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Rampur Bushahar News: डाॅक्टर ऊना में कर रहा उपचार, ज्यूरी में व्यवस्था बीमार
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पीएचसी ज्यूरी में डॉक्टर न होने से बढ़ी डेढ़ दर्जन पंचायतों के मरीजों की दुश्वारियां। संवाद
पीएचसी ज्यूरी का डाॅक्टर चार महीने से प्रतिनियुक्ति पर, चरमराई स्वास्थ्य सुविधाएं
डॉक्टर का वेतन पीएचसी ज्यूरी से और नौकरी ऊना में, जनता त्रस्त
. स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर लगा प्रश्न चिह्न
ज्यूरी क्षेत्र की जनता के साथ भेदभाव को लेकर ग्रामीणों ने जताया रोष
मोहन मेहता
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। स्वास्थ्य खंड रामपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ज्यूरी में चार माह से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। पीएचसी ज्यूरी में सेवाएं दे रहे डॉक्टर को चार माह पहले प्रतिनियुक्ति पर ऊना भेज दिया है। चार महीने से ज्यूरी में मरीजों का इलाज करवाने के लिए कोई डाॅक्टर नहीं है। डॉक्टर का वेतन पीएचसी ज्यूरी से और सेवाएं ऊना में चल रही हैं। हाल यह है कि ज्यूरी में नियुक्त डॉक्टर ऊना में उपचार कर रहा है और ज्यूरी में व्यवस्था बीमार चल रह रही है। इसे लेकर ज्यूरी के ग्रामीणों ने कड़ा रोष जताया है और पीएचसी में डॉक्टर की तैनाती करने की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने कहा कि प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर देखें, तो पीएचसी ज्यूरी में डाॅक्टर है। वास्तव में डाॅक्टर ज्यूरी से वेतन ले रहा है और सेवाएं कहीं और दे रहा है। करीब डेढ़ दर्जन पंचायतों का केंद्र और नेशनल हाईवे-पांच पर किसी भी दुर्घटना में प्राथमिक उपचार के लिए भी मरीज को पीएचसी ज्यूरी पहुंचाया जाता है, लेकिन आपात स्थिति तो दूर की बात क्षेत्र के गरीब और आम जनता को सर्दी, जुकाम जैसी दूसरी बीमारी के लिए स्वास्थ्य सुविधा न मिलने से लिए दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। ज्यूरी क्षेत्र की जनता के बार-बार आग्रह के बाद प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने छह महीने पहले एक डॉक्टर की नियुक्ति पीएचसी ज्यूरी में की, लेकिन दो महीने के अंदर ही उन्हें ज्यूरी से ऊना में प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया। चार महीने से ज्यूरी क्षेत्र के हजारों लोगों को छोटी-छोटी बीमारी के लिए रामपुर के खनेरी अस्पताल की भीड़ में खड़ा हो कर अपना ईलाज करवाना पड़ रहा है।
इलाज के लिए जाना पड़ रहा खनेरी अस्पताल
ज्यूरी क्षेत्र के संजय कुमार, तारा चंद, दीवान सिंह, मंगल दास, अशोक कुमार, प्रवीण कुमार, शारदा देवी, जूर दासी, ज्वाला दासी, शकुंतला देवी, सुषमा, सीता देवी और मुस्कान ने कहा कि पीएचसी में दो साल से डॉक्टर नहीं है। डेढ़़ वर्ष बाद ग्रामीणों को डॉक्टर की सुविधा तो मिली, लेकिन चार माह से डॉक्टर प्रतिनियुक्ति पर है और मरीज दुश्वारियां झेलने को मजबूर हैं। ज्यूरी क्षेत्र की जनता को मजबूरन किराया खर्च कर और एक घंटे का सफर कर रामपुर के खनेरी अस्पताल में उपचार के लिए जाना पड़ रहा है।
डॉक्टर को प्रतिनियुक्ति पर भेजना गलत
ज्यूरी पंचायत के उप प्रधान अरुण शर्मा ने बताया कि बार-बार आग्रह करने के बाद डॉक्टर का खाली पद भरा गया। डॉक्टर को प्रतिनियुक्ति पर ऊना भेजने का निर्णय बिल्कुल गलत है। ज्यूरी क्षेत्र की जनता डाॅक्टर न होने से स्वास्थ्य सुविधा से वंचित है। सरकार को प्रतिनियुक्ति समाप्त कर डाॅक्टर को ज्यूरी पीएचसी में बैठाना चाहिए या दूसरे डाॅक्टर के स्थायी आदेश जारी किए जाएं।
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जिस डाॅक्टर के ज्यूरी पीएचसी में ऑर्डर हैं, वो पिछले चार माह से ऊना में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। सप्ताह में एक या दो दिन सराहन अस्पताल से डाॅक्टर को पीएचसी ज्यूरी में तैनात किया जा रहा है।-- -डॉ. गगन, खंड चिकित्सा अधिकारी रामपुर
