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देव आगमन के साथ नित्थर का ऐतिहासिक रोवा मेला शुरू
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नित्थर का प्रसिद्ध रोवा मेला देवताओं के आगमन से शुरू
- फोटो : RAMPUR-HP
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नित्थर (कुल्लू)। उपतहसील नित्थर की ग्राम पंचायत कुठेड़ में दो दिवसीय रोवा मेले का आगाज क्षेत्र के आराध्य देवता साहिब कुई कंडा के आगमन से हुआ। मेले में स्थानीय देवता सहित देवता साहिब तांदी नाग और शाणी की दुर्गा माता ने भी शिरकत की। मेला आयोजन कमेटी ने सभी देवताओं का मेले में पहुंचने पर स्वागत किया और इसका विधिवत शुभारंभ हुआ।
देवता साहिब कुई कंडा की पावन धरती रोवा में सजने वाले दो दिवसीय मेले में क्षेत्र के हजारों लोग शिरकत कर रहे हैं। देवता साहिब तांदी नाग और माता दुर्गा शाणी मेले की भव्यता बढ़ाते हैं और क्षेत्र के लोगों को दर्शन देते हैं। स्थानीय लोग इस मेले में देवताओं की पूजा-अर्चना कर उनकी स्तुति करते हैं। इस मेले का मुख्य आकर्षण कुल्लू की पारंपरिक वेशभूषा में चोगा कलगी पहने ग्रामीणों का नृत्य रहता है।
वीरवार को खराब मौसम के बाद भी ढोल, नगाड़ों और शहनाई की मधुर धह्ननों पर ग्रामीणों ने नाटी लगाई। दिन भर पारंपरिक लोकगीतों पर ग्रामीण झूमते रहे। यह मेला सदियों से मनाया जा रहा है। यह स्थान सड़क से करीब एक किलोमीटर दूरी पर है और देवदार के वृक्षों से घिरा है।
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मेले में दूर-दूर से लोग पहुंचकर प्रकृति के मनोरम दृश्यों सहित देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। बारिश के बावजूद भी लोगों ने देव परंपरा का पूरे उत्साह से निर्वहन किया। मेला कमेटी अध्यक्ष दिलीप ठाकुर, उपाध्यक्ष चेतन ठाकुर, गोविंद शर्मा ने बताया कि हर वर्ष इस मेले का धूमधाम से आयोजन किया जाता है।
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देवता साहिब कुई कंडा की पावन धरती रोवा में सजने वाले दो दिवसीय मेले में क्षेत्र के हजारों लोग शिरकत कर रहे हैं। देवता साहिब तांदी नाग और माता दुर्गा शाणी मेले की भव्यता बढ़ाते हैं और क्षेत्र के लोगों को दर्शन देते हैं। स्थानीय लोग इस मेले में देवताओं की पूजा-अर्चना कर उनकी स्तुति करते हैं। इस मेले का मुख्य आकर्षण कुल्लू की पारंपरिक वेशभूषा में चोगा कलगी पहने ग्रामीणों का नृत्य रहता है।
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वीरवार को खराब मौसम के बाद भी ढोल, नगाड़ों और शहनाई की मधुर धह्ननों पर ग्रामीणों ने नाटी लगाई। दिन भर पारंपरिक लोकगीतों पर ग्रामीण झूमते रहे। यह मेला सदियों से मनाया जा रहा है। यह स्थान सड़क से करीब एक किलोमीटर दूरी पर है और देवदार के वृक्षों से घिरा है।
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मेले में दूर-दूर से लोग पहुंचकर प्रकृति के मनोरम दृश्यों सहित देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। बारिश के बावजूद भी लोगों ने देव परंपरा का पूरे उत्साह से निर्वहन किया। मेला कमेटी अध्यक्ष दिलीप ठाकुर, उपाध्यक्ष चेतन ठाकुर, गोविंद शर्मा ने बताया कि हर वर्ष इस मेले का धूमधाम से आयोजन किया जाता है।