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अष्टमी पर्व पर हजारों श्रद्धालुओं टेका माथा
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रामपुर/ज्यूरी/ननखड़ी। शुक्रवार को सप्तमी और अष्टमी पर्व पर रामपुर उपमंडल के विभिन्न मंदिरों में भक्तों का खूब तांता लगा रहा। हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर माता के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त किया। नवरात्र के पावन अवसर पर शुक्रवार को सराहन स्थित मां भीमाकाली, 12/20 स्थित मां श्राईकोटी, 15/20 के काओबिल स्थित मां दुर्गा और रामपुर स्थित मां महिषमर्दिनी महालक्ष्मी माता मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने माथा टेका। सप्तमी और अष्टमी एक ही दिन होने के चलते मंदिरों में हजारों श्रद्धालु उमड़े। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी परिवार सहित मां भीमाकाली की पूजा-अर्चना के लिए सराहन पहुंच गए हैं। भीमाकाली माता मंदिर में बीते सात नवरात्रों में करीब 4500 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। मां भीमाकाली न्यास के अंतर्गत आने वाले श्राईकोटी मंदिर और 15/20 क्षेत्र के काओबिल दुर्गा माता मंदिर में भी खूब भीड़ रही। शुक्रवार को सातवें और आठवें नवरात्रों के एक ही दिन होने के कारण सुबह से ही सराहन पहुंचना शुरू हो गए। मंदिर न्यास की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश करने दिया गया। श्रद्धालुओं को लाइन में लगाने के लिए पुलिस और न्यास के कर्मचारी भी तत्पर दिखाई दिए। वहीं, श्राईकोटी मंदिर में भी शुक्रवार को सबसे अधिक भीड़ देखी गई। मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। सराहन के सामने 15/20 क्षेत्र के काओबिल की दुर्गा माता के मंदिर में श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। पैदल चढ़ाई पार कर माता के भक्त मंदिर तक पहुंचे। वहीं, ननखड़ी तहसील के कोटकाली मंदिर में भी अष्टमी के दिन श्रद्धालु माता के दीदार को पहुंचे।
भीमाकाली मंदिर के मुख्य पुजारी पूर्णचंद शर्मा ने बताया कि शुक्रवार शाम से अष्टमी पर्व शुरू हुआ और सुबह पौने सात बजे तक रहेगा। शुक्रवार सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर पहुंचना शुरू हो गए थे।
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भीमाकाली मंदिर के मुख्य पुजारी पूर्णचंद शर्मा ने बताया कि शुक्रवार शाम से अष्टमी पर्व शुरू हुआ और सुबह पौने सात बजे तक रहेगा। शुक्रवार सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर पहुंचना शुरू हो गए थे।
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