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Rampur Bushahar News: कोटखाई जल शक्ति विभाग में स्टाफ की भारी कमी, एक जेई के भरोसे पूरा उपमंडल
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संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू)।
उपमंडल के तहत जल शक्ति विभाग में स्टाफ की भारी कमी है। हाल यह है कि एक जेई के भरोसे पूरा उपमंडल चल रहा है। एसडीओ कार्यालय से लेकर सभी अनुभाग के कार्यालयों में ताला लगने की नौबत आ गई है। जल शक्ति विभाग के कोटखाई सब डिविजन में बेलदार से लेकर तकनीकी कर्मचारियों के 214 पद रिक्त चल रहे हैं। इनमें एक सहायक अभियंता, दो कनिष्ठ अभियंता, फिटर, पंप ऑपरेटर, बेलदार और चौकीदार शामिल हैं। पूरे उपमंडल की जिम्मेदारी केवल एक कनिष्ठ अभियंता के कंधों पर है। यदि वह अवकाश पर जाए, तो देखरेख करने वाला कोई नहीं है। इस सब डिविजन के तहत जन शक्ति विभाग की 122 पेयजल योजनाएं चल रही हैं। इन योजनाओं को चलाने के लिए महज 95 कर्मचारी हैं। इस कारण तैनात कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार का दबाव भी पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रभावित होने पेयजल लाइनों को देखने वाला कोई नहीं है। स्टाफ की कमी के कारण कर्मचारियों को एक से अधिक योजनाओं की निगरानी करनी पड़ रही है। जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता अजीत नेगी ने कहा कि मामला उच्च अधिकारियों के ध्यानार्थ पहले से है। कर्मचारियों की नियुक्ति होने पर ही तैनात कर्मचारियों पर काम का बोझ कम हो सकेगा।
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कोटखाई (रोहड़ू)।
उपमंडल के तहत जल शक्ति विभाग में स्टाफ की भारी कमी है। हाल यह है कि एक जेई के भरोसे पूरा उपमंडल चल रहा है। एसडीओ कार्यालय से लेकर सभी अनुभाग के कार्यालयों में ताला लगने की नौबत आ गई है। जल शक्ति विभाग के कोटखाई सब डिविजन में बेलदार से लेकर तकनीकी कर्मचारियों के 214 पद रिक्त चल रहे हैं। इनमें एक सहायक अभियंता, दो कनिष्ठ अभियंता, फिटर, पंप ऑपरेटर, बेलदार और चौकीदार शामिल हैं। पूरे उपमंडल की जिम्मेदारी केवल एक कनिष्ठ अभियंता के कंधों पर है। यदि वह अवकाश पर जाए, तो देखरेख करने वाला कोई नहीं है। इस सब डिविजन के तहत जन शक्ति विभाग की 122 पेयजल योजनाएं चल रही हैं। इन योजनाओं को चलाने के लिए महज 95 कर्मचारी हैं। इस कारण तैनात कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार का दबाव भी पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रभावित होने पेयजल लाइनों को देखने वाला कोई नहीं है। स्टाफ की कमी के कारण कर्मचारियों को एक से अधिक योजनाओं की निगरानी करनी पड़ रही है। जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता अजीत नेगी ने कहा कि मामला उच्च अधिकारियों के ध्यानार्थ पहले से है। कर्मचारियों की नियुक्ति होने पर ही तैनात कर्मचारियों पर काम का बोझ कम हो सकेगा।