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Rampur Bushahar News: शहर के हर वार्ड में पार्क देने की घोषणा सिर्फ फाइलों तक सिमटी
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सोलन के मालरोड स्थित मशहून चिल्ड्रन पार्क में टूटे झूलों पर खेलते बच्चे। संवाद
- फोटो : स्वास्थ्य कर्मियों को जानकारी देते चिकित्सक।
शहर के मुख्य पार्कों की हालत खराब, बच्चों व लोगों को नहीं मिल पा रही सुविधा
चिल्ड्रन व मोहन पार्क के सौंदर्यीकरण का कार्य भी लटका
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नगर निगम की ओर से शहर के प्रत्येक वार्ड में एक पार्क विकसित करने की योजना अब केवल फाइलों तक ही सीमित रह गई है। जमीनी हकीकत इसके बिलकुल उलट है। एक ओर जहां नए पार्क बनाने का वादा अधूरा है, वहीं दूसरी ओर निगम जिन वार्डों में पार्क बने हैं, वहां पर उनकी हालत बेहद खस्ता हो चुकी है। हैरानी की बात तो यह है कि वार्डों की बात तो दूर, शहर की शान कहे जाने वाले मुख्य पार्कों की हालत भी दयनीय है। शहर के सबसे प्रमुख चिल्ड्रन पार्क और जवाहर पार्क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं। यहां बच्चों के खेलने के उपकरण या तो टूट चुके हैं या जंग खा रहे हैं। सौंदर्यीकरण के नाम पर शुरू किया गया कार्य महीनों से अधर में लटका हुआ है, जिससे स्थानीय निवासियों और बच्चों में भारी रोष है। कभी सुबह-शाम टहलने वालों से गुलजार रहने वाले जवाहर पार्क में भी जहां बच्चों के कई झूले टूटे पड़े हैं वहीं युवाओं के लिए लगया गया जिम भी अब पूरी तरह से टूट चुका है, जिसमें एक भी उपकरण काम का नहीं रहा। उधर, नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि पार्कों के जीर्णोद्धार का कार्य जारी है, जल्द उसे पूरा कर लिया जाएगा।
फाइलों से बाहर नहीं निकल पा रही योजना
निगम में हर बार चुनाव के दौरान प्रत्याशी हर वार्ड में पार्क बनान की घोषणाएं भी करते रहते हैं। इसके लिए बजट का प्रावधान करने का भी दावा किया जाता है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही यह सभी वादे भी खत्म हो जो हैं। जिन चंद वार्डों में पार्क विकसित किए गए, वहां न तो माली की व्यवस्था है और न ही पानी की। उचित रखरखाव न होने से अब लोग वहां पर बैठना भी पसंद नहीं करते। यहां तक कि कुछ पार्क तो मजनुओं व नशेड़ियों का अड्डा भी बनते जा रहे हैं।
अधर में लटका सौंदर्यीकरण
शहर के दो मुख्य पार्क हैं, जिसमें चिल्ड्रन व मोहन पार्क शामिल हैं। इनके सौंदर्यीकरण का प्रोजेक्ट कब पूरा होगा, इस पर अधिकारी मौन साधे हुए हैं। निर्माण सामग्री जगह-जगह बिखरी पड़ी है, जो टहलने वालों के लिए दुर्घटना का सबब बन रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन केवल कागजी खानापूर्ति में व्यस्त है, जबकि जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है।
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चिल्ड्रन व मोहन पार्क के सौंदर्यीकरण का कार्य भी लटका
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नगर निगम की ओर से शहर के प्रत्येक वार्ड में एक पार्क विकसित करने की योजना अब केवल फाइलों तक ही सीमित रह गई है। जमीनी हकीकत इसके बिलकुल उलट है। एक ओर जहां नए पार्क बनाने का वादा अधूरा है, वहीं दूसरी ओर निगम जिन वार्डों में पार्क बने हैं, वहां पर उनकी हालत बेहद खस्ता हो चुकी है। हैरानी की बात तो यह है कि वार्डों की बात तो दूर, शहर की शान कहे जाने वाले मुख्य पार्कों की हालत भी दयनीय है। शहर के सबसे प्रमुख चिल्ड्रन पार्क और जवाहर पार्क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं। यहां बच्चों के खेलने के उपकरण या तो टूट चुके हैं या जंग खा रहे हैं। सौंदर्यीकरण के नाम पर शुरू किया गया कार्य महीनों से अधर में लटका हुआ है, जिससे स्थानीय निवासियों और बच्चों में भारी रोष है। कभी सुबह-शाम टहलने वालों से गुलजार रहने वाले जवाहर पार्क में भी जहां बच्चों के कई झूले टूटे पड़े हैं वहीं युवाओं के लिए लगया गया जिम भी अब पूरी तरह से टूट चुका है, जिसमें एक भी उपकरण काम का नहीं रहा। उधर, नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि पार्कों के जीर्णोद्धार का कार्य जारी है, जल्द उसे पूरा कर लिया जाएगा।
फाइलों से बाहर नहीं निकल पा रही योजना
निगम में हर बार चुनाव के दौरान प्रत्याशी हर वार्ड में पार्क बनान की घोषणाएं भी करते रहते हैं। इसके लिए बजट का प्रावधान करने का भी दावा किया जाता है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही यह सभी वादे भी खत्म हो जो हैं। जिन चंद वार्डों में पार्क विकसित किए गए, वहां न तो माली की व्यवस्था है और न ही पानी की। उचित रखरखाव न होने से अब लोग वहां पर बैठना भी पसंद नहीं करते। यहां तक कि कुछ पार्क तो मजनुओं व नशेड़ियों का अड्डा भी बनते जा रहे हैं।
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अधर में लटका सौंदर्यीकरण
शहर के दो मुख्य पार्क हैं, जिसमें चिल्ड्रन व मोहन पार्क शामिल हैं। इनके सौंदर्यीकरण का प्रोजेक्ट कब पूरा होगा, इस पर अधिकारी मौन साधे हुए हैं। निर्माण सामग्री जगह-जगह बिखरी पड़ी है, जो टहलने वालों के लिए दुर्घटना का सबब बन रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन केवल कागजी खानापूर्ति में व्यस्त है, जबकि जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है।

सोलन के मालरोड स्थित मशहून चिल्ड्रन पार्क में टूटे झूलों पर खेलते बच्चे। संवाद- फोटो : स्वास्थ्य कर्मियों को जानकारी देते चिकित्सक।
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