{"_id":"6996ed1970a36ebd90044312","slug":"several-burning-issues-were-raised-loudly-at-the-conference-in-chatti-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1034-154486-2026-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"केंद्र और प्रदेश सरकार जन विरोधी नीतियां कर रही लागू : देवकी नंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केंद्र और प्रदेश सरकार जन विरोधी नीतियां कर रही लागू : देवकी नंद
विज्ञापन
किसान सभा रामपुर के 7वें सम्मेलन में मौजूद विभिन्न क्षेत्रों से आए सदस्य। स्रोत : सभा
चाटी में सम्मेलन में कई ज्वलंत मुद्दे जोर-शोर से उठे
निरमंड क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागो में रिक्त पदों पर जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। केंद्र और प्रदेश सरकार किसान विरोधी नीतियां लागू कर रही हैं। जन विरोधी नीतियों के कारण किसान, मजदूर और मेहनतकश जनता को जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है। चाटी में आयोजित सम्मेलन में यह बात हिमाचल किसान सभा जिला महासचिव देवकी नंद ने कही। वीरवार को किसान सभा रामपुर खंड का 7वां सम्मेलन किसान मजदूर भवन चाटी में आयोजित हुआ। सम्मेलन का शुभारंभ हिमाचल किसान सभा जिला महासचिव देवकी नंद ने किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जो मुक्त व्यापार समझौता न्यूजीलैंड, यूरोपियन यूनियन और अमेरिका के साथ किया है, उसका असर सबसे ज्यादा किसानों-बागवानों के ऊपर पड़ेगा। यह समझौता पूरी तरह से किसानों का गला घोंटने वाला काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के नाम का बदलाव मजदूरों के विरोध में है। इस कानून से रोजगार का अधिकार छीनने का काम किया गया है। दूसरी तरफ स्मार्ट मीटर, परियोजना प्रभावित किसानों, दुग्ध उत्पादक संघ, बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। सम्मेलन में जमीन की बेदखली के खिलाफ, दूध उत्पादक की समस्याओं, सेब उत्पादक की समस्याओं, निरमंड क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागो में पड़े रिक्त पदों पर भी चर्चा की गई और रोष जताया गया।
27 सदस्यों की कमेटी बनाई
सम्मेलन में 27 सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया। इसमें प्रेम चौहान अध्यक्ष को बनाया गया। इनके अलावा रंजीत ठाकुर महासचिव, तुला राम, कृष्णा राणा और दर्शन को उपाध्यक्ष बनाया गया। साथ ही दयाल, हरदयाल कपूर और गंगा राम को सचिव, सुभाष को कोषाध्यक्ष चुना गया।
विज्ञापन
निरमंड क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागो में रिक्त पदों पर जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। केंद्र और प्रदेश सरकार किसान विरोधी नीतियां लागू कर रही हैं। जन विरोधी नीतियों के कारण किसान, मजदूर और मेहनतकश जनता को जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है। चाटी में आयोजित सम्मेलन में यह बात हिमाचल किसान सभा जिला महासचिव देवकी नंद ने कही। वीरवार को किसान सभा रामपुर खंड का 7वां सम्मेलन किसान मजदूर भवन चाटी में आयोजित हुआ। सम्मेलन का शुभारंभ हिमाचल किसान सभा जिला महासचिव देवकी नंद ने किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जो मुक्त व्यापार समझौता न्यूजीलैंड, यूरोपियन यूनियन और अमेरिका के साथ किया है, उसका असर सबसे ज्यादा किसानों-बागवानों के ऊपर पड़ेगा। यह समझौता पूरी तरह से किसानों का गला घोंटने वाला काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के नाम का बदलाव मजदूरों के विरोध में है। इस कानून से रोजगार का अधिकार छीनने का काम किया गया है। दूसरी तरफ स्मार्ट मीटर, परियोजना प्रभावित किसानों, दुग्ध उत्पादक संघ, बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। सम्मेलन में जमीन की बेदखली के खिलाफ, दूध उत्पादक की समस्याओं, सेब उत्पादक की समस्याओं, निरमंड क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागो में पड़े रिक्त पदों पर भी चर्चा की गई और रोष जताया गया।
27 सदस्यों की कमेटी बनाई
सम्मेलन में 27 सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया। इसमें प्रेम चौहान अध्यक्ष को बनाया गया। इनके अलावा रंजीत ठाकुर महासचिव, तुला राम, कृष्णा राणा और दर्शन को उपाध्यक्ष बनाया गया। साथ ही दयाल, हरदयाल कपूर और गंगा राम को सचिव, सुभाष को कोषाध्यक्ष चुना गया।
विज्ञापन