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Rampur Bushahar News: निरमंड अस्पताल में चिकित्सकों के छह पद खाली
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. 60 हजार आबादी का स्वास्थ्य दो चिकित्सक के हवाले
.बीएमओ भी नहीं, स्टाफ नर्स के तीन पद खाली, मरीज बेहाल
राकेश बिनी शर्मा
निरमंड (कुल्लू)। निरमंड उपमंडल में करीब 60 हजार की आबादी के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी सिविल अस्पताल निरमंड पर है, लेकिन हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। अस्पताल में लंबे समय से ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) का पद खाली पड़ा है। यहां एक एमओ के पास बीएमओ का भी अतिरिक्त कार्यभार था, लेकिन बीते वर्ष पदोन्नति होने के बाद अब यह पद बिल्कुल खाली है। चिकित्सकों के आठ स्वीकृत पदों में से 6 पद रिक्त हैं, जिससे केवल दो चिकित्सक पर ओपीडी, आईपीडी और अन्य आवश्यक कार्यों का सारा दबाव आ गया है। मरीज भी उपचार के लिए परेशानियां झेल रहे हैं। यह अस्पताल प्रतिदिन औसतन 200 से 230 मरीजों की ओपीडी और 110-120 मरीजों की आईपीडी संभालता है। इसके अलावा पोस्टमार्टम, एमएलसी जैसे कानूनी कार्य भी यहीं होते हैं। चिकित्सकों की कमी के चलते इन जरूरी सेवाओं को सुचारू रूप से चलाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। सिर्फ चिकित्सक ही नहीं, बल्कि अन्य स्टाफ की भी भारी कमी है। डेंटल मेडिकल अफसर का पद भी कई वर्षों से खाली है। स्टाफ नर्स के पांच स्वीकृत पदों में से तीन पद खाली पड़े हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पांच में से चार पद भी लंबे समय से नहीं भरे गए हैं। इससे अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का बोझ बढ़ गया है और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ रहा है।
निरमंड सिविल अस्पताल में चिकित्सकों के रिक्त पदों का मामला सरकार के संज्ञान में लाया गया है। क्षेत्रवासियों की भी मांग है कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सिविल अस्पताल निरमंड में सभी रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए, ताकि हजारों लोगों की सेहत से कोई समझौता न हो। - डॉ. रंजीत ठाकुर, सीएमओ कुल्लू
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.बीएमओ भी नहीं, स्टाफ नर्स के तीन पद खाली, मरीज बेहाल
राकेश बिनी शर्मा
निरमंड (कुल्लू)। निरमंड उपमंडल में करीब 60 हजार की आबादी के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी सिविल अस्पताल निरमंड पर है, लेकिन हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। अस्पताल में लंबे समय से ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) का पद खाली पड़ा है। यहां एक एमओ के पास बीएमओ का भी अतिरिक्त कार्यभार था, लेकिन बीते वर्ष पदोन्नति होने के बाद अब यह पद बिल्कुल खाली है। चिकित्सकों के आठ स्वीकृत पदों में से 6 पद रिक्त हैं, जिससे केवल दो चिकित्सक पर ओपीडी, आईपीडी और अन्य आवश्यक कार्यों का सारा दबाव आ गया है। मरीज भी उपचार के लिए परेशानियां झेल रहे हैं। यह अस्पताल प्रतिदिन औसतन 200 से 230 मरीजों की ओपीडी और 110-120 मरीजों की आईपीडी संभालता है। इसके अलावा पोस्टमार्टम, एमएलसी जैसे कानूनी कार्य भी यहीं होते हैं। चिकित्सकों की कमी के चलते इन जरूरी सेवाओं को सुचारू रूप से चलाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। सिर्फ चिकित्सक ही नहीं, बल्कि अन्य स्टाफ की भी भारी कमी है। डेंटल मेडिकल अफसर का पद भी कई वर्षों से खाली है। स्टाफ नर्स के पांच स्वीकृत पदों में से तीन पद खाली पड़े हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पांच में से चार पद भी लंबे समय से नहीं भरे गए हैं। इससे अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का बोझ बढ़ गया है और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ रहा है।
निरमंड सिविल अस्पताल में चिकित्सकों के रिक्त पदों का मामला सरकार के संज्ञान में लाया गया है। क्षेत्रवासियों की भी मांग है कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सिविल अस्पताल निरमंड में सभी रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए, ताकि हजारों लोगों की सेहत से कोई समझौता न हो। - डॉ. रंजीत ठाकुर, सीएमओ कुल्लू
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