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Rampur Bushahar News: प्रशिक्षुओं ने आमेर, नारगढ़ और जयगढ़ किले का जाना इतिहास
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राधे-राधे वेटरनरी फार्मासिस्ट प्रशिक्षण संस्थान के छात्रों ने किया शैक्षणिक भ्रमण
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। राधे-राधे पशु चिकित्सा फार्मासिस्ट प्रशिक्षण संस्थान रिवाड़ी के छात्र शैक्षणिक भ्रमण से लौट आए हैं। प्रशिक्षुओं ने चंडीगढ़, आगरा और जयपुर का भ्रमण किया। इस दौरान विभिन्न किलों का इतिहास जाना। यात्रा का उद्देश्य छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना एवं उनके व्यापक विकास को बढ़ावा देना और उन्हें भविष्य एवं समाज के लिए तैयार करना था। आगरा में छात्रों ने ताजमहल की भव्यता को देखा और आगरा किले का भ्रमण किया। जयपुर में छात्रों ने जंतर-मंतर वेधशाला, जयपुर-नाहरगढ़ जैविक पार्क का दौरा किया। उन्होंने विभिन्न प्रकार के वन्य जीव-जंतुओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। आमेर किले और नारगढ़ किले का भ्रमण किया, जहां उन्हें किलों का इतिहास जानने का अवसर मिला। जयगढ़ किले का भी भ्रमण किया और उस किले के इतिहास को जाना। मुख्य आकर्षण का केंद्र वहां पर जैवाण तोप थी, जो कि 18 शताब्दी में बनवाई गई थी। इसकी मारक क्षमता 35 किलोमीटर थी। अल्बर्ट म्यूजियम हॉल का भ्रमण भी किया गया, जो की जयपुर में स्थित है। इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान छात्रों ने विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ वेटरनरी एजुकेशन एवं रिसर्च जयपुर का भ्रमण किया। विभिन्न पशु चिकित्सा तकनीकों के बारे में सीखा और विभिन्न पशु प्रजातियों का अवलोकन किया। साथ ही छात्रों ने जयपुर स्थित इस्कॉन गौशाला और श्री संत परम सुखदास महाराज आश्रम गोशाला का भ्रमण किया। उन्होंने गायों की अनेकों प्रजातियों को जानने और देखने का अवसर मिला। इस सात दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण ने छात्रों को नई संस्कृतियों और परंपराओं से भी परिचित कराया। संस्थान के निदेशक डॉ मुकेश कुमार ने कहा कि यह शैक्षणिक भ्रमण छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भ्रमण में संस्थान की निदेशिका सरोज कुमारी, समन्वयक डॉ. निशु चौहान, आशु और आंचल सम्मिलित थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। राधे-राधे पशु चिकित्सा फार्मासिस्ट प्रशिक्षण संस्थान रिवाड़ी के छात्र शैक्षणिक भ्रमण से लौट आए हैं। प्रशिक्षुओं ने चंडीगढ़, आगरा और जयपुर का भ्रमण किया। इस दौरान विभिन्न किलों का इतिहास जाना। यात्रा का उद्देश्य छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना एवं उनके व्यापक विकास को बढ़ावा देना और उन्हें भविष्य एवं समाज के लिए तैयार करना था। आगरा में छात्रों ने ताजमहल की भव्यता को देखा और आगरा किले का भ्रमण किया। जयपुर में छात्रों ने जंतर-मंतर वेधशाला, जयपुर-नाहरगढ़ जैविक पार्क का दौरा किया। उन्होंने विभिन्न प्रकार के वन्य जीव-जंतुओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। आमेर किले और नारगढ़ किले का भ्रमण किया, जहां उन्हें किलों का इतिहास जानने का अवसर मिला। जयगढ़ किले का भी भ्रमण किया और उस किले के इतिहास को जाना। मुख्य आकर्षण का केंद्र वहां पर जैवाण तोप थी, जो कि 18 शताब्दी में बनवाई गई थी। इसकी मारक क्षमता 35 किलोमीटर थी। अल्बर्ट म्यूजियम हॉल का भ्रमण भी किया गया, जो की जयपुर में स्थित है। इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान छात्रों ने विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ वेटरनरी एजुकेशन एवं रिसर्च जयपुर का भ्रमण किया। विभिन्न पशु चिकित्सा तकनीकों के बारे में सीखा और विभिन्न पशु प्रजातियों का अवलोकन किया। साथ ही छात्रों ने जयपुर स्थित इस्कॉन गौशाला और श्री संत परम सुखदास महाराज आश्रम गोशाला का भ्रमण किया। उन्होंने गायों की अनेकों प्रजातियों को जानने और देखने का अवसर मिला। इस सात दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण ने छात्रों को नई संस्कृतियों और परंपराओं से भी परिचित कराया। संस्थान के निदेशक डॉ मुकेश कुमार ने कहा कि यह शैक्षणिक भ्रमण छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भ्रमण में संस्थान की निदेशिका सरोज कुमारी, समन्वयक डॉ. निशु चौहान, आशु और आंचल सम्मिलित थे।