{"_id":"6a6b55da39b7e2c2540ca295","slug":"sfi-accuses-abvp-of-indecent-behavior-rampur-hp-news-c-178-1-ram1001-166043-2026-07-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: एसएफआई ने एबीवीपी पर लगाया अभद्र व्यवहार, सोमवार से उग्र आंदोलन की चेतावनी दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: एसएफआई ने एबीवीपी पर लगाया अभद्र व्यवहार, सोमवार से उग्र आंदोलन की चेतावनी दी
विज्ञापन
एसएफआई रामपुर कॉलेज परिसर में विभिन्न मांगो को लेकर प्रदर्शन करते हुए | स्त्रोत: संगठन
एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने छात्राओं के साथ अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया : मीना राम
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। राजकीय महाविद्यालय रामपुर में एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर एसएफआई की भूख हड़ताल पर बैठी छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा है। एसएफआई ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो महाविद्यालय में उग्र लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा। एसएफआई रामपुर इकाई अध्यक्ष मीना राम ने बताया कि बुधवार से छात्र हितों की मांगों को लेकर 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू हुई। वीरवार दोपहर 12:00 बजे यह आंदोलन क्रमिक भूख हड़ताल में बदल गया। इसी दौरान एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने छात्राओं के साथ अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया और गाली-गलौज की। एसएफआई ने इसे छात्राओं की गरिमा और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है। संगठन का कहना है कि एबीवीपी ने हमेशा छात्र आंदोलनों को कमजोर करने का प्रयास किया है। एसएफआई ने स्पष्ट किया कि ऐसी हरकतों से छात्र आंदोलन नहीं रुकेगा। छात्र हितों की लड़ाई पूरी मजबूती और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगी। एसएफआई ने महाविद्यालय भवन की जर्जर हालत सुधारने की मांग की है। इसके साथ ही, कुछ विषयों को पुनः शुरू करने की भी मांग की गई है। ये मांगें सोमवार तक सरकार के समक्ष रखी गई हैं। संगठन ने कहा है कि यदि सोमवार तक इन मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया जाता, तो उग्र आंदोलन शुरू होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और महाविद्यालय प्रशासन की होगी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। राजकीय महाविद्यालय रामपुर में एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर एसएफआई की भूख हड़ताल पर बैठी छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा है। एसएफआई ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो महाविद्यालय में उग्र लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा। एसएफआई रामपुर इकाई अध्यक्ष मीना राम ने बताया कि बुधवार से छात्र हितों की मांगों को लेकर 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू हुई। वीरवार दोपहर 12:00 बजे यह आंदोलन क्रमिक भूख हड़ताल में बदल गया। इसी दौरान एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने छात्राओं के साथ अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया और गाली-गलौज की। एसएफआई ने इसे छात्राओं की गरिमा और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है। संगठन का कहना है कि एबीवीपी ने हमेशा छात्र आंदोलनों को कमजोर करने का प्रयास किया है। एसएफआई ने स्पष्ट किया कि ऐसी हरकतों से छात्र आंदोलन नहीं रुकेगा। छात्र हितों की लड़ाई पूरी मजबूती और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगी। एसएफआई ने महाविद्यालय भवन की जर्जर हालत सुधारने की मांग की है। इसके साथ ही, कुछ विषयों को पुनः शुरू करने की भी मांग की गई है। ये मांगें सोमवार तक सरकार के समक्ष रखी गई हैं। संगठन ने कहा है कि यदि सोमवार तक इन मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया जाता, तो उग्र आंदोलन शुरू होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और महाविद्यालय प्रशासन की होगी।