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शिक्षकों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं करेंगे : चेतन बरागटा
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भाजपा प्रदेश प्रवक्ता चेतन बरागटा
कहा-प्राथमिक शिक्षक संघ की मांगो का समाधान निकाले सरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की मांगों पर सुक्खू सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। संघ की ओर से उठाई गई मांगें सही हैं। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता चेतन बरागटा ने कहा कि कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार शिक्षकों की आवाज को लगातार अनसुना कर रही है। राज्य सरकार का यह रवैया केवल शिक्षकों के लिए ही नहीं है, बल्कि प्रदेश में कार्यरत अन्य विभागों के कर्मचारी वर्ग के प्रति उपेक्षा को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कर्मचारियों को अपनी जायज मांगों के लिए बार-बार सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार केवल घोषणाओं तक ही सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर न तो शिक्षक संतुष्ट हैं और न ही प्रदेश का अन्य कोई कर्मचारी वर्ग। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक ही समाज की आधारशिला रखते हैं। उनके हितों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। चेतन ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आग्रह किया है कि संघ के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर उनकी मांगों का समाधान निकाला जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की मांगों पर सुक्खू सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। संघ की ओर से उठाई गई मांगें सही हैं। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता चेतन बरागटा ने कहा कि कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार शिक्षकों की आवाज को लगातार अनसुना कर रही है। राज्य सरकार का यह रवैया केवल शिक्षकों के लिए ही नहीं है, बल्कि प्रदेश में कार्यरत अन्य विभागों के कर्मचारी वर्ग के प्रति उपेक्षा को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कर्मचारियों को अपनी जायज मांगों के लिए बार-बार सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार केवल घोषणाओं तक ही सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर न तो शिक्षक संतुष्ट हैं और न ही प्रदेश का अन्य कोई कर्मचारी वर्ग। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक ही समाज की आधारशिला रखते हैं। उनके हितों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। चेतन ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आग्रह किया है कि संघ के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर उनकी मांगों का समाधान निकाला जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे।