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Rampur Bushahar News: काशंग कंडा और सांगला कंडा में बनी कृत्रिम झीलों से नहीं खतरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर जिले के काशंग कंडा और सांगला कंडा में ग्लेशियर पिघलने से दो कृत्रिम झीलें बनी हैं। उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि इन दो कृत्रिम झीलों के बनने से गांववासियों को जानमाल का कोई खतरा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कृत्रिम झील के फटने से कोई बाढ़ जैसी खतरनाक स्थिति तो नहीं बनेगी, इसके बारे जानकारी ली जा रही है। उन्होंने कहा कि किन्नौर में आपदा से निपटने के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया दल 14 जून को मॉकड्रिल करेगी। मॉकड्रिल के माध्यम से प्राकृतिक आपदा, भूकंप से राहत और बचाव के बारे में जानकारी के साथ कमियों का भी आकलन किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि किन्नौर जिला भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं भू-स्खलन, सर्दी के मौसम में ग्लेशियर आदि प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से संवदेनशील हैं, इसलिए जिले में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए समय-समय पर तैयारियां और मॉकड्रिल का आयोजन आवश्यक है ताकि आपदा में होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। वहीं, ऐसी आपदा से निपटने के लिए की गई तैयारियों और कमियों का आंकलन किया जा सके।
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रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर जिले के काशंग कंडा और सांगला कंडा में ग्लेशियर पिघलने से दो कृत्रिम झीलें बनी हैं। उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि इन दो कृत्रिम झीलों के बनने से गांववासियों को जानमाल का कोई खतरा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कृत्रिम झील के फटने से कोई बाढ़ जैसी खतरनाक स्थिति तो नहीं बनेगी, इसके बारे जानकारी ली जा रही है। उन्होंने कहा कि किन्नौर में आपदा से निपटने के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया दल 14 जून को मॉकड्रिल करेगी। मॉकड्रिल के माध्यम से प्राकृतिक आपदा, भूकंप से राहत और बचाव के बारे में जानकारी के साथ कमियों का भी आकलन किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि किन्नौर जिला भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं भू-स्खलन, सर्दी के मौसम में ग्लेशियर आदि प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से संवदेनशील हैं, इसलिए जिले में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए समय-समय पर तैयारियां और मॉकड्रिल का आयोजन आवश्यक है ताकि आपदा में होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। वहीं, ऐसी आपदा से निपटने के लिए की गई तैयारियों और कमियों का आंकलन किया जा सके।