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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   The road connecting Solan-Sirmaur in Theog is closed, rural roads including NH in Ani are blocked

Rampur Bushahar News: ठियोग में सोलन-सिरमौर को जोड़ने वाली सड़क बंद, आनी में एनएच समेत ग्रामीण सड़कें बाधित

Tue, 22 Jul 2025 11:56 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jul 2025 11:56 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
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ठियोग /आनी । ठियोग के सैंज में सोलन और सिरमौर को जोड़ने वाली सैंज-माईपुल-यशवंत नगर सड़क पर सोमवार देर शाम पहाड़ी का बड़ा हिस्सा सड़क पर आ गिरा। इस कारण यह मार्ग बंद हो गया है। 80 मीटर मीटर लंबे पहाड़ी के हिस्से से लगातार पत्थरों के गिरने का सिलसिला जारी है। इस कारण पैदल आवाजाही भी खतरनाक है।
दूसरी तरफ, आनी क्षेत्र में बारिश और भूस्खलन के दूसरे दिन भी एनएच-305 समेत ग्रामीण संपर्क मार्गों पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा। केवल आनी-लूहरी मार्ग बहाल है। इस कारण आनी-रामपुर और आनी-चंडीगढ़ को छोड़कर बाकी सभी मार्गों पर परिवहन व्यवस्था चरमराई हुई है। वहीं, ठियाेग में लोक निर्माण विभाग ने मंगलवार दोपहर तक एक मशीन के सहारे सड़क को खोलने का काम शुरू किया गया, जिसमें अधिक समय लग रहा था। दोपहर बाद विभाग ने पोकलेन मशीन लगाकर काम की रफ्तार को तेज किया। मौके पर मौजूद स्थानीय निवासी अजय कुमार ने बताया कि चंद मिनटों के अंदर ही तेज आवाज के साथ पत्थरों के गिरने का सिलसिला शुरू हुआ, जोकि पलभर में तेज हो गया। सुनील शर्मा ने कहा कि पहाड़ी से गिरते पत्थरों से वाहन में मौजूद लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। इस दौरान सड़क पर कई गाड़ियां भी खड़ी थीं। गनीमत रही कि किसी भी वाहन या व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। मंगलवार को सड़क साफ करने के दौरान भी पत्थरों के गिरने का सिलसिला जारी रहा। इस कारण काम में बाधा उत्पन्न हुई। सैंज उपमंडल के लोक निर्माण विभाग के एसडीओ विनोद शर्मा ने बताया कि सड़क बहाली के लिए भारी मशीनरी का प्रयोग किया जा रहा है। मशीनों से जितना सड़क को साफ किया जा रहा है, उसी समय पहाड़ी से और मलबा गिर रहा है। इससे परेशानी पेश आ रही है। ठियोग के एसडीएम शशांक गुप्ता ने बताया कि मौके का निरीक्षण किया गया है। जल्द सड़क को सुचारु कर दिया जाएगा।
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सेब सीजन के लिए महत्वपूर्ण सड़क

शिमला जिला की बड़ी फल मंडियों में शुमार पराला फल मंडी में बिकने वाला सेब सैंज-माईपुल सड़क से ही सोलन और प्रदेश की बाहरी राज्यों की मंडियों के लिए भेजा जाता है। पिछले वर्षों में बलग के नैना और फागू में स्थापित सेब नियंत्रण कक्षों के आंकड़ों के अनुसार आधे से अधिक सेब के वाहन सैंज-माईपुल से ही गुजरे थे। इन आंकड़ों से यह पता चलता है कि यह सड़क सेब सीजन में कितनी महत्वपूर्ण है।
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आनी क्षेत्र में 25 बस रूट पूरी तरह स्थगित

आनी में कुल 60 में से 25 निगम की बसों के रूट पूरी तरह ठप हैं। 6 रूटों पर मात्र आधे रास्ते तक ही बसें भेजी जा रही हैं। अड्डा प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि करशाला, बलेहड़, कोठी, पोखरी और कराणा रूट की बसों को श्वाड़ तक भेजा जा रहा है। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर 12 बसें दूसरे दिन भी फंसी हुई हैं, जिन्हें निकालने का प्रयास किया जा रहा है। चिंताजनक स्थिति एनएच-305 पर खनाग और चौहानी के बीच झेड प्वाइंट की है। यहां हाल ही में एक विशाल डंगा गिरने से सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई है। एनएच विभाग के अनुसार पहले यहां छोटे वाहनों के लिए रास्ता खोला गया था, लेकिन जमीन नीचे से खोखली हो जाने के कारण यह मार्ग पूरी तरह असुरक्षित हो गया है। g एनएच के एसडीओ आरएम शर्मा ने कहा कि झेड प्वाइंट को छोड़कर शेष एनएच-305 बहाल कर दिया गया है, लेकिन झेड प्वाइंट पर अब छोटे वाहनों का गुजरना भी खतरे से खाली नहीं है। लोगों को आपातकालीन सेवाओं के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सेब सीजन और आपात स्थिति को देखते हुए भारी परेशानियां पेश आ सकती हैं।
सतलुज उफान पर, चार झूला पुल डूबे

सुन्नी (शिमला)। सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ने से सुन्नी क्षेत्र में जगह-जगह जलभराव हो गया है। पानी के साथ बहकर आई लकड़ी के कारण थली पुल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। सोमवार रात को अचानक सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे लोग डर के साये में जीने को मजबूर हैं। शनि मंदिर के सराय भवन में पानी भर गया है। इसके अलावा चार झूला पुलों को नुकसान हुआ है। यह सभी झूला पुल पानी में डूब चुके हैं। थली पुल पर प्रशासन ने आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। संवाद


बांध से छोड़ा पानी, नदी से दूर रहने का अलर्ट

रामपुर बुशहर।
सतलुज नदी में मंगलवार सुबह 8:30 बजे एक बार फिर से गाद की मात्रा अधिक होने के कारण बांध क्षेत्र से 1200 क्यूमेक्स तक पानी छोड़ा गया है। इसके लिए एसजेवीएन नाथपा-झाकड़ी परियोजना के प्रबंधन ने स्थानीय लोगों को सतलुज नदी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। संवाद
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