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खांसी और जुकाम की चपेट में आए स्कूलों के विद्यार्थी
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खनेरी अस्पताल में बच्चों की स्वास्थ्य जांच करते बाल रोग विशेषज्ञ।
- फोटो : RAMPUR-HP
रामपुर बुशहर। मौसम में आ रहे बदलाव के कारण स्कूलों के विद्यार्थी खांसी और जुकाम की चपेट में आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में सामाजिक दूरी और मास्क नहीं पहनने की वजह से बच्चे अधिक संख्या में संक्रमित हो रहे हैं। यही वजह है कि खनेरी अस्पताल में रोजाना सर्दी, खांसी और जुकाम से पीड़ित बच्चों के 50 से अधिक मामले आ रहे हैं।
सबसे अधिक चार से 12 साल के बच्चे वायरल की चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। खनेरी अस्पताल की शिशु रोग ओपीडी में विशेषज्ञ के पास हर रोज करीब 100 मरीज जांच के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें 70 फीसदी मामले वायरल के ही हैं। कोरोना संक्रमण के कारण दो सालों तक स्कूल बंद होने के बाद मार्च महीने से दोबारा खुले हैं लेकिन स्कूल खुलते ही बच्चों में लगातार सर्दी, खांसी और जुकाम के मामले बढ़ने से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
खनेरी अस्पताल में उपचार के लिए आते हैं चार जिलों के मरीज
रामपुर के खनेरी अस्पताल में उपचार के लिए चार जिलों से मरीज आते हैं। इसकी वजह यह है कि किन्नौर, कुल्लू और मंडी जिले के अस्पतालों में भी शिशु रोग विशेषज्ञों की कमी है। इसके कारण अभिभावकों को मजबूर बच्चों को उपचार के लिए रामपुर लाना पड़ता है। वायरल के मामले बढ़ने से शिशु रोग ओपीडी में मरीजों की कतार लग रही हैं। वहीं मामले बढ़ने से विशेषज्ञ पर भी काम का बोझ बढ़ गया है। विशेषज्ञों ने अभिभावकों से अपील की है कि
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खनेरी अस्पताल के एमएस डॉ. प्रकाश डरोच ने कहा कि खनेरी अस्पताल पहुंच रहे अधिकतर बच्चों में सर्दी, बुखार, खांसी और जुकाम के लक्षण पाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फ्लू को लेकर विभाग द्वारा लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बच्चों के अभिभावकों से मास्क, सेनिटाइजर और दो गज की दूरी का पालन करने की अपील की है।
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सबसे अधिक चार से 12 साल के बच्चे वायरल की चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। खनेरी अस्पताल की शिशु रोग ओपीडी में विशेषज्ञ के पास हर रोज करीब 100 मरीज जांच के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें 70 फीसदी मामले वायरल के ही हैं। कोरोना संक्रमण के कारण दो सालों तक स्कूल बंद होने के बाद मार्च महीने से दोबारा खुले हैं लेकिन स्कूल खुलते ही बच्चों में लगातार सर्दी, खांसी और जुकाम के मामले बढ़ने से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
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खनेरी अस्पताल में उपचार के लिए आते हैं चार जिलों के मरीज
रामपुर के खनेरी अस्पताल में उपचार के लिए चार जिलों से मरीज आते हैं। इसकी वजह यह है कि किन्नौर, कुल्लू और मंडी जिले के अस्पतालों में भी शिशु रोग विशेषज्ञों की कमी है। इसके कारण अभिभावकों को मजबूर बच्चों को उपचार के लिए रामपुर लाना पड़ता है। वायरल के मामले बढ़ने से शिशु रोग ओपीडी में मरीजों की कतार लग रही हैं। वहीं मामले बढ़ने से विशेषज्ञ पर भी काम का बोझ बढ़ गया है। विशेषज्ञों ने अभिभावकों से अपील की है कि
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खनेरी अस्पताल के एमएस डॉ. प्रकाश डरोच ने कहा कि खनेरी अस्पताल पहुंच रहे अधिकतर बच्चों में सर्दी, बुखार, खांसी और जुकाम के लक्षण पाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फ्लू को लेकर विभाग द्वारा लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बच्चों के अभिभावकों से मास्क, सेनिटाइजर और दो गज की दूरी का पालन करने की अपील की है।