मवेशी बर्फ में दब गए हैं और उनके सिर्फ सींग दिखाई दे रहे हैं। बुधवार को 12 सदस्यीय बचाव दल मौके पर पहुंच गया और रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया है।

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राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि करीब 2000 भेड़-बकरियों के बर्फ में दबने की जानकारी भेड़पालकों से मिली है। फिलहाल इसे प्रारंभिक अनुमान माना जा रहा है। बर्फ कम होने के बाद ही मृत भेड़-बकरियों की वास्तविक संख्या स्पष्ट होगी। मंत्री ने कहा कि नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद प्रभावित भेड़पालकों को राहत देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार विशेष राहत पैकेज के तहत सहायता देने का भी प्रयास करेगी।

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बचाव दल को चोटी तक पहुंचने में लगेंगे दो दिन
डोड़रा-क्वार क्षेत्र के रूपिन पास में 27 सितंबर को हुई भारी बर्फबारी से हजारों भेड़-बकरियों के लापता होने की सूचना के बाद राहत अभियान जारी है। क्षेत्र में अभी भी बड़ी मात्रा में बर्फ जमा होने के कारण नुकसान का वास्तविक आंकड़ा सामने नहीं आ पाया है। प्रशासन के अनुसार, रूपिन पास क्षेत्र में भेड़पालकों के संपर्क में रहने के लिए मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। सैटेलाइट फोन के माध्यम से उनसे संपर्क किया जा रहा है। रूपिन पास की चोटी तक पहुंचने में करीब दो दिन का समय लग सकता है। एसडीएम डोड़रा-क्वार कीर्ति चंदेल ने बताया कि कई स्थानों पर बर्फ के बीच भेड़ों के सींग दिखाई दे रहे हैं। इससे बड़ी संख्या में पशुओं के बर्फ में दबे होने की आशंका है। हालांकि, अभी यह कहना संभव नहीं है कि कितने पशुओं की मौत हुई है। मौके पर प्रशासनिक टीम के पहुंचने और विस्तृत सर्वेक्षण के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। 

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ड्रोन टीम को प्रभावित क्षेत्र में भेजा जाएगा 
उन्होंने बताया कि ड्रोन टीम को गुरुवार को प्रभावित क्षेत्र में भेजा जाएगा। ड्रोन के माध्यम से उन स्थानों की पहचान की जाएगी, जहां बर्फ के नीचे पशुओं के दबे होने की संभावना है। इससे दुर्गम क्षेत्र में बिना जोखिम के प्रारंभिक सर्वेक्षण करने में मदद मिलेगी। उधर, सुरक्षित स्थानों तक पहुंच चुके भेड़पालकों के अनुसार अचानक हुई बर्फबारी के कारण पशुओं को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। ऊंचाई वाले क्षेत्र में लगातार ठंड और बर्फबारी ने स्थिति को और कठिन बना दिया है। प्रशासन ने फिलहाल भेड़पालकों से सैटेलाइट फोन के माध्यम से संपर्क बनाए रखा है। मौसम में सुधार के बाद राहत एवं बचाव दल को रूपिन पास की ओर भेजकर पशुधन के नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा। लापता भेड़-बकरियों की संख्या और संभावित मौतों का अंतिम आंकड़ा सर्वेक्षण पूरा होने के बाद ही सामने आएगा।
 

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