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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Minister Jagat Negi major statement: Says discipline applies to everyone, not just me; weed out the 'sleeper c

मंत्री जगत नेगी का बड़ा बयान: बोले- अनुशासन मुझ पर ही लागू नहीं, स्लीपर सेल को बाहर करें

Wed, 30 Sep 2026 09:10 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 30 Sep 2026 09:10 PM IST
सार

जगत सिंह नेगी ने कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल की नसीहत पर पलटवार किया। नेगी बोले कि उन्होंने मीडिया में वही बातें कही हैं, जो पार्टी के अंदर और कांग्रेस प्रभारी के सामने भी रखी हैं।

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Minister Jagat Negi major statement: Says discipline applies to everyone, not just me; weed out the 'sleeper c
कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि पार्टी के हित में सवाल उठाना अनुशासनहीनता नहीं है। अनुशासन के नियम केवल उन पर ही लागू नहीं हो सकते। नेगी ने कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल की नसीहत पर पलटवार किया। नेगी बोले कि उन्होंने मीडिया में वही बातें कही हैं, जो पार्टी के अंदर और कांग्रेस प्रभारी के सामने भी रखी हैं। कोई गलत बात नहीं कही है। अगर पार्टी में उठाए गए सवालों और शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होगी तो सवाल उठते ही रहेंगे। संगठन के अंदर उठने वाले मुद्दों का समाधान पार्टी स्तर पर होना चाहिए। साथ ही यह भी देखा जाना चाहिए कि उनके उठाए मुद्दों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है। नेगी ने कहा कि वह हमेशा पार्टी हित की बात करते हैं। उन्होंने कांग्रेस के भीतर पार्टी को कमजोर करने वाले लोगों पर भी सवाल उठाए। नेगी ने कहा कि ‘जय चंद’ और ‘स्लीपर सेल’ को पार्टी से बाहर किया जाना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी संगठन को मजबूत करने और पार्टी हित में जरूरी मुद्दे उठाने की बात करते हैं। ऐसे में पार्टी के भीतर उठाए जा रहे सवालों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। कांग्रेस नेता निगम भंडारी के बयान पर उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटता है। नेगी ने कहा कि मनोबल केवल बयानों से नहीं टूटता। लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं की अनदेखी होने पर भी उनका मनोबल टूटता है। अगर ‘जयचंद’ और ‘स्लीपर सेल’ से जुड़े लोगों को जिम्मेदारी दी जाएगी और पुराने सक्रिय कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जाएगा तो इससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी पैदा होगी।

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