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Rampur Bushahar News: सरतेला और ठोडा दल डरौल ने पारंपरिक ठोडा खेल से लोगों का किया मनोरंजन

Mon, 24 Jun 2024 11:37 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jun 2024 11:37 PM IST
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Three day Bishu Thoda fair organized, Theog, Shimla
ठोडा दल खूंद मधान एंव परगना धारठी मधान की ओर से तीन दिवसीय बिशू ठोडा मेला में नृत्य करते लोग
शिक्षा मंत्री ने मझोली में आयोजित बिशू (ठोडा) मेला में की शिरकत
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संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठोडा दल खूंद मधान एवं परगना धारठी मधान ने तीन दिवसीय बिशु ठोडा मेले का आयोजन ठियोग के पंचायत कथोग मधान के गांव मझोली कुफ्टा में किया। मेले में ठोडा दल सरतेला (शाठी) और ठोडा दल डरौल (पाशी) ने पारंपरिक ठोडा खेल से लोगों का मनोरंजन किया गया। सोमवार को बतौर मुख्यातिथि शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शिरकत की। मेले को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने वर्तमान कार्यकाल में प्रदेश के विकास को गति दी है। इस दौरान उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कथोग में भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये की राशि का 25 प्रतिशत हिस्सा लोक निर्माण विभाग को जल्द देने की घोषणा की। साथ ही स्थानीय पंचायत को पांच लाख रुपये की राशि सीटी वर्क के लिए देने की घोषणा की। उन्होंने मेला के सफल आयोजन के लिए मेला समिति की सराहना की और समिति को 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी। साथ ही ठोडो खेल में हिस्सा ले रही दोनों टीमों को 11-11 हजार रुपये देने की घोषणा की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पारंपरिक खेलों को नई खेल नीति में शामिल करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, ताकि खेल कोटे से खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी लेने में प्राथमिकता मिले। उन्होंने स्थानीय जनता से अपील की कि अपने पारंपरिक खेलों को जीवित रखने में अग्रणी भूमिका निभाएं। रोहित ठाकुर ने कहा कि जिला सिरमौर में ठोडा खेल एक प्रकार का युद्ध है, जो बिशु के अवसर पर किया जाता है। ठोडा हिमाचल प्रदेश के कुछ जिलों में विशेष अवसरों पर खेला जाने वाला संगीतमय खेल है। तीर कमान के प्रदर्शन के इस खेल को महाभारत काल से जोड़कर भी देखा जाता है। माना जाता है कि ठोडा की उत्पत्ति महाभारत काल में हुई थी। इसे पांडवों और कौरवों के मध्य हुए युद्ध के रूप में देखा जाता है। ठोडा लोगों के मनोरंजन का मुख्य आकर्षण रहता है।


यदि ठोडा खेल का जिक्र किया जाए तो ठोडा प्राचीन संस्कृति का प्रतीक है। हिमाचल प्रदेश में ठोडा ऊपरी शिमला तथा सिरमौर जिला में खेला जाता है। प्राचीन संस्कृति पर आधारित यह खेल महाभारत काल की याद को ताजा करता है। दो दलों के बीच खेले जाने वाला तीर कमान का यह खेल ऊपरी शिमला में खासी लोकप्रियता हासिल किए हुए है। ठोडा खेल में दो दल आपस में कौरव व पांडव बनकर एक दूसरे पर तीरों से प्रहार करते हैं। मेला में विशेष अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए विधायक ठियोग कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल में ठियोग विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को रफ्तार दी गई है और लोगों की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर राणा साहिब मधान योगेंद्र चंद, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष नरेंद्र कंवर, देवेंद्र नेगी निदेशक लैंड मार्डगेज बैंक, वरिष्ठ नेता भूषण ठाकुर, उप प्रधान सुरेश चंद, दिग्विजय कंवर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

ठोडा दल खूंद मधान  एंव  परगना धारठी मधान की ओर से तीन दिवसीय बिशू ठोडा मेला में नृत्य करते लोग

ठोडा दल खूंद मधान एंव परगना धारठी मधान की ओर से तीन दिवसीय बिशू ठोडा मेला में नृत्य करते लोग

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