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डॉक्टर का वेतन पीएचसी ज्यूरी से और नौकरी ऊना में, जनता त्रस्त
. स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर लगा प्रश्न चिह्न
ज्यूरी क्षेत्र की जनता के साथ भेदभाव को लेकर ग्रामीणों ने जताया रोष
मोहन मेहता
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। स्वास्थ्य खंड रामपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ज्यूरी में चार माह से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। पीएचसी ज्यूरी में सेवाएं दे रहे डॉक्टर को चार माह पहले प्रतिनियुक्ति पर ऊना भेज दिया है। चार महीने से ज्यूरी में मरीजों का इलाज करवाने के लिए कोई डाॅक्टर नहीं है। डॉक्टर का वेतन पीएचसी ज्यूरी से और सेवाएं ऊना में चल रही हैं। हाल यह है कि ज्यूरी में नियुक्त डॉक्टर ऊना में उपचार कर रहा है और ज्यूरी में व्यवस्था बीमार चल रह रही है। इसे लेकर ज्यूरी के ग्रामीणों ने कड़ा रोष जताया है और पीएचसी में डॉक्टर की तैनाती करने की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने कहा कि प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर देखें, तो पीएचसी ज्यूरी में डाॅक्टर है। वास्तव में डाॅक्टर ज्यूरी से वेतन ले रहा है और सेवाएं कहीं और दे रहा है। करीब डेढ़ दर्जन पंचायतों का केंद्र और नेशनल हाईवे-पांच पर किसी भी दुर्घटना में प्राथमिक उपचार के लिए भी मरीज को पीएचसी ज्यूरी पहुंचाया जाता है, लेकिन आपात स्थिति तो दूर की बात क्षेत्र के गरीब और आम जनता को सर्दी, जुकाम जैसी दूसरी बीमारी के लिए स्वास्थ्य सुविधा न मिलने से लिए दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। ज्यूरी क्षेत्र की जनता के बार-बार आग्रह के बाद प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने छह महीने पहले एक डॉक्टर की नियुक्ति पीएचसी ज्यूरी में की, लेकिन दो महीने के अंदर ही उन्हें ज्यूरी से ऊना में प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया। चार महीने से ज्यूरी क्षेत्र के हजारों लोगों को छोटी-छोटी बीमारी के लिए रामपुर के खनेरी अस्पताल की भीड़ में खड़ा हो कर अपना ईलाज करवाना पड़ रहा है।
इलाज के लिए जाना पड़ रहा खनेरी अस्पताल
ज्यूरी क्षेत्र के संजय कुमार, तारा चंद, दीवान सिंह, मंगल दास, अशोक कुमार, प्रवीण कुमार, शारदा देवी, जूर दासी, ज्वाला दासी, शकुंतला देवी, सुषमा, सीता देवी और मुस्कान ने कहा कि पीएचसी में दो साल से डॉक्टर नहीं है। डेढ़़ वर्ष बाद ग्रामीणों को डॉक्टर की सुविधा तो मिली, लेकिन चार माह से डॉक्टर प्रतिनियुक्ति पर है और मरीज दुश्वारियां झेलने को मजबूर हैं। ज्यूरी क्षेत्र की जनता को मजबूरन किराया खर्च कर और एक घंटे का सफर कर रामपुर के खनेरी अस्पताल में उपचार के लिए जाना पड़ रहा है।
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डॉक्टर को प्रतिनियुक्ति पर भेजना गलत
ज्यूरी पंचायत के उप प्रधान अरुण शर्मा ने बताया कि बार-बार आग्रह करने के बाद डॉक्टर का खाली पद भरा गया। डॉक्टर को प्रतिनियुक्ति पर ऊना भेजने का निर्णय बिल्कुल गलत है। ज्यूरी क्षेत्र की जनता डाॅक्टर न होने से स्वास्थ्य सुविधा से वंचित है। सरकार को प्रतिनियुक्ति समाप्त कर डाॅक्टर को ज्यूरी पीएचसी में बैठाना चाहिए या दूसरे डाॅक्टर के स्थायी आदेश जारी किए जाएं।
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जिस डाॅक्टर के ज्यूरी पीएचसी में ऑर्डर हैं, वो पिछले चार माह से ऊना में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। सप्ताह में एक या दो दिन सराहन अस्पताल से डाॅक्टर को पीएचसी ज्यूरी में तैनात किया जा रहा है।