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Rampur Bushahar News: मधुमक्खी पालन की वैज्ञानिक विधि के बारे में बताया
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सात दिवसीय व्यवसायिक मौन पालन प्रशिक्षण शिविर संपन्न
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू)। कोटखाई में सात दिवसीय व्यवसायिक मौन पालन शिविर वीरवार को संपन्न हो गया। शिविर का आयोजन बागवानी विभाग ने किया। इसमें प्रशिक्षुओं को मधुमक्खी पालन की वैज्ञानिक विधियों, परागण के महत्व और व्यवसायिक संभावनाओं पर प्रशिक्षण दिया। शिविर के समापन समारोह में उपनिदेशक उद्यान विभाग डॉ. सुदर्शन नेगी बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए। डाॅ. सुदर्शन नेगी ने कहा कि मधुमक्खी परागण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे फसलों का उत्पादन बढ़ता है। उन्होंने बताया कि बागवानी विभाग की ओर से व्यवसायिक मौन पालन को बढ़ावा देने के लिए 50 कॉलोनियों पर 1.76 लाख का अनुदान दिया जाता है। शिविर में मधुमक्खियों की प्रजातियां और उनकी देखभाल, मधु उत्पादन की आधुनिक तकनीक, रोग प्रबंधन एवं कॉलोनी की सुरक्षा, मधुमक्खी पालन के व्यवसायिक अवसर और सरकारी अनुदान योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर उद्यान विभाग के विषय विशेषज्ञ डॉ. अंजना चौहान, विषय विशेषज्ञ डॉ. कुशाल मेहता, उद्यान विकास अधिकारी डॉ. रीना कश्यप, डॉ. सुनील दत्त, डॉ. नवीन चलेन, प्रगतिशील मौन पालक बिहारी चौहान, सूरज चौहान और जशवंत चौहान भी उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू)। कोटखाई में सात दिवसीय व्यवसायिक मौन पालन शिविर वीरवार को संपन्न हो गया। शिविर का आयोजन बागवानी विभाग ने किया। इसमें प्रशिक्षुओं को मधुमक्खी पालन की वैज्ञानिक विधियों, परागण के महत्व और व्यवसायिक संभावनाओं पर प्रशिक्षण दिया। शिविर के समापन समारोह में उपनिदेशक उद्यान विभाग डॉ. सुदर्शन नेगी बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए। डाॅ. सुदर्शन नेगी ने कहा कि मधुमक्खी परागण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे फसलों का उत्पादन बढ़ता है। उन्होंने बताया कि बागवानी विभाग की ओर से व्यवसायिक मौन पालन को बढ़ावा देने के लिए 50 कॉलोनियों पर 1.76 लाख का अनुदान दिया जाता है। शिविर में मधुमक्खियों की प्रजातियां और उनकी देखभाल, मधु उत्पादन की आधुनिक तकनीक, रोग प्रबंधन एवं कॉलोनी की सुरक्षा, मधुमक्खी पालन के व्यवसायिक अवसर और सरकारी अनुदान योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर उद्यान विभाग के विषय विशेषज्ञ डॉ. अंजना चौहान, विषय विशेषज्ञ डॉ. कुशाल मेहता, उद्यान विकास अधिकारी डॉ. रीना कश्यप, डॉ. सुनील दत्त, डॉ. नवीन चलेन, प्रगतिशील मौन पालक बिहारी चौहान, सूरज चौहान और जशवंत चौहान भी उपस्थित रहे।