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छात्र विरोधी मुद्दों को लेकर एसएफआई बना रही रणनीति
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मिला जिले के 15 कॉलेजों से आए छात्र छात्राएं ले रहे सम्मेलन में भाग।
- फोटो : RAMPUR-HP
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रामपुर बुशहर। रामपुर में चल रहे जिला शिमला एसएफआई के तीन दिवसीय सम्मेलन में शिक्षा क्षेत्र के ज्वलंत मुद्दों को लेकर दूसरे दिन भी चर्चा का दौर जारी रहा। जिला शिमला, कुल्लू और करसोग कॉलेज से आए संगठन के वक्ताओं ने शिक्षा के निजीकरण और सरकार की ओर से इसे निजी हाथों में सौंपने का विरोध किया है। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में 15 कॉलेजों से आए करीब 200 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
एसएफआई जिला शिमला का तीन दिवसीय सम्मेलन शनिवार को दूसरे दिन भी सुचारु रूप से शुरू हुआ। सम्मेलन के दूसरे दिन संगठनात्मक और राजनीतिक रिपोर्ट पर विस्तारपूर्वक प्रतिनिधियों द्वारा चर्चा और परिचर्चा की गई। इसके अलावा संगठन को किस तरह से मजबूत बनाना है को लेकर भी चर्चा की गई। विभिन्न सदस्यों ने संगठन के विकास को लेकर अपने सुझाव भी दिए।
सम्मेलन में जिला सचिव बंटी ठाकुर ने रिपोर्ट की चर्चा से निकल कर आए सभी प्रश्नों के जवाब दिए। वहीं प्रतिनिधियों को राजनीतिक परिस्थितियों से भी अवगत करवाया और विभिन्न शिक्षण संस्थानों में संगठन को बनाने और बढ़ाने की बात कही। सचिव ने कहा कि आज के दौर में लगातार सरकार और प्रशासन द्वारा शिक्षा के साथ कुठाराघात किया जा रहा है। शिक्षा को निजी हाथों में सौंपने की लगातार कोशिश की जा रही है। जिसका एसएफआई पुरजोर विरोध करती है।
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एसएफआई जिला अध्यक्ष रमन थारटा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने रूसा प्रणाली बंद करने और छात्र संघ चुनाव करवाने की जो घोषणाएं की थीं, वे सभी धरी की धरी रह गईं हैं। वार्षिक प्रणाली लागू कर रूसा को इसमें सम्मिलित किया गया है। छात्रों के समय पर परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हो रहे। कॉलेज में आधारभूत सुविधाओं की खासी कमी चल रही है, जिसे दूर करने में सरकार नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में शिक्षा क्षेत्र की खामियों को दूर करने को लेकर कार्यकर्ताओं से सुझाव लिए जा रहे हैं। सम्मेलन में विशेष रणनीति तैयार कर भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। वहीं सम्मेलन में नई कार्यकारिणी का भी गठन किया जाएगा। इस मौके पर शिमला, ठियोग, रोहडू, रामपुर, आनी, निरमंड, करसोग सहित जिले भर के 15 कॉलेजों से आए प्रतिभागी मौजूद रहे।
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एसएफआई जिला शिमला का तीन दिवसीय सम्मेलन शनिवार को दूसरे दिन भी सुचारु रूप से शुरू हुआ। सम्मेलन के दूसरे दिन संगठनात्मक और राजनीतिक रिपोर्ट पर विस्तारपूर्वक प्रतिनिधियों द्वारा चर्चा और परिचर्चा की गई। इसके अलावा संगठन को किस तरह से मजबूत बनाना है को लेकर भी चर्चा की गई। विभिन्न सदस्यों ने संगठन के विकास को लेकर अपने सुझाव भी दिए।
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सम्मेलन में जिला सचिव बंटी ठाकुर ने रिपोर्ट की चर्चा से निकल कर आए सभी प्रश्नों के जवाब दिए। वहीं प्रतिनिधियों को राजनीतिक परिस्थितियों से भी अवगत करवाया और विभिन्न शिक्षण संस्थानों में संगठन को बनाने और बढ़ाने की बात कही। सचिव ने कहा कि आज के दौर में लगातार सरकार और प्रशासन द्वारा शिक्षा के साथ कुठाराघात किया जा रहा है। शिक्षा को निजी हाथों में सौंपने की लगातार कोशिश की जा रही है। जिसका एसएफआई पुरजोर विरोध करती है।
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एसएफआई जिला अध्यक्ष रमन थारटा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने रूसा प्रणाली बंद करने और छात्र संघ चुनाव करवाने की जो घोषणाएं की थीं, वे सभी धरी की धरी रह गईं हैं। वार्षिक प्रणाली लागू कर रूसा को इसमें सम्मिलित किया गया है। छात्रों के समय पर परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हो रहे। कॉलेज में आधारभूत सुविधाओं की खासी कमी चल रही है, जिसे दूर करने में सरकार नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में शिक्षा क्षेत्र की खामियों को दूर करने को लेकर कार्यकर्ताओं से सुझाव लिए जा रहे हैं। सम्मेलन में विशेष रणनीति तैयार कर भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। वहीं सम्मेलन में नई कार्यकारिणी का भी गठन किया जाएगा। इस मौके पर शिमला, ठियोग, रोहडू, रामपुर, आनी, निरमंड, करसोग सहित जिले भर के 15 कॉलेजों से आए प्रतिभागी मौजूद रहे।