{"_id":"680e15b4c8312d5afe045a6f","slug":"shrikhand-yatra-is-near-condition-of-roads-is-bad-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1031-133957-2025-04-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: श्रीखंड यात्रा नजदीक, रास्तों की हालत खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: श्रीखंड यात्रा नजदीक, रास्तों की हालत खराब
विज्ञापन
गत वर्ष बादल फटने के बाद क्षतिग्रस्त श्रीखंड संपर्क मार्ग। स्त्रोत जागरूक पाठक
पिछले वर्ष बादल फटने से आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गए थे रास्ते
डीसी, एसडीएम का कहना, रास्तों के पुनर्निर्माण का काम शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू )। देशभर की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में शुमार कुल्लू जिला के निरमंड उपमंडल की श्रीखंड महादेव यात्रा के शुरू होने में दो महीने का समय बचा है, लेकिन एक वर्ष पहले बाढ़ से क्षतिग्रस्त रास्तों को अभी तक दुरुस्त नहीं किया गया है। ऐसे में संशय है कि देश-विदेश से श्रद्धालु कैसे श्रीखंड यात्रा के लिए जा सकेंगे। पिछले वर्ष 31 जुलाई की रात को श्रीखंड की पहाड़ियों में बादल फटने से जानमाल को भारी नुकसान पहुंचा था। वहीं, जाओं से बेस कैंप सिंहगाड होकर ब्राहटीनाला तक रास्ता पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इस रास्ते को अभी तक सुधारा नहीं गया है। हाल ही में आनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक लोकेंद्र कुमार ने भी श्रीखंड के रास्ते से होकर चायल और जुआगी पंचायत के कई गांवों का दौरा किया था। इस दौरान विधायक लोकेंद्र कुमार ने श्रीखंड यात्रा को जाने वाले रास्ते की खस्ताहालत पर सवाल भी लगाए थे। जानकारी के अनुसार, जाओं से आगे ब्राहटीनाला तक श्रीखंड की ओर जाने वाला रास्ता बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गया था। रास्ते में कई जगह लकड़ी की पुलिया के सहारे नाले पर करने पर लोग मजबूर हैं। ऐसे में इन रास्तों को जल्द सुधारने की आम जनता ने मांग की है।
रास्तों के पुनर्निर्माण और मरम्मत को लेकर जो धनराशि मिली है, उससे रास्तों को दुरुस्त करने का काम शुरू है। - मनमोहन सिंह, एसडीएम निरमंड
रास्तों को ठीक करने का काम शुरू है। रास्तों का निरीक्षण किया जा रहा है। यात्रा से पहले रास्तों को पूरी तरह ठीक करने का प्रयास जारी है। - तोरूल एस रवीश, डीसी कुल्लू
विज्ञापन
डीसी, एसडीएम का कहना, रास्तों के पुनर्निर्माण का काम शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू )। देशभर की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में शुमार कुल्लू जिला के निरमंड उपमंडल की श्रीखंड महादेव यात्रा के शुरू होने में दो महीने का समय बचा है, लेकिन एक वर्ष पहले बाढ़ से क्षतिग्रस्त रास्तों को अभी तक दुरुस्त नहीं किया गया है। ऐसे में संशय है कि देश-विदेश से श्रद्धालु कैसे श्रीखंड यात्रा के लिए जा सकेंगे। पिछले वर्ष 31 जुलाई की रात को श्रीखंड की पहाड़ियों में बादल फटने से जानमाल को भारी नुकसान पहुंचा था। वहीं, जाओं से बेस कैंप सिंहगाड होकर ब्राहटीनाला तक रास्ता पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इस रास्ते को अभी तक सुधारा नहीं गया है। हाल ही में आनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक लोकेंद्र कुमार ने भी श्रीखंड के रास्ते से होकर चायल और जुआगी पंचायत के कई गांवों का दौरा किया था। इस दौरान विधायक लोकेंद्र कुमार ने श्रीखंड यात्रा को जाने वाले रास्ते की खस्ताहालत पर सवाल भी लगाए थे। जानकारी के अनुसार, जाओं से आगे ब्राहटीनाला तक श्रीखंड की ओर जाने वाला रास्ता बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गया था। रास्ते में कई जगह लकड़ी की पुलिया के सहारे नाले पर करने पर लोग मजबूर हैं। ऐसे में इन रास्तों को जल्द सुधारने की आम जनता ने मांग की है।
रास्तों के पुनर्निर्माण और मरम्मत को लेकर जो धनराशि मिली है, उससे रास्तों को दुरुस्त करने का काम शुरू है। - मनमोहन सिंह, एसडीएम निरमंड
रास्तों को ठीक करने का काम शुरू है। रास्तों का निरीक्षण किया जा रहा है। यात्रा से पहले रास्तों को पूरी तरह ठीक करने का प्रयास जारी है। - तोरूल एस रवीश, डीसी कुल्लू
विज्ञापन