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Rampur Bushahar News: सोसायटी में नहीं दूध की गुणवत्ता मापने की मशीनें, कैसे मिलेंगे बढ़े हुए दाम

Tue, 31 Mar 2026 11:26 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 31 Mar 2026 11:26 PM IST
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There are no milk quality measuring machines in the society, how will the increased prices be met
अरसू में दुग्ध उत्पादक संघ की बैठक में मौजूद ग्रामीण। संवाद 
दूध के दाम बढ़ने पर भी दुग्ध उत्पादकों को निराशा लग रही हाथ
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दो-दो महीने बाद मिल रही दूध की पेमेंट, पशु औषधालयों में चरमराई सेवाएं
2 अप्रैल को किसान मजदूर भवन में अधिवेशन कर रणनीति तैयार करेंगे दुग्ध उत्पादक

संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड(कुल्लू)।
प्रदेश सरकार ने हजारों दुग्ध उत्पादकों को भले ही दूध के दाम बढ़ाकर तोहफा दिया हो, लेकिन सोसायटियों में दूध की गुणवत्ता मापने की मशीनें ही नहीं हैं। ऐसे में उत्पादकों को दूध के बढ़े हुए दाम कैसे मिलेंगे। दुग्ध उत्पादक संघ ने कहा कि दूध के दाम बढ़ने के बाद भी दुग्ध उत्पादकों के हाथ निराशा ही लगी है। दो-दो महीने बाद पशुपालकों को दूध की पेमेंट मिल रही है और पशु औषधालयों में पशुओं को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं। दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं को लेकर 2 अप्रैल को किसान मजदूर भवन चाटी में अधिवेशन होगा, जिसमें आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। दूध उत्पादक संघ निरमंड ब्लॉक की बैठक मंगलवार को अरसू में हुई। बैठक में किसान मजदूर भवन चाटी में होने वाले अधिवेशन की तैयारियों पर चर्चा की गई। इस अधिवेशन में निरमंड, रामपुर, आनी, ननखड़ी, कुमारसैन, नारकंडा, नित्थर, करसोग, छतरी और भावनगर क्षेत्र के दूध उत्पादक शामिल होंगे। किसान सभा राज्य सचिव देवकी नंद, किसान सभा निरमंड अध्यक्ष पूर्ण ठाकुर और सचिव महेश्वर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बजट में दूध के दाम तो बढ़ा दिए हैं, जिसके लिए किसान सभा प्रदेश सरकार का धन्यवाद करती है। दूध के दाम बढ़ जाने के बाद भी सही दाम नहीं मिल रहे हैं। इसका मुख्य कारण सोसायटियों में दूध की गुणवत्ता को मापने की मशीनें न होना है। दूसरी ओर दूध की पेमेंट का समय पर न मिलना भी दूध उत्पादकों की परेशानी का सबब बना हुआ है। आज भी दो महीने पूरे होने जा रहा है, लेकिन पेमेंट आज भी नहीं मिली है। इससे दूध उत्पादकों को अपना परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को दत्तनगर में मिल्क फेडरेशन के साथ भी उठाया गया है, परंतु न तो सरकार, न ही मिल्कफेड इन समस्याओं के समाधान के लिए कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पशु औषधालयों में डॉक्टर के खाली पद होने से भी पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूध उत्पादक संघ ने प्रदेश सरकार से दूध की पेमेंट हर महीने दस तारीख से पहले सीधे दूध उत्पादकों के खाते में डालने, दूध की गुणवत्ता को मापने के लिए सभी सोसायटियों में टेस्टिंग मशीनें देने, पशु औषधालयों में डॉक्टर के खाली पद भरने और अच्छी किस्म के सीमन उपलब्ध करवाने की मांग की है। इस मौके पर दुर्गा नंद, चूड़ा राम, रवीना, प्रेमा देवी, श्याम लाल, अनारकली, मान सुख, सुरेश, शिव राम सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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