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तकलेच में छह माह से नायब तहसीलदार नहीं, बेरंग लौट रहे लोग
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तकलेच (रामपुर बुशहर)। रामपुर उपमंडल की आठ पंचायतों के हजारों ग्रामीणों की सुविधा के लिए तकलेच को उप-तहसील का दर्जा तो देे दिया गया है, लेकिन यहां सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। नायब तहसीलदार सहित अन्य पद रिक्त होने के कारण हजारों ग्रामीणों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। तकलेच में छह माह से नायब तहसीलदार का पद रिक्त चल रहा है। रोजाना दुर्गम क्षेत्रों से पहुंचने वाले ग्रामीणों को तहसील से संबंधित कार्य नहीं होने से मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। कार्यालय में वरिष्ठ सहायक सहित अन्य पद रिक्त बीते लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। रामपुर उपमंडल की दुर्गम पंचायत काशापाट, कूहल, दरकाली, मुनिष, तकलेच, देवठी, नरैण और बाहली पंचायत के हजारों ग्रामीण उप तहसील तकलेच से लाभान्वित होते हैं।
पूर्व कांग्रेस जिप सदस्य सरोजनी ने बताया कि कांग्रेस सरकार ने तकलेच को उप-तहसील का दर्जा दिया था, ताकि दुर्गम पंचायत के ग्रामीणों को घरद्वार पर सुविधा मिल सके और उन्हें कोई परेशानियां न उठानी पड़ी, लेकिन भाजपा सरकार ग्रामीणों की समस्याओं को दूर करने में नाकाम साबित हो रही है। उप तहसील तकलेच में स्टाफ की कमी के चलते ग्रामीणों का जहां अतिरिक्त समय बरबाद हो रहा है, वहीं अतिरिक्त पैसे खर्च कर रामपुर तहसील कार्य करने पहुंचना पड़ रहा है। नरैण बाहली सहित दुर्गम क्षेत्र काशापाट के ग्रामीणों को करीब 50 किलोमीटर दूर रामपुर पहुंचना पड़ रहा है। गरीब तबके के लोगों को रामपुर पहुंचकर अपने दस्तावेज और तहसील संबंधी कार्य करवाने पड़ रहे हैं।
तकलेच पंचायत उप प्रधान कृष्ण मजटू, लीला देवी, मानदासी, आशु, रीना देवी, देश राज, सुनील कायथ, राजेंद्र मजटू, रामेश्वर कायथ, राजेंद्र शर्मा, देवराज कायथ और बीआर भंडारी सहित अन्य लोगों ने प्रदेश सरकार से जल्द से जल्द रिक्त पदों की तैनाती करने की मांग उठाई है, जिससे ग्रामीणों को और परेशानियों से न जूझना पड़े। वहीं इस संबंध में उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने बताया कि उप तहसील तकलेच में रिक्त पड़े नायब तहसीलदार के पद को लेकर सरकार को सूचित किया गया है। उन्होंने जल्द ही नायब तहसीलदार की तैनाती करने की उम्मीद जताई।
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पूर्व कांग्रेस जिप सदस्य सरोजनी ने बताया कि कांग्रेस सरकार ने तकलेच को उप-तहसील का दर्जा दिया था, ताकि दुर्गम पंचायत के ग्रामीणों को घरद्वार पर सुविधा मिल सके और उन्हें कोई परेशानियां न उठानी पड़ी, लेकिन भाजपा सरकार ग्रामीणों की समस्याओं को दूर करने में नाकाम साबित हो रही है। उप तहसील तकलेच में स्टाफ की कमी के चलते ग्रामीणों का जहां अतिरिक्त समय बरबाद हो रहा है, वहीं अतिरिक्त पैसे खर्च कर रामपुर तहसील कार्य करने पहुंचना पड़ रहा है। नरैण बाहली सहित दुर्गम क्षेत्र काशापाट के ग्रामीणों को करीब 50 किलोमीटर दूर रामपुर पहुंचना पड़ रहा है। गरीब तबके के लोगों को रामपुर पहुंचकर अपने दस्तावेज और तहसील संबंधी कार्य करवाने पड़ रहे हैं।
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तकलेच पंचायत उप प्रधान कृष्ण मजटू, लीला देवी, मानदासी, आशु, रीना देवी, देश राज, सुनील कायथ, राजेंद्र मजटू, रामेश्वर कायथ, राजेंद्र शर्मा, देवराज कायथ और बीआर भंडारी सहित अन्य लोगों ने प्रदेश सरकार से जल्द से जल्द रिक्त पदों की तैनाती करने की मांग उठाई है, जिससे ग्रामीणों को और परेशानियों से न जूझना पड़े। वहीं इस संबंध में उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने बताया कि उप तहसील तकलेच में रिक्त पड़े नायब तहसीलदार के पद को लेकर सरकार को सूचित किया गया है। उन्होंने जल्द ही नायब तहसीलदार की तैनाती करने की उम्मीद जताई।
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