फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   sfi agitation against govt.

शिक्षा के निजीकरण को लेकर एसएफआई ने निकाली रोष रैली

Fri, 04 Oct 2019 09:42 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 04 Oct 2019 09:42 PM IST
विज्ञापन
sfi agitation against govt.
एसएफआई के जिला स्तरीय सम्मेलन के दौरान बाजार में रैली के माध्यम से प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाज? - फोटो : RAMPUR-HP
रामपुर बुशहर। एसएफआई शिमला जिला कमेटी ने अपना 33वां जिला स्तरीय सम्मेलन शुक्रवार को छात्र रैली के साथ शुरू किया। छात्रहित के मुद्दों को लेकर गौरा रोड़ से लेकर इंदिरा मार्केट और पुराने बस अड्डे से लेकर रामपुर बाजार तक रैली निकाली। रैली के साथ ही एसएफआई का तीन दिवसीय सम्मेलन भी शुरू हो गया। इस सम्मेलन में विभिन्न कॉलेजों से आए करीब 800 छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं।
विज्ञापन

इस रैली के माध्यम से एसएफआई ने मुख्य रूप से छात्र मांगों को सरकार के सामने प्रमुखता के साथ रखा और वक्ताओं ने इस रैली को संबोधित किया। इस रैली में मुख्य वक्ता एसएफआई राज्य अध्यक्ष विक्रम कायथ, शिमला जिला सचिव बंटी ठाकुर, जिला छात्रा संयोजक रजनी ठाकुर रहे। रैली को संबोधित करते हुए एसएफआई राज्य अध्यक्ष विक्रम कायथ ने कहा कि आज देश के अंदर एक ऐसी सरकार सत्ता में है जो संविधान को नहीं मानती है। देश में नई शिक्षा नीति के नाम पर शिक्षा को निजी हाथों में सौंपने का काम किया जा रहा है। शिक्षा के मूल्यों को खत्म कर लोगों को प्राईवेट शिक्षण संस्थानों से फर्जी डिग्री भारी भरकम दामों में दी जा रही है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि देश में शिक्षा को एक बाजारू वस्तु समझा जा रहा है।
विज्ञापन

छात्रा संयोजक रजनी ठाकुर ने कहा कि आज पूरे देश में छात्राओं का उत्पीड़न हो रहा है, जिसका जीता जागता उद्धारण प्रदेश विवि में भी देखने को मिला है कि किस तरह से छात्राओं को सेंसिबल ड्रेस के नाम पर ड्रेस कोड लागू करने की कोशिश हॉस्टल की वार्डन द्वारा की गई, जो सरकार और प्रशासन की मानसिकता स्पष्ट रूप से दर्शाता है। रैली का समापन करते हुए एसएफआई जिला शिमला अध्यक्ष रमन थारटा ने कहा कि छात्र संघ चुनाव 2014 से प्रदेश सरकार की ओर से बंद करवाए गए हैं, जिसका एसएफआई विरोध करती आ रही है और छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग करती है। उन्होंने सभी शिक्षण संस्थानों में लिंग संवेदनशील कमेटियों के गठन और शिक्षण संस्थानों में रिक्त पड़े अध्यापकों के पदों को भरने की मांग की है। इस मौके पर विभिन्न वक्ताओं ने चेताया कि यदि जल्द ही इन मांगों को पूरा नहीं किया गया तो एसएफआई छात्रों को लामबंद करते हुए उग्र आंदोलन छेड़ेगी, जिसके लिए सरकार जिम्मेवार होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed