{"_id":"68331f2ffc9e5a87930b7935","slug":"the-threat-of-shadow-mite-in-apple-orchards-rampur-hp-news-c-19-1-sml1055-540426-2025-05-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: सेब के बगीचों में छाया माइट का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: सेब के बगीचों में छाया माइट का खतरा
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। क्षेत्र में उमस बढ़ने के कारण सेब के बगीचों में माइट के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। निचले और मध्यम ऊंचाई पर कई स्थानों पर माइट के बढ़ते संक्रमण ने बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। बागवानी विशेषज्ञों ने बगीचों में नजर रखने के के साथ दवाइयों के छिड़काव की सलाह दी है। सेब बहुल क्षेत्र के मध्यम ऊंचाई वाले बगीचों से पत्तों पर माइट का संक्रमण भारी मात्रा में नजर आ रहा है। इससे सेब के आकार पर खतरा छा गया है। हालांकि, इसका संक्रमण एक महीने पहले से शुरू हो चुका है, लेकिन अब लगातार बढ रहा है। रोकथाम के लिए कई बागवान दवाइयों का छिड़काव भी शुरू चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, माइट एक सूक्ष्म मकड़ी है, जो सेब की पत्तियों पर अपनी संख्या बढ़ाती है। अंडों से निकलने वाली सूक्ष्म मकड़ी पौधों के पत्तों के नीचे का हरे भाग को चाट लेती है, जिससे उनमें हरापन कम हो जाता है और फल-पौधे को नुकसान पहुंचता है। इससे सेब का आकार भी नहीं बढ़ता और समय से पहले पत्ते खराब होकर गिरने शुरू हो जाते हैं। वहीं, कृषि विज्ञान केंद्र के पूर्व प्रभारी एवं बागवानी विशेषज्ञ डाॅ. नरेंद्र कायथ ने कहा कि हवा में अधिक नमी और गर्मी बढ़ने पर मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों के सेब बगीचों में कई स्थानों से माइट का संक्रमण फैल चुका है। बागवान लगातार सेब के बगीचे में नजर रखें। यदि एक पत्ते के नीचे छह-सात से अधिक माइट कीट पाए गए, तो बागवान सलाह के बाद तुरंत रोकथाम के लिए दवाइयों का छिड़काव करें। -संवाद
विज्ञापन
रोहड़ू। क्षेत्र में उमस बढ़ने के कारण सेब के बगीचों में माइट के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। निचले और मध्यम ऊंचाई पर कई स्थानों पर माइट के बढ़ते संक्रमण ने बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। बागवानी विशेषज्ञों ने बगीचों में नजर रखने के के साथ दवाइयों के छिड़काव की सलाह दी है। सेब बहुल क्षेत्र के मध्यम ऊंचाई वाले बगीचों से पत्तों पर माइट का संक्रमण भारी मात्रा में नजर आ रहा है। इससे सेब के आकार पर खतरा छा गया है। हालांकि, इसका संक्रमण एक महीने पहले से शुरू हो चुका है, लेकिन अब लगातार बढ रहा है। रोकथाम के लिए कई बागवान दवाइयों का छिड़काव भी शुरू चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, माइट एक सूक्ष्म मकड़ी है, जो सेब की पत्तियों पर अपनी संख्या बढ़ाती है। अंडों से निकलने वाली सूक्ष्म मकड़ी पौधों के पत्तों के नीचे का हरे भाग को चाट लेती है, जिससे उनमें हरापन कम हो जाता है और फल-पौधे को नुकसान पहुंचता है। इससे सेब का आकार भी नहीं बढ़ता और समय से पहले पत्ते खराब होकर गिरने शुरू हो जाते हैं। वहीं, कृषि विज्ञान केंद्र के पूर्व प्रभारी एवं बागवानी विशेषज्ञ डाॅ. नरेंद्र कायथ ने कहा कि हवा में अधिक नमी और गर्मी बढ़ने पर मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों के सेब बगीचों में कई स्थानों से माइट का संक्रमण फैल चुका है। बागवान लगातार सेब के बगीचे में नजर रखें। यदि एक पत्ते के नीचे छह-सात से अधिक माइट कीट पाए गए, तो बागवान सलाह के बाद तुरंत रोकथाम के लिए दवाइयों का छिड़काव करें। -संवाद