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Rampur Bushahar News: नोग वैली में तेज हवाओं और बारिश से बढ़ा ठंड का प्रकोप बढ़ा
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नोग वैली में तेज हवाओं और बारिश से बढ़ा ठंड का प्रकोप बढ़ा
. मौसम में आए बदलाव से घास कटाई पर लगी ब्रेक
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। उपमंडल रामपुर की नोगवैली और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बीते शनिवार शाम से तेज हवाओं के साथ बारिश के कारण ठंड बढ़ गई है। मौसम में आए बदलाव से घास कटाई के कार्य भी प्रभावित हुए हैं। बीते कुछ समय से मौसम के शुष्क रहने के चलते गर्मी बढ़ गई थी। मौसम आए बदलाव ने मध्यम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ग्रामीणों को स्वेटर जैकेट से लेकर ऊनी कपड़े पहनने को मजबूर करवा दिया है। इन दिनों घासनियों में महिला और पुरुष घास कटाई के काम में मशगूल हो चुके थे, लेकिन बीते कई घंटों से मौसम खराबी के चलते घास कटाई के कार्य पर पूरी तरह ब्रेक लग चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों की ओर से सर्दियों के मौसम के लिए पशु चारे के लिए खेतों और घासनियों में हरे घास को काटने के उपरांत धूप में सुखा कर सूखे चारे का प्रबंध करते हैं। मौसम का रुख यदि लगातार ऐसा ही रहता है, तो ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि ताजा बारिश खरीफ की फसलों के लिए संजीवनी साबित हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों के पशु पालकों में संजीव कुमार, राकेश, गुरजीत, प्रकाश, घनश्याम, रघुवीर, सुंदर सिंह, जगत सिंह, ईश्वर सिंह और कृष्ण लाल सहित सैकड़ों लोगों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका का मुख्य साधन पशुपालन व्यवसाय से जुड़ा है। समय रहते उन्हें सर्दियों के मौसम के लिए सूखे चारे का इंतजाम करवाना पड़ता है। ऐसे में मौसम का मेहरबान होना ग्रामीणों के लिए इन दिनों बहुत जरूरी है।
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. मौसम में आए बदलाव से घास कटाई पर लगी ब्रेक
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। उपमंडल रामपुर की नोगवैली और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बीते शनिवार शाम से तेज हवाओं के साथ बारिश के कारण ठंड बढ़ गई है। मौसम में आए बदलाव से घास कटाई के कार्य भी प्रभावित हुए हैं। बीते कुछ समय से मौसम के शुष्क रहने के चलते गर्मी बढ़ गई थी। मौसम आए बदलाव ने मध्यम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ग्रामीणों को स्वेटर जैकेट से लेकर ऊनी कपड़े पहनने को मजबूर करवा दिया है। इन दिनों घासनियों में महिला और पुरुष घास कटाई के काम में मशगूल हो चुके थे, लेकिन बीते कई घंटों से मौसम खराबी के चलते घास कटाई के कार्य पर पूरी तरह ब्रेक लग चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों की ओर से सर्दियों के मौसम के लिए पशु चारे के लिए खेतों और घासनियों में हरे घास को काटने के उपरांत धूप में सुखा कर सूखे चारे का प्रबंध करते हैं। मौसम का रुख यदि लगातार ऐसा ही रहता है, तो ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि ताजा बारिश खरीफ की फसलों के लिए संजीवनी साबित हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों के पशु पालकों में संजीव कुमार, राकेश, गुरजीत, प्रकाश, घनश्याम, रघुवीर, सुंदर सिंह, जगत सिंह, ईश्वर सिंह और कृष्ण लाल सहित सैकड़ों लोगों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका का मुख्य साधन पशुपालन व्यवसाय से जुड़ा है। समय रहते उन्हें सर्दियों के मौसम के लिए सूखे चारे का इंतजाम करवाना पड़ता है। ऐसे में मौसम का मेहरबान होना ग्रामीणों के लिए इन दिनों बहुत जरूरी है।