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Rampur Bushahar News: अस्पताल में हांफी 20 वर्ष पुरानी अल्ट्रासाउंड मशीन, मरीजों की लग रही दौड़

Sun, 21 Jun 2026 11:20 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jun 2026 11:20 PM IST
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अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को निजी संस्थानों में करवाना पड़ रहा अल्ट्रासाउंड
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एक महीने से गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल रही निशुल्क अल्ट्रासाउंड टेस्ट की सुविधा
निजी संस्थानों में 800 से 1000 रुपये देकर हो रहे अल्ट्रासाउंड
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। प्रदेश के चार जिलों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले खनेरी अस्पताल में एक महीने से अल्ट्रासाउंड सुविधा ठप पड़ी है। अस्पताल में लगी 20 वर्ष पुरानी अल्ट्रासाउंड मशीन खराब हो गई है। इससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। मरीजों को मजबूरी में निजी संस्थानों की ओर दौड़ लगानी पड़ रही है। ऐसे में दुर्गम क्षेत्रों से अस्पताल आने वाले मरीजों पर अधिक आर्थिक मार पड़ रही है। महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में रोजाना करीब एक हजार मरीजों की ओपीडी रहती है। अस्पताल में शिमला, किन्नौर, कुल्लू और मंडी जिले के दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों से मरीज उपचार की आस लेकर पहुंचते हैं। अस्पताल पहुंचने वाले सैकड़ों मरीजों को डॉक्टरों की ओर से अल्ट्रासाउंड टेस्ट करवाने की हिदायत दी जाती है। गर्भावस्था, पेट, अंगों के आंतरिक रोगों, पथरी, सूजन, ब्लड फ्लो से जुड़े मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सलाह दी जाती है, लेकिन अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा ठप होने के कारण मरीज खासी परेशानी झेलने को मजबूर हैं। शिमला के कमला नेहरू अस्पताल के बाद रामपुर का खनेरी अस्पताल सबसे अधिक प्रसव करवाता है। अस्पताल में हर महीने 200 से अधिक प्रसव करवाए जाते हैं। गर्भवती महिलाओं को जो सेवा सरकार की ओर से निशुल्क दी जाती है, उसी सेवा के लिए महिलाओं को निजी संस्थानों में जाकर सैकड़ों रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। निजी संस्थानों मरीजों को 800 से 1000 रुपये देकर अल्ट्रासाउंड करवाने पड़ रहे हैं। सरकार और अस्पताल प्रशासन 20 साल पुरानी मशीन को बदल नहीं पाए हैं। लंबे समय से मशीन में खामियां होने पर इसकी मरम्मत तो की जाती रही, लेकिन अब विशेषज्ञों ने इसके पुर्जों की उपलब्धता और पुरानी तकनीक की मशीन होने के चलते इसकी मरम्मत करने में असमर्थता जता दी है। अस्पताल प्रशासन ने विभाग के उच्चाधिकारियों से अस्पताल को नई अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध करवाने बारे पत्राचार किया है, लेकिन अब कब तक अस्पताल में मशीन पहुंचती है, इसको लेकर अब तक कोई स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। नई मशीन न मिलने तक मरीजों को निजी संस्थानों के चक्कर लगाने पड़ेंगे।


नई मशीन की उठाई मांग


क्षेत्र के यशवंत कुमार, रिंकू नेगी, राहुल, अनिल, राकेश सहित अन्य लोगों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मरीजों की परेशानियां देखते हुए अस्पताल में जल्द नई अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध करवाने की मांग की है, ताकि गरीब तबके के मरीजों और गर्भवती महिलाओं को निशुल्क उपचार की सुविधा मिल सके।
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अस्पताल में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन पूरी तरह से खराब हो चुकी है, जिसे अब ठीक नहीं किया जा सकता। स्वास्थ्य विभाग से नई मशीन खरीदने के लिए अनुमति के लिए पत्राचार किया गया है।
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-- डॉ. रोशन लाल कौंडल, एमएस, खनेरी अस्पताल
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