फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Thousands of CPed physical teachers waiting for employment

Rampur Bushahar News: रोजगार के इंतजार में हजारों सीपीएड शारीरिक शिक्षक

Tue, 13 Aug 2024 11:25 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 13 Aug 2024 11:25 PM IST
विज्ञापन
स्वतंत्रता दिवस पर बेरोजगार शिक्षकों को तोहफा दें सुक्खू सरकार : मार्कंडेय
विज्ञापन

प्रदेश में कांग्रेस सरकार के खोले प्रशिक्षण संस्थान में ली थी ट्रेनिंग, नौकरियां देनी भूली सरकार
जल्द मांगें पूरी नहीं हुई तो सचिवालय में गरजेगा संघ


संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। हिमाचल प्रदेश के सीपीएड शारीरिक शिक्षक संघ के 5349 बेरोजगार 15 साल से रोजगार के इंतजार में हैं, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस कारण शिक्षकों में भारी रोष है। सीपीएड शारीरिक शिक्षा संघ के बृज मार्कंडेय, संदीप कुमार, बूटा सिंह, योगेश कुमार, जसविंदर, नीलम, शशि, रुचि, स्नेहलता, दयानंद, खेम चंद, इंद्र कुमार, शिव कुमार, बाला देवी, जर्म सिंह, किरण बाला, सावित्री ठाकुर और शीला शर्मा ने कहा कि 15 साल से नौकरी की उम्मीद लगाए बैठें हैं, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। अब सीपीएड शारीरिक शिक्षक संघ की आखिरी उम्मीदें मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर टिकी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर सरकार उन्हें तोहफा देगी। सीपीएड शारीरिक शिक्षकों को ऐसी सजा क्यों? अपने ही प्रदेश की सरकार की ओर से खोले गए प्रशिक्षण संस्थानों से प्रशिक्षण लेने वालों को नौकरी नहीं और बाहरी राज्यों से आए प्रशिक्षण वाले बैच और कमिशन के लिए योग्य हैं। ऐसा सौतेला व्यवहार सरकार क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004-2005 से हिमाचल प्रदेश में एससीवीटी के तहत हिमाचल के 12 जिलों में कांग्रेस सरकार की ओर से विभिन्न जगहों पर प्रशिक्षण संस्थान खोले गए थे, जिसमें बहुत सारे वोकेशनल कोर्स करवाए गए। इसमें शारीरिक शिक्षकों को भी कोर्स पीईटी करवाया गया। हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत स्वर्गीय वीरभद्र सिंह ने यह फैसला लिया था, ताकि सभी वर्गों के बच्चों को शारीरिक शिक्षक बनने के लिए बाहरी राज्यों में न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमसे प्राथमिक स्कूल से लेकर लेकर हाई स्कूल तक भर्ती करवाने का वादा किया था, जो अभी तक पूरा नहीं कर पाई है। हमें मुख्यमंत्री पर भरोसा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि वह हमारे दर्द को समझेंगे। हमें जल्द ही कमीशन और बैच वाइज भर्ती में बैठने का मौका देंगे। वहीं, चेताया है कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुई तो शिमला में सचिवालय के बाहर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed