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Rampur Bushahar News: खड्ड में उफान, जोखिम में जान और चिट्ठियों में बंद राहत

Thu, 07 Aug 2025 11:23 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Aug 2025 11:23 PM IST
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The Panchayat had sent a demand letter to the Block Development Officer for the construction of culvert in JE Khad
क्यार और बगेंन पंचायत को जोड़ने वली सड़क जेई खड्ड के पास का क्षतिग्रस्त हिस्सा। संवाद
जेई खड्ड में कलवर्ट के निर्माण के लिए विकास खंड अधिकारी को पंचायत ने भेजा था मांग पत्र
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प्रशासन से न मिली धनराशि और न बने कलवर्ट, अब बारिश में उफनती खड्ड को पार कर रहे लोग


संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। क्यार पंचायत को बगैंण पंचायत से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग जेई खड्ड में जल स्तर बढ़ने के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे क्षेत्र के हजारों ग्रामीण और बागवानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, वहीं समस्या का समाधान करने के बजाय चिट्ठियां भेजकर अधिकारी हालात को और कठिन बना रहे हैं। यहां हालात ऐसे बन गए हैं कि बारिश से खड्ड उफान पर है, जिससे लोगों की जान जोखिम में है, क्योंकि लोग उफनती खड्ड को पार कर आवाजाही कर रहे हैं, लेकिन लोगों की राहत चिट्ठियों में बंद है। जेई खड्ड से रैना दोची, गहनाली, शिगार और धानों गांव सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। क्यार-महौरी खड्ड में अधिक पानी आने के बाद जेई खड्ड से होकर गुजरने वाली सड़क बुरी तरह टूट गई है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। सेब के सीजन में इस मार्ग के बंद होने से बागवानों की मुश्किलें अधिक बढ़ गई हैं। सेब के तुड़ान का समय चल रहा है, लेकिन गाड़ियों के न पहुंच पाने की वजह से फसल बगीचों में ही सड़ने लगी है। पंद्रह किलोमीटर की परिधि में फैले कई गांव इस अवरुद्ध सड़क के कारण पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय पंचायत ने जेई खड्ड में कलवर्ट के निर्माण के लिए विकास खंड अधिकारी को एक मांग पत्र भेजा था। इसमें 2.5 लाख की धनराशि स्वीकृत करने की मांग की थी, लेकिन अभी तक धनराशि स्वीकृत नहीं हो पाई। इस पर ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी से उनकी सालभर की मेहनत पर पानी फिर रहा है। कई बागवानों ने बताया कि उन्होंने निजी खर्च पर गाड़ियां भेजने की कोशिश की, लेकिन मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध होने के कारण संभव न हो सका। बागवानों की मांग है कि प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप करे और किसानों की फसल को बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए। खंड विकास विभाग की टीम ने पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में मौके का निरीक्षण किया। टीम ने खड्ड में कलवर्ट लगाने की मांग को उचित माना। टीम ने खड्ड पर कलवर्ट लगाकर अस्थायी रूप से सड़क बहाली की रिपोर्ट विभाग को दी थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुधार नहीं किया गया है। टीम की रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने उपायुक्त को धनराशि स्वीकृत करने के लिए लिखित मांग भेज दी है। जिला प्रशासन ने कई खामियों का जिक्र करते हुए धनराशि जारी नहीं की और इन खामियों को दूर करने के आदेश पारित कर दिए। विभागों की आपसी खींच तान का खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ रहा है। वहीं, ग्रामीणों में सरकार के प्रति रोष बढ़ रहा है। बागवानों का कहना है कि एक ओर सरकार एक भी सेब को बगीचों में खरा न होने का वादा करने का दंभ भरती है, वहीं सैकड़ों सेब की पेटियों के बगीचों में खराब होने से बचाने के प्रति आंखें मूंदे बैठी है।
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