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राजनीतिक विज्ञान के वार्षिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में सामने आए गड़बड़ी के मामले : एसएफआई

Fri, 12 Apr 2024 05:20 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 12 Apr 2024 05:20 PM IST
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बैठक बुलाने और उक्त दोषियों के खिलाफ जांच कमेटी बिठाने की उठाई मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। हिमाचल प्रदेश के सरकारी महाविद्यालयों के राजनीति विज्ञान के वार्षिक परीक्षाओं में आ रहे प्रश्नपत्र तय मानदंडों को पूरा नहीं कर रहे हैं। तीन प्रश्नपत्रों में गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं। यह बात एसएफआई इकाई रामपुर ने जारी बयान में कही। एसएफआई लोकल कमेटी उपाध्यक्ष पूजा ठाकुर ने कहा कि दो अप्रैल को हुई राजनीति विज्ञान विषय की परीक्षा में प्रश्न पत्र (पीओएलएस 102) का 80 प्रतिशत हिस्सा पाठ्य-समिति की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक न होने पर प्रदेशभर के विद्यार्थियों में भारी रोष है। इसके अलावा 30 मार्च को राजनीतिक सिद्धांत (पेपर कोड पीओएल 101) के प्रश्नपत्र में भी शिकायत आई है कि जो प्रश्न पिछले वर्ष सरदार पटेल यूनिवर्सिटी, मंडी के अधीन महाविद्यालयों में पूछे गए थे, वही इस वर्ष एचपीयू के अधीन महाविद्यालयों के विद्यार्थियों से पूछे गए। इसके अलावा अन्य प्रश्नपत्रों में भी विश्वविद्यालयों के जारी दिशा-निर्देशों का अनुसरण नहीं किया गया है। लोकल कमेटी रामपुर सचिव राहुल विद्यार्थी ने कहा कि इस तरह के गैर जिम्मेदाराना रवैये की एसएफआई निंदा करती है और विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि उक्त प्रश्नपत्रों में आई समस्याओं के निवारण के लिए जांच कमेटी बैठाई जाए। आज उच्च शिक्षा में गुणवत्ता लाना एक बड़ी चुनौती है। उच्च शिक्षा को बेहतर बनाना आज सभी हितधारकों, चाहे वह शिक्षक है, विद्यार्थी है या विश्वविद्यालय प्रशासन, सभी की सामूहिक जिम्मेवारी है। इस वर्ष सरकार प्रदेश और विश्वविद्यालय प्रशासन जबरदस्ती राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करना चाहती है, जिसके लिए अभी वांछित आधारभूत संरचना का अभाव बड़ा प्रश्न है और जबरन छात्रों के ऊपर थोपा जा रहा है। राहुल विद्यार्थी ने रूसा सिस्टम का उल्लेख करते हुए भी कहा कि अभी भी रूसा के तहत हजारों छात्रों के भविष्य पर तलवार लटकी हुई है। ऐसे में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रदेश भर में कैसे सफल हो सकती है। पहले वर्तमान व्यवस्था की खामियों को दुरुस्त करना अति आवश्यक है, जिसमें ईआरपी सिस्टम को सुदृढ़ करना, जिससे विद्यार्थियों के मूल्यांकन प्रक्रिया को बेहतर किया जा सके। एसएफआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द से जल्द इस परीक्षा प्रश्न पत्र में पाठ्य समिति का हिस्सा न आने के विषय पर बैठक बुलाने और उक्त दोषियों के खिलाफ जांच कमेटी बिठाने की मांग की है।
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