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Rampur Bushahar News: पहली बारिश में ही सड़क बन गई तालाब, विभाग मूकदर्शक

Tue, 17 Jun 2025 11:46 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 17 Jun 2025 11:46 PM IST
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The road became a pond in the first rain, the department remained a mute spectator
मोरसिंघी पंचायत के अंतर्गत कसोहल गांव की मुख्य संपर्क सड़क पहली ही बारिश में जलमग्न हुई। संवाद
पहली बारिश में ही सड़क बनी तालाब, विभाग बना मूकदर्शक
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घुमारवीं की मोरसिंघी पंचायत के कसोहल गांव की मुख्य सड़क जलमग्न
बरसात में सड़क पर दो से तीन फीट तक भरता है पानी
स्कूल जाने वाले बच्चे, बीमार और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित
एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाएं भी हो रहीं बाधित

संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल की मोरसिंघी पंचायत के अंतर्गत कसोहल गांव की मुख्य संपर्क सड़क पहली ही बारिश में जलमग्न होकर एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बरसात शुरू होते ही यह सड़क तालाब में तब्दील हो गई। इससे न सिर्फ ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है।
यह सड़क घुमारवीं मुख्यालय से कसोहल गांव को जोड़ने वाली एकमात्र संपर्क सड़क है। इससे रोजाना दर्जनों वाहन गुजरते हैं। जैसे ही बारिश होती है, सड़क पर दो से तीन फीट तक पानी भर जाता है। यह स्थिति न केवल स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही है, बल्कि यह मार्ग अब पैदल यात्रियों और वाहनों दोनों के लिए जानलेवा होता जा रहा है। लोगों का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि सालों पुरानी है। हर वर्ष बरसात के मौसम में यही हालात बनते हैं। इसके बावजूद प्रशासन और विभाग अब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाल सके हैं।
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पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर पानी भर जाता है। इससे बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। बीमार अस्पताल नहीं पहुंच पाते और लोगों का घर से निकलना भी कठिन हो जाता है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि किसी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो एंबुलेंस, पुलिस या फायर ब्रिगेड जैसी जरूरी सेवाएं भी सड़क से नहीं गुजर सकतीं। अधिकारियों से मिलकर कई बार गुहार लगाई लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि लाखों-करोड़ों रुपये सड़कों के निर्माण और मरम्मत पर खर्च किए जाते हैं, मगर बुनियादी समस्याएं जैसे जल निकासी की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। बरसात के मौसम में पानी सड़क से निकलकर आसपास के घरों तक भी पहुंचने लगता है, जिससे मकानों को भी खतरा बना रहता है। यदि इस जलभराव से कोई बड़ी दुर्घटना होती है या किसी राहगीर की जान जाती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को विवश होंगे।
लोक निर्माण विभाग घुमारवीं के अधिशासी अभियंता दीपक सुरैहली ने कहा कि बुधवार को मौके पर टीम भेजी जाएगी। जो भी समस्या होगी उसका समाधान किया जाएगा।
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