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Rampur Bushahar News: बर्फबारी और बारिश से बड़ी ठंडक, सेब तुड़ान रुका, बागवान चिंतित
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. हाईवे बंद होने से दोपहर बाद रिकांगपिओ से शिमला को नहीं चली सीधी बस
. रिकांगपिओं से पूह की ओर भी स्पीलो तक ही जा पाई बसें, जाम से परेशान हुए लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला/भावानगर/रिकांगपिओ। जनजातीय जिले किन्नौर में दो दिन लगातार बारिश और बर्फबारी से शीत लहर बढ़ गई है। निचले क्षेत्र के लोगों को भी सितंबर में ही गर्म कपड़े निकालने पड़े। वहीं, इस बेमौसमी बर्फबारी ने सेब सीजन के बीच बागवानों को चिंतित कर दिया है। किन्नौर के सांगला, कल्पा और पूह के क्षेत्रों में सेब तुड़ान का कार्य रुक गया है। रविवार सुबह से दोपहर तक किन्नौर जिले के छितकुल, मलिंग समेत ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। किन्नौर जिले के निचले क्षेत्रों सहित रामपुर, आनी के आउटर सिराज और ऊपरी शिमला में दिनभर बारिश होती रही। बारिश के बाद इन क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई। रामपुर जैसे गर्म क्षेत्र में भी लोगों को गर्म कपड़े पहनने पड़े। वहीं, पवारी से पूह के बीच मलिंग, नेसंग झूला, शासो में पहाड़ से पत्थर गिरने से एनएच-पांच पर यातायात ठप रहा। टापरी के समीप पागलनाला में भी भारी मलबा आ गया। हाईवे पर दोपहर ढाई बजे से देर शाम तक यातायात ठप रहा। शिमला और रिकांगपिओ की ओर जाने वाले वाहन सवार लोगों को घंटों जाम में फंसने से भारी परेशानी उठानी पड़ी। रिकांगपिओ से शिमला की ओर सुबह के समय हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसों सहित अन्य वाहनों की आवाजाही बराबर रही। दोपहर 2:30 के बाद रिकांगपिओ से शिमला की और निगम की बसों सहित कई अन्य वाहनों की सीधी आवाजाही नहीं हो सकी। वहीं, रिकांगपिओ से पूह काजा की ओर भी स्पीलो तक ही निगम की बसों का संचालन हुआ। हालांकि, एनएचएआई और सीमा सड़क संगठन ने एनएच को बहाल करने के लिए मजदूर और मशीनरी को तैनात कर रखा था, लेकिन पूरा दिन लगातार हो रही बारिश की वजह से एनएच बहाल करने में भारी परेशानी हुई। रिकांगपिओ के कार्यवाहक अड्डा प्रभारी रामवीर नेगी ने बताया कि रिकांगपिओ से शिमला की ओर दोपहर बाद बसों की सीधी आवाजाही नहीं हो पाई। पूह और काजा की तरफ भी स्पीलो तक ही बसें भेजी गईं।
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. रिकांगपिओं से पूह की ओर भी स्पीलो तक ही जा पाई बसें, जाम से परेशान हुए लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला/भावानगर/रिकांगपिओ। जनजातीय जिले किन्नौर में दो दिन लगातार बारिश और बर्फबारी से शीत लहर बढ़ गई है। निचले क्षेत्र के लोगों को भी सितंबर में ही गर्म कपड़े निकालने पड़े। वहीं, इस बेमौसमी बर्फबारी ने सेब सीजन के बीच बागवानों को चिंतित कर दिया है। किन्नौर के सांगला, कल्पा और पूह के क्षेत्रों में सेब तुड़ान का कार्य रुक गया है। रविवार सुबह से दोपहर तक किन्नौर जिले के छितकुल, मलिंग समेत ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। किन्नौर जिले के निचले क्षेत्रों सहित रामपुर, आनी के आउटर सिराज और ऊपरी शिमला में दिनभर बारिश होती रही। बारिश के बाद इन क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई। रामपुर जैसे गर्म क्षेत्र में भी लोगों को गर्म कपड़े पहनने पड़े। वहीं, पवारी से पूह के बीच मलिंग, नेसंग झूला, शासो में पहाड़ से पत्थर गिरने से एनएच-पांच पर यातायात ठप रहा। टापरी के समीप पागलनाला में भी भारी मलबा आ गया। हाईवे पर दोपहर ढाई बजे से देर शाम तक यातायात ठप रहा। शिमला और रिकांगपिओ की ओर जाने वाले वाहन सवार लोगों को घंटों जाम में फंसने से भारी परेशानी उठानी पड़ी। रिकांगपिओ से शिमला की ओर सुबह के समय हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसों सहित अन्य वाहनों की आवाजाही बराबर रही। दोपहर 2:30 के बाद रिकांगपिओ से शिमला की और निगम की बसों सहित कई अन्य वाहनों की सीधी आवाजाही नहीं हो सकी। वहीं, रिकांगपिओ से पूह काजा की ओर भी स्पीलो तक ही निगम की बसों का संचालन हुआ। हालांकि, एनएचएआई और सीमा सड़क संगठन ने एनएच को बहाल करने के लिए मजदूर और मशीनरी को तैनात कर रखा था, लेकिन पूरा दिन लगातार हो रही बारिश की वजह से एनएच बहाल करने में भारी परेशानी हुई। रिकांगपिओ के कार्यवाहक अड्डा प्रभारी रामवीर नेगी ने बताया कि रिकांगपिओ से शिमला की ओर दोपहर बाद बसों की सीधी आवाजाही नहीं हो पाई। पूह और काजा की तरफ भी स्पीलो तक ही बसें भेजी गईं।