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फिर हांफी 16 करोड़ की सेरीपुल-बाहलीधार पेयजल योजना
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डंसा(रामपुर बुशहर)। 16 करोड़ की लागत से बनी सेरीपुल-बाहलीधार उठाऊ पेयजल योजना एक बार फिर हांफ गई है। सूबे में बर्फबारी और बारिश के कारण पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। ऐसे में बीते एक सप्ताह से रामपुर उपमंडल की आधा दर्जन पंचायतों में पेयजल संकट गहराया है। आलम यह है कि ग्रामीण बर्फ पिघला कर पेयजल का जुगाड़ कर रहे हैं। पेयजल आपूर्ति ठप होने से हजारों लोगों को खासी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों में आईपीएच विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर खासा रोष है।
गौरतलब है कि रामपुर उपमंडल की छह पचंायतों के हजारों लोगों की प्यास बुझाने के मकसद से बनाई सेरीपुल-बाहलीधार पेयजल योजना शुरूआती दौर से ही तकनीकी खामियों का शिकार बनी हुई है। ग्रामीणों की अपेक्षाओं के अनुसार यह पेयजल योजना आज तक खरी नहीं उतर सकी है। पेयजल योजना के बार-बार हांफने से क्षेत्र के हजारों लोगों को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ रहा है और योजना के सही क्रियान्वयन में विभागीय अधिकारी और कर्मचारी नाकाम साबित हो रहे हैं। बीते एक सप्ताह से उपमंडल की लालसा, डंसा, कूहल, देवठी, मुनिश और शिंगला पंचायत के हजारों ग्रामीण पेयजल के लिए तरस रहे हैं। क्षेत्र के कुलदीप, गोविंद कायथ, चतर सिंह, यशपाल, हिम्मत सिंह, मान सिंह, दलीप नेगी, मोहन सिंह, कमल चाई, जगत सिंह और सुंदर सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि आईपीएच विभाग वर्षों से इस योजना को चलाने में नाकाम साबित हो रहा है। पेयजल आपूर्ति ठप होने से ग्रामीण बर्फ पिघला कर और प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी का जुगाड़ करने को मजबूर हैं। बिना पेयजल के ग्रामीण परेशानियां झेलने को मजबूर हैं। उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कभी सेरीपुल में विद्युत वोल्टेज की कमी तो कभी पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने की मार झेलने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से समस्या का स्थायी
समाधान करने की गुहार लगाई है।
उधर, आईपीएच विभाग के कनिष्ठ अभियंता राजेंद्र ने कहा कि पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से पेयजल आपूर्ति बंद हुई है। जल्द ही पाइप लाइनों की वेल्डिंग कर पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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गौरतलब है कि रामपुर उपमंडल की छह पचंायतों के हजारों लोगों की प्यास बुझाने के मकसद से बनाई सेरीपुल-बाहलीधार पेयजल योजना शुरूआती दौर से ही तकनीकी खामियों का शिकार बनी हुई है। ग्रामीणों की अपेक्षाओं के अनुसार यह पेयजल योजना आज तक खरी नहीं उतर सकी है। पेयजल योजना के बार-बार हांफने से क्षेत्र के हजारों लोगों को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ रहा है और योजना के सही क्रियान्वयन में विभागीय अधिकारी और कर्मचारी नाकाम साबित हो रहे हैं। बीते एक सप्ताह से उपमंडल की लालसा, डंसा, कूहल, देवठी, मुनिश और शिंगला पंचायत के हजारों ग्रामीण पेयजल के लिए तरस रहे हैं। क्षेत्र के कुलदीप, गोविंद कायथ, चतर सिंह, यशपाल, हिम्मत सिंह, मान सिंह, दलीप नेगी, मोहन सिंह, कमल चाई, जगत सिंह और सुंदर सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि आईपीएच विभाग वर्षों से इस योजना को चलाने में नाकाम साबित हो रहा है। पेयजल आपूर्ति ठप होने से ग्रामीण बर्फ पिघला कर और प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी का जुगाड़ करने को मजबूर हैं। बिना पेयजल के ग्रामीण परेशानियां झेलने को मजबूर हैं। उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कभी सेरीपुल में विद्युत वोल्टेज की कमी तो कभी पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने की मार झेलने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से समस्या का स्थायी
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समाधान करने की गुहार लगाई है।
उधर, आईपीएच विभाग के कनिष्ठ अभियंता राजेंद्र ने कहा कि पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से पेयजल आपूर्ति बंद हुई है। जल्द ही पाइप लाइनों की वेल्डिंग कर पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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