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सरस्वती नगर महाविद्यालय को नैक से मिला बी ग्रेड
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नेक टीम द्धारा मूल्यांकन में बी ग्रेड हासिल करने पीजी कालेज सरस्वतीनगर
- फोटो : RAMPUR-HP
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रोहडू़। लाल बहादुर शास्त्री राजकीय महाविद्यालय सरस्वतीनगर को राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (नैक) ने किए गए मूल्यांकन में बी ग्रेड प्राप्त किया है। नैक टीम ने इससे पहले वर्ष 2017 में महाविद्यालय का मूल्यांकन किया था। इस बार 2022 में पांच वर्षों के बाद सरस्वतीनगर महाविद्यालय का नैक ने दोबारा मूल्यांकन किया है।
मूल्यांकन के लिए सत्तर प्रतिशत डाटा नैक की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड किया था। शेष 30 प्रतिशत मूल्यांकन नैक की तीन सदस्यीय टीम ने किया। ये टीम 1 और 2 नवंबर को महाविद्यालय में मूल्यांकन के लिए आई थी। टीम के सदस्यों ने दो दिनों तक महाविद्यालय में उपलब्ध भौतिक सुविधाओं, कक्षाओं, उपकरणों और विभिन्न दस्तावेजों का गहनता से निरीक्षण किया और सभी मापदंडों और मानकों को जांचा।
प्रदेश में बहुत कम महाविद्यालय हैं, जिन्होंने नैक का ग्रेड एक बार प्राप्त करके पांच वर्षों के बाद पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया और सफलता से दोबारा प्रत्यायन करवाया है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रेम प्रकाश चौहान ने बताया कि नैक के ग्रेड का दोबारा प्रत्यायन करवाना एक जटिल प्रक्रिया है।
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इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन बहुत से अभिलेख और दस्तावेज तैयार करने पड़ते हैं। नैक के प्रत्यायन को सफल बनाने के लिए महाविद्यालय के शिक्षकों, गैर शिक्षकों, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों, महाविद्यालय में स्थापित विभिन्न इकाइयों के सदस्यों के साथ-साथ अन्य सभी छात्र-छात्राओं ने पूरे वर्ष कड़ी मेहनत की।
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मूल्यांकन के लिए सत्तर प्रतिशत डाटा नैक की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड किया था। शेष 30 प्रतिशत मूल्यांकन नैक की तीन सदस्यीय टीम ने किया। ये टीम 1 और 2 नवंबर को महाविद्यालय में मूल्यांकन के लिए आई थी। टीम के सदस्यों ने दो दिनों तक महाविद्यालय में उपलब्ध भौतिक सुविधाओं, कक्षाओं, उपकरणों और विभिन्न दस्तावेजों का गहनता से निरीक्षण किया और सभी मापदंडों और मानकों को जांचा।
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प्रदेश में बहुत कम महाविद्यालय हैं, जिन्होंने नैक का ग्रेड एक बार प्राप्त करके पांच वर्षों के बाद पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया और सफलता से दोबारा प्रत्यायन करवाया है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रेम प्रकाश चौहान ने बताया कि नैक के ग्रेड का दोबारा प्रत्यायन करवाना एक जटिल प्रक्रिया है।
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इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन बहुत से अभिलेख और दस्तावेज तैयार करने पड़ते हैं। नैक के प्रत्यायन को सफल बनाने के लिए महाविद्यालय के शिक्षकों, गैर शिक्षकों, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों, महाविद्यालय में स्थापित विभिन्न इकाइयों के सदस्यों के साथ-साथ अन्य सभी छात्र-छात्राओं ने पूरे वर्ष कड़ी मेहनत की।