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Rampur Bushahar News: मौसम से थमी सेब सीजन की रफ्तार, 15 से 20 दिन देरी से होगा शुरू
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जुलाई के मध्य तक बाजार में आने वाली शुरुआती किस्में इस बार पूरी तरह नहीं तैयार
अगस्त के पहले सप्ताह से ही तुड़ाई में तेजी आने की उम्मीद
बागवानी विशेषज्ञों ने बागवानों को जल्दबाजी में तुड़ाई न करने की सलाह दी
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहडू।
सेब बहुल इलाकों में सेब सीजन में इस बार मौसम बड़ी बाधा बना है। हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष सेब का सीजन सामान्य से 15 से 20 दिन देरी से शुरू होने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, जुलाई के मध्य तक बाजार में आने वाली शुरुआती किस्में इस बार पूरी तरह तैयार नहीं हो पाई हैं। बागवानी विशेषज्ञ अगस्त के पहले सप्ताह से ही तुड़ाई में तेजी आने की उम्मीद कर रहे हैं। लंबे समय तक ठंडा मौसम, रुक-रुक कर बारिश और पर्याप्त धूप न मिलने से फलों का विकास धीमा रहा। तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव ने भी सेब के रंग और आकार को प्रभावित किया है। बागवानी विशेषज्ञों ने बागवानों को जल्दबाजी में तुड़ाई न करने की सलाह दी है। अपरिपक्व सेबों का रंग, स्वाद और भंडारण क्षमता प्रभावित होती है। इससे बाजार में उन्हें बेहतर दाम नहीं मिल पाते हैं, इसलिए फलों की परिपक्वता की जांच के बाद ही तुड़ाई शुरू करना उचित होगा। कृषि विज्ञान केंद्र रोहडू की प्रभारी उषा शर्मा ने इस पर अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि यदि आने वाले दिनों में मौसम अनुकूल रहा और पर्याप्त धूप मिली, तो फलों की गुणवत्ता सुधरेगी। भले ही सीजन दो से तीन सप्ताह देरी से शुरू हो लेकिन अच्छी गुणवत्ता के कारण बागवानों को बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों ने बताया कि इस वर्ष कई क्षेत्रों में मार्सोनिना और अल्टरनेरिया जैसे पत्ती रोगों का भी असर देखा गया। इन रोगों ने पत्तियों की कार्यक्षमता और फलों के विकास को प्रभावित किया। हालांकि, जिन बागवानों ने समय पर रोग प्रबंधन और संतुलित पोषण अपनाया, उनके बगीचों में गुणवत्ता बेहतर है। बागवानी विशेषज्ञों ने बागवानों से अपील की है कि वे वैज्ञानिक सलाह के अनुसार ही सेब की तुड़ाई करें और बाजार में अधपके फल भेजने से बचें। सही समय पर की गई तुड़ाई ही बेहतर गुणवत्ता, अधिक कीमत और प्रदेश के सेब की प्रतिष्ठा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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अगस्त के पहले सप्ताह से ही तुड़ाई में तेजी आने की उम्मीद
बागवानी विशेषज्ञों ने बागवानों को जल्दबाजी में तुड़ाई न करने की सलाह दी
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहडू।
सेब बहुल इलाकों में सेब सीजन में इस बार मौसम बड़ी बाधा बना है। हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष सेब का सीजन सामान्य से 15 से 20 दिन देरी से शुरू होने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, जुलाई के मध्य तक बाजार में आने वाली शुरुआती किस्में इस बार पूरी तरह तैयार नहीं हो पाई हैं। बागवानी विशेषज्ञ अगस्त के पहले सप्ताह से ही तुड़ाई में तेजी आने की उम्मीद कर रहे हैं। लंबे समय तक ठंडा मौसम, रुक-रुक कर बारिश और पर्याप्त धूप न मिलने से फलों का विकास धीमा रहा। तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव ने भी सेब के रंग और आकार को प्रभावित किया है। बागवानी विशेषज्ञों ने बागवानों को जल्दबाजी में तुड़ाई न करने की सलाह दी है। अपरिपक्व सेबों का रंग, स्वाद और भंडारण क्षमता प्रभावित होती है। इससे बाजार में उन्हें बेहतर दाम नहीं मिल पाते हैं, इसलिए फलों की परिपक्वता की जांच के बाद ही तुड़ाई शुरू करना उचित होगा। कृषि विज्ञान केंद्र रोहडू की प्रभारी उषा शर्मा ने इस पर अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि यदि आने वाले दिनों में मौसम अनुकूल रहा और पर्याप्त धूप मिली, तो फलों की गुणवत्ता सुधरेगी। भले ही सीजन दो से तीन सप्ताह देरी से शुरू हो लेकिन अच्छी गुणवत्ता के कारण बागवानों को बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों ने बताया कि इस वर्ष कई क्षेत्रों में मार्सोनिना और अल्टरनेरिया जैसे पत्ती रोगों का भी असर देखा गया। इन रोगों ने पत्तियों की कार्यक्षमता और फलों के विकास को प्रभावित किया। हालांकि, जिन बागवानों ने समय पर रोग प्रबंधन और संतुलित पोषण अपनाया, उनके बगीचों में गुणवत्ता बेहतर है। बागवानी विशेषज्ञों ने बागवानों से अपील की है कि वे वैज्ञानिक सलाह के अनुसार ही सेब की तुड़ाई करें और बाजार में अधपके फल भेजने से बचें। सही समय पर की गई तुड़ाई ही बेहतर गुणवत्ता, अधिक कीमत और प्रदेश के सेब की प्रतिष्ठा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।