{"_id":"66796a34cf28ebb7920295f0","slug":"state-employees-federation-meeting-rohru-shimla-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1035-117863-2024-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: बोर्डों और निगमों में भी दिया जाए पुरानी पेंशन का लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: बोर्डों और निगमों में भी दिया जाए पुरानी पेंशन का लाभ
विज्ञापन
राज्य कर्मचारी संघ का आरोप, अपनी गारंटियां ही भूल गई सरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। राज्य कर्मचारी महासंघ की बैठक संघ के प्रदेश अध्यक्ष इंद्र ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में अखिल भारतीय राष्ट्रीय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष विपन कुमार डोगरा विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में अखिल भारतीय कार्य समिति के राजेंद्र चौहान, नंद लाल शर्मा, राजेंद्र भगांलिया, बृज लाल शर्मा, प्रदेश साचिव चमन लाल कलवान, गोपाल दत्त, राम लाल, जवाहर ठाकुर, अनिल रिठवान सहित विभिन्न पदाधिकारियों ने विचार रखे । संघ के प्रदेश महामंत्री उमेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अभी तक कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं की हैं। बोर्डों और निगमों के कर्मचारियों को अभी तक पुरानी पेंशन की सुविधा नहीं दी है। संशोधित वेतनमान के एरियर का भुगतान अभी तक नहीं किया है। राष्ट्रीय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष विपन डोगरा व प्रदेश अध्यक्ष इंद्र ठाकुर ने बताया कि वर्तमान सुक्खू सरकार कर्मचारी विरोधी हैं। कर्मचारी वर्ग के व्यापक समर्थन से सत्ता में आने के बाद अपनी सरकार अपनी गारंटियां भूल गई है। संघ की मांग है कि न्यूनतम वेतन महंगाई सूचकांक के अनुसार 24,000 रुपये दिया जाए। कर्मचारियों, पेंशनरों के बकाया एरियर अदा किए जाएं। बोर्डों और निगमों के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए। आंगनबाड़ी कर्मचारी, आशा वर्कर, मल्टी टास्क वर्कर्स, मिड डे मील, पैरा पंप ऑपरेटर, राजस्व विभाग के अंशकालीन कर्मचारियों, सिलाई-कटाई अध्यापिकाओं, जल रक्षकों को न्यूनतम वेतन 24,000 देकर नियमित किया जाए।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। राज्य कर्मचारी महासंघ की बैठक संघ के प्रदेश अध्यक्ष इंद्र ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में अखिल भारतीय राष्ट्रीय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष विपन कुमार डोगरा विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में अखिल भारतीय कार्य समिति के राजेंद्र चौहान, नंद लाल शर्मा, राजेंद्र भगांलिया, बृज लाल शर्मा, प्रदेश साचिव चमन लाल कलवान, गोपाल दत्त, राम लाल, जवाहर ठाकुर, अनिल रिठवान सहित विभिन्न पदाधिकारियों ने विचार रखे । संघ के प्रदेश महामंत्री उमेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अभी तक कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं की हैं। बोर्डों और निगमों के कर्मचारियों को अभी तक पुरानी पेंशन की सुविधा नहीं दी है। संशोधित वेतनमान के एरियर का भुगतान अभी तक नहीं किया है। राष्ट्रीय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष विपन डोगरा व प्रदेश अध्यक्ष इंद्र ठाकुर ने बताया कि वर्तमान सुक्खू सरकार कर्मचारी विरोधी हैं। कर्मचारी वर्ग के व्यापक समर्थन से सत्ता में आने के बाद अपनी सरकार अपनी गारंटियां भूल गई है। संघ की मांग है कि न्यूनतम वेतन महंगाई सूचकांक के अनुसार 24,000 रुपये दिया जाए। कर्मचारियों, पेंशनरों के बकाया एरियर अदा किए जाएं। बोर्डों और निगमों के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए। आंगनबाड़ी कर्मचारी, आशा वर्कर, मल्टी टास्क वर्कर्स, मिड डे मील, पैरा पंप ऑपरेटर, राजस्व विभाग के अंशकालीन कर्मचारियों, सिलाई-कटाई अध्यापिकाओं, जल रक्षकों को न्यूनतम वेतन 24,000 देकर नियमित किया जाए।