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बागवानों की 130 करोड़ की लंबित राशि शीघ्र जारी करे सरकार : चेतन
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बोले-शिक्षा मंत्री सिर्फ बधाइयों और कार्यक्रमों तक सीमित, जमीनी मुद्दों पर खामोश
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। हिमाचल प्रदेश में बागवानों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। मंडी मध्यस्थ योजना (एमआईएस) के तहत खरीदे गए सी-ग्रेड सेब का भुगतान अभी तक न होने से रोष बढ़ता जा रहा है। भाजपा नेता चेतन बरागटा ने इस मुद्दे को उठाते हुए प्रदेश सरकार से 130 करोड़ रुपये के लंबित भुगतान को तुरंत जारी करने की मांग उठाई है।चेतन बरागटा ने कहा कि वर्ष 2024 और 2025 में मंडी मध्यस्थ योजना के तहत खरीदे गए सी-ग्रेड सेब का भुगतान सरकार ने अभी तक बागवानों को नहीं किया है। उन्होंने बताया कि इस बार बागवानों को मौसम और सरकारी लापरवाही के कारण ऐसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जैसी पिछले कई दशकों में कभी नहीं देखी गई। इस सीजन में भारी बारिश के कारण सड़कें लंबे समय तक बंद रहीं। इसके चलते सेब समय पर मंडियों तक नहीं पहुंच पाया। गुणवत्ता खराब हुई, मार्केट रेट बुरी तरह गिरे और हालत यह हुई कि बागवानों को 1998 जैसे दाम मिले। इससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई। बरागटा ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की ओर से एंटी-हेल नेट सहित बागवानी इनपुट पर दी जाने वाली सब्सिडी को नहीं दिया जा रहा है, जिससे बागवानों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और बागवानों की अनदेखी कर रही है, जिससे निराशा और असंतोष बढ़ रहा है।उन्होंने जुब्बल-कोटखाई-नावर क्षेत्र के विधायक शिक्षा मंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और कहा कि जब बागवान कठिन दौर से गुजर रहे हैं, तब उनके चुने हुए प्रतिनिधि मौन हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। विधायक सोशल मीडिया और औपचारिक कार्यक्रमों में तो सक्रिय हैं, लेकिन वास्तविक समस्याओं पर उनकी आवाज सुनाई नहीं देती।उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि मंडी मध्यस्थ योजना के तहत खरीदे गए सेब का लंबित भुगतान तुरंत शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि आज बागवान सरकार की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहा है। बागवानों का हक देने में देरी अब और बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। हिमाचल प्रदेश में बागवानों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। मंडी मध्यस्थ योजना (एमआईएस) के तहत खरीदे गए सी-ग्रेड सेब का भुगतान अभी तक न होने से रोष बढ़ता जा रहा है। भाजपा नेता चेतन बरागटा ने इस मुद्दे को उठाते हुए प्रदेश सरकार से 130 करोड़ रुपये के लंबित भुगतान को तुरंत जारी करने की मांग उठाई है।चेतन बरागटा ने कहा कि वर्ष 2024 और 2025 में मंडी मध्यस्थ योजना के तहत खरीदे गए सी-ग्रेड सेब का भुगतान सरकार ने अभी तक बागवानों को नहीं किया है। उन्होंने बताया कि इस बार बागवानों को मौसम और सरकारी लापरवाही के कारण ऐसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जैसी पिछले कई दशकों में कभी नहीं देखी गई। इस सीजन में भारी बारिश के कारण सड़कें लंबे समय तक बंद रहीं। इसके चलते सेब समय पर मंडियों तक नहीं पहुंच पाया। गुणवत्ता खराब हुई, मार्केट रेट बुरी तरह गिरे और हालत यह हुई कि बागवानों को 1998 जैसे दाम मिले। इससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई। बरागटा ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की ओर से एंटी-हेल नेट सहित बागवानी इनपुट पर दी जाने वाली सब्सिडी को नहीं दिया जा रहा है, जिससे बागवानों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और बागवानों की अनदेखी कर रही है, जिससे निराशा और असंतोष बढ़ रहा है।उन्होंने जुब्बल-कोटखाई-नावर क्षेत्र के विधायक शिक्षा मंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और कहा कि जब बागवान कठिन दौर से गुजर रहे हैं, तब उनके चुने हुए प्रतिनिधि मौन हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। विधायक सोशल मीडिया और औपचारिक कार्यक्रमों में तो सक्रिय हैं, लेकिन वास्तविक समस्याओं पर उनकी आवाज सुनाई नहीं देती।उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि मंडी मध्यस्थ योजना के तहत खरीदे गए सेब का लंबित भुगतान तुरंत शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि आज बागवान सरकार की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहा है। बागवानों का हक देने में देरी अब और बर्दाश्त नहीं की जा सकती।