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जान जोखिम में डालकर सतलुज से पानी ढो रहे ग्रामीण
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दलाश (कुल्लू)। जलशक्ति विभाग के दलाश उपमंडल के तहत बैहना पंचायत के कारशा गांव में बीते छह माह से ग्रामीण पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। आलम यह है कि प्रभावित लोगों को सतलुज नदी और बैहना खड्ड से गाड़ी में पेयजल ढोने को मजबूर होना पड़ रहा है। विभाग 7-8 परिवारों को पिछले छह माह से पेयजल आपूर्ति मुहैया करवाने में नाकाम साबित हो रहा है।
पेयजल आपूर्ति न मिलने से लोगों को या तो जान जोखिम में डालकर सतलुज नदी से सिल्ट वाला पानी पीठ पर ढोकर लाना पड़ रहा है या फिर कुछ किलोमीटर दूर बैहना खड्ड या सैंज नाला से गाड़ियों में पानी ढोने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
कारशा गांव के भारत भूषण, शशि भूषण, भगत राम, सतीश कुमार, राम लाल और इंद्र कुमार का कहना है कि उन्हें रोपड़ी के साथ एक स्रोत से और बाद में शुष गांव के साथ बाइनाल नामक प्राकृतिक स्रोत से पेयजल आपूर्ति दी जाती रही है, लेकिन 5-6 महीनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ी है। इसके कारण उन्हें खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्होंने जलशक्ति विभाग के संबंधित सेक्शन के जेई, एसडीओ और यहां तक कि एक्सईएन के संज्ञान में भी मामला लाया, बावजूद इसके समस्या का कोई समाधान नहीं हो पा रहा है। हैंडपंप को दुरुस्त कर जलशक्ति विभाग पेयजल आपूर्ति करने के दावे कर रहा है। उसमें से बड़ी मुश्किलों के बाद निकलने वाला पानी खारा है, जो पीने योग्य ही नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों ने विभाग से पेयजल आपूर्ति जल्द बहाल करने की गुहार लगाई है। हैरानी की बात है कि कारशा गांव के लोगों को छह माह से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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जलशक्ति विभाग दलाश के एसडीओ नरेंद्र नेगी का कहना है कि समस्या को देखते हुए एक नई पाइप लाइन का प्रस्ताव तैयार कर एस्टीमेट बना दिया गया है, जो डिवीजन पहुंच गया है। जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा।
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पेयजल आपूर्ति न मिलने से लोगों को या तो जान जोखिम में डालकर सतलुज नदी से सिल्ट वाला पानी पीठ पर ढोकर लाना पड़ रहा है या फिर कुछ किलोमीटर दूर बैहना खड्ड या सैंज नाला से गाड़ियों में पानी ढोने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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कारशा गांव के भारत भूषण, शशि भूषण, भगत राम, सतीश कुमार, राम लाल और इंद्र कुमार का कहना है कि उन्हें रोपड़ी के साथ एक स्रोत से और बाद में शुष गांव के साथ बाइनाल नामक प्राकृतिक स्रोत से पेयजल आपूर्ति दी जाती रही है, लेकिन 5-6 महीनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ी है। इसके कारण उन्हें खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्होंने जलशक्ति विभाग के संबंधित सेक्शन के जेई, एसडीओ और यहां तक कि एक्सईएन के संज्ञान में भी मामला लाया, बावजूद इसके समस्या का कोई समाधान नहीं हो पा रहा है। हैंडपंप को दुरुस्त कर जलशक्ति विभाग पेयजल आपूर्ति करने के दावे कर रहा है। उसमें से बड़ी मुश्किलों के बाद निकलने वाला पानी खारा है, जो पीने योग्य ही नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों ने विभाग से पेयजल आपूर्ति जल्द बहाल करने की गुहार लगाई है। हैरानी की बात है कि कारशा गांव के लोगों को छह माह से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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जलशक्ति विभाग दलाश के एसडीओ नरेंद्र नेगी का कहना है कि समस्या को देखते हुए एक नई पाइप लाइन का प्रस्ताव तैयार कर एस्टीमेट बना दिया गया है, जो डिवीजन पहुंच गया है। जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा।